फिरोजपुर में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के चतुर्थ दिवस में आचार्य पंडित परशुराम शुक्ल जी ने भगवान श्री कृष्ण के दिव्या जन्म का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया

(पंजाब) फिरोजपुर 14 मार्च [कैलाश शर्मा जिला विशेष संवाददाता]=
फिरोजपुर शहर की एकता नगर कॉलोनी हॉल में आयोजित पावन श्रीमद् भागवत कथा के चतुर्थ दिवस पर कथा व्यास आचार्य पंडित परशुराम शुक्ल जी महाराज, श्री धाम वृंदावन ने भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य जन्म का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया। कथा में बताया गया कि जब पृथ्वी पर अधर्म और अत्याचार बढ़ गया, तब धर्म की रक्षा और भक्तों के उद्धार के लिए भगवान श्रीकृष्ण ने मथुरा की कारागार में माता देवकी के गर्भ से अवतार लिया।
कथा व्यास जी ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का अवतार अधर्म के नाश और धर्म की स्थापना के लिए हुआ। आधी रात के समय भगवान के प्राकट्य के साथ ही सम्पूर्ण वातावरण आनंद और उल्लास से भर गया। वसुदेव जी बालक कृष्ण को यमुना नदी पार कर गोकुल में नंद बाबा के घर ले गए, जहाँ उनका पालन-पोषण हुआ।
कथा के दौरान श्रद्धालु “नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” के जयकारों से झूम उठे और पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन कर भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर कथा श्रवण किया और प्रभु भक्ति में लीन रहे।
आयोजकों में मुख्य रूप से श्री अमित शर्मा (निवासी गुरु नगर), डॉ. युवराज नारंग, श्री राजेश सचदेवा व समस्त नगरवासी उपस्थित रहे।




