डिजिटल दौर में अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग बहुत जरूरी : प्रो. सोमनाथ सचदेवा

केयू और ईसीए (ऑस्ट्रेलिया) के बीच अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग पर अहम बैठक।
कुरुक्षेत्र, (प्रमोद कौशिक) 19 जनवरी : कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा की अध्यक्षता में सोमवार को कमेटी कक्ष में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शैक्षणिक विस्तार की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए ’एजुकेशन सेंटर ऑफ ऑस्ट्रेलिया’ के साथ एक महत्वपूर्ण ऑनलाइन चर्चा आयोजित की। जिसका मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और यूजीसी विनियम 2022 के तहत वैश्विक साझेदारी को बढ़ावा देना था। इस अवसर पर कुवि कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि डिजिटल दौर में अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग बहुत जरूरी है। उन्होंने ’ग्लोबल पाथवे प्रोग्राम’ पर विशेष जोर देते हुए कहा कि अब कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के छात्र अपनी डिग्री का एक हिस्सा भारत में और शेष हिस्सा ऑस्ट्रेलिया में ईसीए के साझेदार संस्थानों में पूरा कर सकेंगे। इससे छात्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा के साथ-साथ विदेशी कार्य-संस्कृति का अनुभव भी प्राप्त होगा। कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि यह सहयोग विश्वविद्यालय के विजन 2030 और नई शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप है। इससे विश्वविद्यालय की अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में सुधार होगा और यहाँ के छात्रों को वैश्विक रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे।
बैठक में एजुकेशन सेंटर ऑफ ऑस्ट्रेलिया ने अपने उन्नत डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म और स्डै (लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम) का प्रदर्शन किया। बैठक में इस तकनीक का उपयोग करके केयू के छात्रों को वैश्विक स्तर की अध्ययन सामग्री, ऑनलाइन संसाधन और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों के साथ सीधे जुड़ने का अवसर प्रदान करने की जानकारी भी दी गई। यह प्लेटफॉर्म छात्रों की प्रगति की निगरानी और इंटरैक्टिव शिक्षा में मील का पत्थर साबित होगा। इसके साथ ही बैठक में यूजीसी के नवीनतम नियमों के अनुसार, ट्विनिंग और डुअल डिग्री प्रोग्राम पर सहमति बनी। इसके तहत छात्र विदेशी संस्थान से 30 प्रतिशत तक क्रेडिट प्राप्त कर सकेंगे, जिससे उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त डिग्री प्राप्त करने में आसानी होगी। इस बैठक में कुवि कुलसचिव डॉ. वीरेन्द्र पाल, केयू डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. राकेश कुमार, डीन ऑफ कॉलेजिज प्रो. ब्रजेश साहनी, प्रो. सुनील ढींगरा, डीन फैकल्टी ऑफ लॉ प्रो. प्रीति जैन, प्रो. विनोद कुमार, प्रो. मोहिन्द्र चांद सहित विभिन्न संकायों के डीन तथा दूरस्थ एवं ऑनलाइन शिक्षा केन्द्र की निदेशिका प्रो. मंजूला चौधरी मौजूद रही। वहीं एजुकेशन सेंटर ऑफ ऑस्ट्रेलिया की ओर से समूह सीईओ रूपेश सिंह, राहुल जेठी (मुख्य सलाहकार-भारत), गेविन डॉलिंग (यूके), स्टीव बेरीड और मैथ्यू रीड (सीओओ-ओपन लर्निंग) ने भाग लिया ।
केयू एवं ऑस्ट्रेलिया के शोधार्थी मिलकर करेंगे काम।
केयू दूरवर्ती एवं ऑनलाइन शिक्षा केन्द्र की निदेशिका प्रो. मंजूला चौधरी ने कहा कि पीएचडी छात्रों के लिए संयुक्त पर्यवेक्षण की योजना बनाई गई है, जहाँ केयू और ऑस्ट्रेलियाई संस्थानों के शोधकर्ता मिलकर काम करेंगे। उन्होंने कहा कि बैठक मेंएक सुचारू क्रेडिट ट्रांसफर तंत्र विकसित करने पर चर्चा हुई, जिसमें छात्र विदेशी संस्थान से 30 प्रतिशत तक क्रेडिट प्राप्त कर सकेंगे। वहीं विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई का कुछ हिस्सा ऑस्ट्रेलिया में पूरा करने का अवसर मिलेगा, जिससे उनकी वैश्विक रोजगार क्षमता बढ़ेगी।



