एनएसएस केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की एक सशक्त प्रक्रियाः प्रो. वीरेन्द्र पाल

कुवि की एनएसएस इकाई-3 का सात दिवसीय विशेष शिविर ग्राम नरकातारी में प्रारंभ’
कुरुक्षेत्र, (प्रमोद कौशिक) 4 फरवरी : कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के विश्वविद्यालय शिक्षण विभाग(यूटीडी) की एनएसएस इकाई-3 द्वारा आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर का शुभारंभ बुधवार को कुरुक्षेत्र के गांव नरकातारी में उत्साहपूर्ण एवं गरिमामय वातावरण में प्रारंभ किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विश्वविद्यालय के कुलसचिव लेफ्टिनेंट प्रो. वीरेंद्र पाल ने स्वयंसेवकों एवं ग्रामवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि एनएसएस केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की एक सशक्त प्रक्रिया है। प्रो. वीरेन्द्र पाल ने कहा कि एनएसएस के माध्यम से विद्यार्थी सामाजिक सरोकारों से जुड़ते हैं और उनमें अनुशासन, सेवा-भाव, नेतृत्व क्षमता तथा संवेदनशील नागरिक बनने के गुण विकसित होते हैं। उन्होंने ग्रामीण विकास में युवाओं की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि ऐसे शिविर समाज और विश्वविद्यालय के बीच सेतु का कार्य करते हैं।
कार्यक्रम में छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. ए. आर. चौधरी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि एनएसएस विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का सशक्त माध्यम है, जो उन्हें पुस्तकीय ज्ञान से आगे बढ़कर व्यावहारिक जीवन की चुनौतियों से रूबरू कराता है। प्रो. चौधरी ने स्वयंसेवकों को अनुशासन, समयबद्धता और समर्पण के साथ शिविर की सभी गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया तथा कहा कि सामाजिक परिवर्तन की शुरुआत छोटे प्रयासों से होती है।
विशिष्ट अतिथि के रूप में ग्राम नरकातारी के सरपंच केहर सिंह ने एनएसएस दल का स्वागत करते हुए इस पहल की सराहना की तथा ग्राम की ओर से पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। प्रारंभिक सत्र में डॉ. निधि माथुर, कार्यक्रम अधिकारी ने शिविर की रूपरेखा एवं उद्देश्यों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शिविर के सातों दिनों में विभिन्न सामाजिक विषयों पर जागरूकता, प्रशिक्षण तथा सामुदायिक सहभागिता से संबंधित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। दोपहर के भोजन उपरांत स्वयंसेवकों द्वारा टीम-निर्माण गतिविधियां आयोजित की गईं, जिनका उद्देश्य आपसी समन्वय, सहयोग एवं नेतृत्व कौशल का विकास करना रहा। इसके पश्चात एनएसएस स्वयंसेवकों ने गांव में जागरूकता रैली निकाली, जिसे प्रो. ए.आर. चौधरी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली के दौरान स्वच्छता, नशा मुक्ति, पर्यावरण संरक्षण तथा ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ जैसे सामाजिक विषयों पर जागरूकता संदेश दिए गए। ग्रामवासियों ने रैली का उत्साहपूर्वक स्वागत करते हुए एनएसएस के इस प्रयास की सराहना की। रैली के उपरांत सभी एनएसएस स्वयंसेवकों ने विश्वविद्यालय परिसर में द्वितीय द्वार से तृतीय द्वार तक स्वच्छता अभियान चलाकर साफ-सफाई की तथा पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। एनएसएस स्वयंसेवकों में शिविर के प्रति विशेष उत्साह एवं समर्पण देखा गया, जो आगामी दिनों में प्रभावी गतिविधियों के सफल आयोजन का संकेत देता है।




