
थानेसर, प्रमोद कौशिक/संजीव कुमारी 12 अप्रैल : श्री दुर्गा देवी मंदिर पिपली, कुरुक्षेत्र के पीठाधीश और समर्थगुरु धारा हिमाचल के ज़ोनल कोऑर्डिनेटर आचार्य डॉ. सुरेश मिश्रा ने बताया कि समर्थगुरु धाम मुरथल हरियाणा के संस्थापक समर्थगुरु सिद्धार्थ औलिया के सान्निध्य में माधोपुर महोत्सव के छठे दिन “वर्तमान उपनिषद” की दिव्य चर्चा में अहोभाव, आत्म भाव, ब्रह्मभाव और प्रेम भाव का विशेष महत्त्व बताया गया है। विशेष अमूल्य सूत्र साधकों के लिए मार्गदर्शक बन गए। “वर्तमान उपनिषद” और फीडबैक सत्र के समापन पर सभी साधकों ने आनंद, उमंग, उत्साह और कृतज्ञता के साथ धूमधाम से उत्सव मनाया।
विशेष सिद्धार्थ ध्यान योग कार्यक्रम जम्मू में 11 अप्रैल से 13 अप्रैल 2026 हो रहा है। आदरणीय समर्थगुरु सिद्धार्थ औलिया का जम्मू पहुँचने पर समर्थगुरु धारा मैत्री संघ जम्मू कश्मीर के कोऑर्डिनेटर आचार्य डॉ. विजय शर्मा और जम्मू साधकों की टीम ने भव्य एवं हृदयस्पर्शी स्वागत किया गया।
शाम के समय समर्थगुरू जी के आगमन पर पूरा वातावरण श्रद्धा, भक्ति, प्रेम और उत्साह से भर गया। स्वागत की गरिमा और दिव्य ऊर्जा ने सभी उपस्थित साधकों के मन को आनंद से भर दिया।
त्रिदिवसीय “सिद्धार्थ ध्यान योग” कार्यक्रम में लगभग 400 साधक सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं और गहन ध्यान, साधना एवं आत्मिक उन्नति का अनुभव कर रहे हैं।
आदरणीय समर्थगुरु ने साधकों को ओंकार दीक्षा प्रदान की। आध्यात्मिक पथ में ओंकार दीक्षा का बहुत महत्त्व है।
ट्विटर के माध्यम से आदरणीय समर्थगुरू ने आज बताया कि जो है, वह तुम हो। जो हो रहा है, वह प्रभु की लीला है, खेल है, तमाशा है। साक्षी होकर खेल का स्वीकार करो और मज़ा लो।
रामायण या गीता पढ़ लो, जीवन का पथ रोशन होता।
पर मजा जिंदगी का आता, सद्गुरु का जब दर्शन होता।
तुम चाहे जितने सूत्र रटो,पर काम न आता शास्त्र अहो।
अथ सद्गुरू शरणं गच्छामि, गोविंदं शरणं गच्छामि।
इस पावन शुभ अवसर पर समर्थगुरु धाम की मुख्य सचिव मां मीराबाई, समर्थगुरू धाम के केंद्रीय संयोजक आचार्य दर्शन, समर्थगुरु धाम पंजाब के कोऑर्डिनेटर आचार्य डॉ. मुनीश, समर्थगुरु धाम पंजाब के कोऑर्डिनेटर आचार्य सुभाष, आचार्य गोपाल, आचार्य अमोल, स्वामी सुशील के साथ अनेक साधक अपने परिवार के साथ उपस्थित रहें।


