अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर साकार संस्था द्वारा संचालित तीन साक्षरता केन्द्रों में लगभग 155 महिलाओं एवं किशोरियों के साथ विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से मनाया महिला दिवस

दीपक शर्मा (जिला संवाददाता )
बरेली : अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर साकार संस्था द्वारा संचालित तीन साक्षरता केंद्रों—ब्लॉक क्यारा के ग्राम टांडा, ब्लॉक फतेहगंज पश्चिमी के ग्राम मीरापुर तथा शहर की बस्ती बिहारीपुर—में लगभग 155 महिलाओं एवं किशोरियों के साथ विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से महिला दिवस मनाया गया।
यह कार्यक्रम साकार संस्था द्वारा मिलान और प्रोजेक्ट बाला के सहयोग से आयोजित किया गया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के पाँच जिलों—वाराणसी, जौनपुर, प्रतापगढ़, बरेली और सोनभद्र—में 5000 से अधिक किशोरियों व महिलाओं के साथ भी महिला दिवस के कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और किशोरियों को शिक्षा, अधिकारों तथा आत्मविश्वास के प्रति जागरूक करना था।
महिला दिवस के उपलक्ष्य में विभिन्न केंद्रों पर कई प्रेरणादायक गतिविधियाँ आयोजित की गईं। एकता किशोरी सेंटर, टांडा में किशोरियों को प्रेरित करने के लिए स्थानीय आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता भी कार्यक्रम में शामिल हुईं। उन्होंने अपने संघर्षों की कहानियाँ साझा करते हुए किशोरियों को शिक्षा के प्रति निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। साथ ही किशोरियों के साथ स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर प्रश्न-उत्तर सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें किशोरियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
चाहत किशोरी सेंटर, बिहारीपुर में किशोरियों को “रूप-रंग” नामक प्रेरणादायक फिल्म दिखाई गई। इस फिल्म के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि किसी लड़की या महिला की पहचान उसके रंग-रूप से नहीं, बल्कि उसकी शिक्षा, मेहनत और आत्मविश्वास से होती है।
फिल्म प्रदर्शन के बाद किशोरियों को भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के जीवन के बारे में जानकारी दी गई और उनकी प्रेरणादायक जीवन यात्रा साझा की गई। साथ ही सावित्रीबाई फुले, कस्तूरबा गांधी और मलाला यूसुफजई जैसी संघर्षशील महिलाओं की कहानियाँ भी बताई गईं। किशोरियों को यह भी समझाया गया कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद शिक्षा और मेहनत के बल पर महिलाएँ देश के सर्वोच्च पद तक पहुँच सकती हैं।
कार्यक्रम के दौरान बरेली की संघर्षशील महिलाओं के बारे में भी जानकारी दी गई तथा यह भी बताया गया कि साकार संस्था का संचालन भी दो महिलाओं द्वारा किया जा रहा है। इस चर्चा से किशोरियाँ काफी प्रेरित हुईं।
इसके अतिरिक्त सामान्य ज्ञान पर आधारित प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम भी आयोजित किया गया, जिसमें सही उत्तर देने वाली किशोरियों का उत्साहवर्धन किया गया।
कार्यक्रम के दौरान इस वर्ष की थीम “Give To Gain” पर विशेष चर्चा की गई। किशोरियों और महिलाओं को बताया गया कि इस थीम का अर्थ है—देने से ही पाना। जब समाज महिलाओं को शिक्षा, अवसर और सम्मान देता है, तो महिलाएँ न केवल अपने जीवन को सशक्त बनाती हैं बल्कि पूरे परिवार और समाज के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
कार्यक्रम के संचालन में संस्था के शिक्षक वीरपाल, संगीता और हिमानी का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने महिला सशक्तिकरण के संदेश को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।




