कुवि शोधार्थियों को देगा रिसर्च अवार्ड : प्रो. सोमनाथ सचदेवा

कुवि कोर्ट की बैठक में 746 करोड़ 62 लाख 86 हजार रूपये का बजट पारित।
कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई विश्वविद्यालय की 77वीं कोर्ट बैठक।
कुरुक्षेत्र, (प्रमोद कौशिक/अमित)16 फरवरी : कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के सीनेट हॉल में सोमवार को विश्वविद्यालय कोर्ट की 77वीं में बैठक (आनलाइन व ऑफलाइन) कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर सोमनाथ सचदेवा की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस अवसर पर कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय द्वारा शोधार्थियों को प्रोत्साहित करने एवं उच्च गुणवत्ता वाले अनुसंधान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से “रिसर्च अवॉर्ड” की शुरुआत की जाएगी, ताकि युवा शोधकर्ताओं को नवाचार, उत्कृष्टता और समाजोपयोगी शोध के लिए सम्मानित एवं प्रेरित किया जा सके।
केयू कोर्ट में विश्वविद्यालय के वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 746 करोड़ 62 लाख 86 हजार रूपये का वार्षिक बजट पारित किया, जिसे पूर्व में गुरुवार को कार्यकारिणी परिषद द्वारा भी अनुमोदित किया गया था। कोर्ट की बैठक में लोक सम्पर्क विभाग द्वारा तैयार की गई वार्षिक रिपोर्ट 2025 को भी पारित किया गया।
इस अवसर पर कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने पीपीटी के माध्यम से कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की शोध, सांस्कृतिक, शैक्षणिक व खेल उपलब्धियों के बारे में बताते हुए कहा कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय को नैक मूल्यांकन के बाद सबसे उच्चतम ग्रेड ए-प्लस-प्लस यूनिवर्सिटी होने का गौरव प्राप्त हुआ है। इसके साथ ही कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ने देश में सर्वप्रथम एनईपी- 2020 को इसके सभी प्रावधानों के साथ लागू किया है। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय को पूरे देश में सर्वप्रथम राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (एनईपी-2020) के प्रभावी एवं पूर्ण क्रियान्वयन के लिए हरियाणा सरकार द्वारा प्रतिष्ठित ‘प्लेटिनम अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया है।
कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय शैक्षणिक, खेल, संस्कृति एवं शोध के क्षेत्र में निरंतर नए आयाम स्थापित कर रहा है। एनआईआरएफ रैंकिंग 2025 में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ने राज्य सार्वजनिक विश्वविद्यालय श्रेणी में 35वां स्थान हासिल किया है। कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय द्वारा एनईपी के तहत् चलाए जा रहे विभिन्न ऑनलाइन प्रोग्राम में 10 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने पंजीकरण किया है।
इस बैठक में कुलसचिव प्रो. वीरेन्द्र पॉल, डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. राकेश कुमार, डीन ऑफ कॉलेजिज प्रो. ब्रजेश साहनी, छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. एआर चौधरी, प्रो. मोहिन्द्र चांद, प्रो. डीएस राणा, प्रो. संजीव बंसल, प्रो. विनोद कुमार, प्रो. राजेश्वरी, डॉ. वी.एम, मूर्ति, प्रो. आरके मोदगिल, प्रो. सुनीता सिरोहा, वित्त अधिकारी कंचन बाला, प्रो. सुनील ढींगरा, प्रो. उषा रानी, लोक सम्पर्क विभाग के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया, उप-निदेशिका डॉ. जिम्मी शर्मा, डॉ. रमेश कुमार, परीक्षा नियंत्रक डॉ. अंकेश्वर प्रकाश, डॉ. चेतन शर्मा, डॉ. सुमनबाला, डॉ. पूजा, डॉ. प्रवीन गर्ग, डॉ. सत्यकाम गर्ग, कुलगुरु के ओएसडी पवन रोहिला, उप- कुलसचिव विनोद वर्मा सहित कोर्ट के सदस्य मौजूद थे। इसके अतिरिक्त बैठक में एमएलए शक्ति रानी शर्मा, डॉ. अजीत सिंह, डॉ. सुशील कुमार तोमर, डॉ. दिनेश कुमार, डॉ. रोहित, डॉ. प्रवीन वत्स, डॉ. सुमन बाला ने आनलाईन भागीदारी की।
डॉ. संदीप कुमार व डॉ. महेन्द्र कुमार चुने गए एकेडमिक काउंसिल के सदस्य।
कोर्ट की बैठक में सर्वसम्मति से डॉ. संदीप कुमार व डॉ. महेन्द्र कुमार को एकेडमिक काउंसिल का सदस्य चुना गया व इसके साथ ही बैठक में कोर्ट के नए सदस्यों का स्वागत भी किया गया। दोनों शिक्षाविदों के चयन पर सदन में उपस्थित सदस्यों ने हर्ष व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि उनके शैक्षणिक अनुभव, शोध दृष्टि और प्रशासनिक समझ से विश्वविद्यालय की अकादमिक गुणवत्ता को नई दिशा मिलेगी।




