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सुंदरकांड का पाठ करने से मन को शांति व तन को ऊर्जा मिलती है : “पंजाब रत्न” मनप्रीत कौर

सेंट्रल डेस्क संपादक – वैद्य पण्डित प्रमोद कौशिक।
ब्यूरो चीफ – डॉ. गोपाल चतुर्वेदी।

वृन्दावन, 9 फरवरी : गांधी मार्ग स्थित परमहंस आश्रम में संकट मोचन सेना (महिला प्रकोष्ठ) पंजाब व मां सीता रसोई के संयुक्त तत्वावधान में मां सीता रसोई के प्रबन्धक आचार्य अशुंल शर्मा के विवाह की वर्षगांठ के उपलक्ष्य में सुंदर काण्ड का संगीतमय सामूहिक पाठ किया गया।जिसमें कई प्रख्यात सन्तों, विद्वानों, धर्माचार्यों एवं तमाम भक्तों-श्रद्धालुओं ने भी बढ़-चढ़ कर भाग लिया।
मां सीता रसोई की संचालिका “पंजाब रत्न” बहिन मनप्रीत कौर (लुधियाना) ने कहा कि सुंदरकांड का पाठ करने से तन को ऊर्जा व मन को शांति मिलती है।श्रीहनुमानजी महाराज समस्त सद्गुणों की खान हैं। उनमें वीरता, स्वामी भक्ति, बुद्धि-ज्ञान आदि का भंडार है।जो व्यक्ति जिस कामना से उनकी पूजा-अर्चना करता है,उसकी कामना वे निश्चित ही पूर्ण करते हैं। भगवताचार्य सुमंत कृष्ण शास्त्री एवं श्रीहनुमद् आराधन मण्डल के अध्यक्ष अशोक व्यास ने कहा कि सुंदरकांड का पाठ सभी बाधाओं को दूर करने वाला है।इस पाठ को करने से श्रीहनुमानजी महाराज शीघ्र ही प्रसन्न होकर भक्तों को मनवांछित फल प्रदान करते हैं।
प्रख्यात साहित्यकार “यूपी रत्न” डॉ. गोपाल चतुर्वेदी एवं
प्रमुख समाजसेवी पण्डित बिहारीलाल वशिष्ठ ने कहा कि श्रीहनुमानजी महाराज भक्ति शिरोमणि हैं।कलिकाल में श्रीहनुमानजी की आराधना के बिना भगवान श्रीरामजी की भक्ति प्राप्त कर पाना असम्भव है।
कार्यक्रम के अंतर्गत मां सीता रसोई के प्रबन्धक
आचार्य अंशुल शर्मा व उनकी धर्मपत्नी श्रीमती भारती शर्मा के विवाह की 11 वीं वर्षगांठ पर सभी के द्वारा उनका सम्मान किया गया।साथ ही बधाइयां दी गई।
इसके अलावा आचार्य प्रथमेश लाल गोस्वामी के द्वारा होली के रसियाओं का संगीत की मृदुल स्वर लहरियों के मध्य गायन किया गया।
कार्यक्रम में बल्देव स्थित दाऊजी मंदिर के रिसीवर आर.के. पाण्डेय, आचार्य विनय त्रिपाठी, संगीताचार्य पण्डित बनवारी महाराज, आचार्य नेत्रपाल शास्त्री, आचार्य डॉ. रामविलास चतुर्वेदी, सन्त रसिया बाबा महाराज, आचार्य विमल कृष्ण पाठक, आचार्य अश्विनी मिश्रा, सन्त रामदास महाराज (अयोध्या), पण्डित बिहारीलाल शास्त्री, प्रख्यात चित्रकार “यूपी रत्न” द्वारिका आनन्द, पण्डित आर.एन. द्विवेदी (राजू भैया), युवा साहित्यकार डॉ. राधाकांत शर्मा, आचार्य युगल किशोर कटारे, चैतन्य किशोर कटारे, आचार्य मुकेश मोहन शास्त्री, धर्मवीर शास्त्री, आचार्य ईश्वरचन्द्र रावत, डॉ. राम वैद्य, पण्डित राजेश पाठक आदि के अलावा विभिन्न क्षेत्रों के तमाम गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।कार्यक्रम का समापन सन्त, ब्रजवासी, वैष्णव सेवा एवं वृहद भंडारे के साथ हुआ।जिसमें सैकड़ों व्यक्तियों ने भोजन प्रसाद ग्रहण किया।

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