अध्यात्म आत्मा का अध्ययन है : समर्थगुरू सिद्धार्थ औलिया

कुरुक्षेत्र (पिपली, प्रमोद कौशिक/उमेश गर्ग) : श्री दुर्गा देवी मंदिर पिपली, कुरुक्षेत्र के पीठाधीश और समर्थगुरु धारा हिमाचल के ज़ोनल कोऑर्डिनेटर आचार्य डॉ. सुरेश मिश्रा ने बताया कि वेद निकेतन ऋषिकेश में आदरणीय समर्थगुरू सिद्धार्थ औलिया जी के सान्निध्य में अध्यात्म उपनिषद और त्रिदिवसीय सिद्धार्थ ध्यान योग कार्यक्रम 20 से 22 फरवरी 2026 तक हुआ।
आदरणीय समर्थगुरू सिद्धार्थ औलिया जी ने बताया कि अध्यात्म आत्मा का अध्ययन है। आध्यात्मिक पथ के चार मुख्य सोपान है : शास्त्रत :, सत्संगत : , गुरुत : और स्वत :।
साधकों ने उमंग और उत्साह के साथ ध्यान,योग,कीर्तन और सत्संग का आनंद लिया और आध्यात्मिक पथ पर चलने का शुभ अवसर प्राप्त किया।
आचार्य कुलदीप, आचार्य दलशेर और आचार्य रवि ने साधकों के कल्याण हेतु सम्यक दृष्टि,सम्यक खोज, सम्यक जागृति, सम्यक कर्म और सम्यक ध्यान के सुंदर सत्र लिए है । समर्थगुरू धारा टीम ने बहुत सुंदर व्यवस्था की थी ।
साधकों को ओंकार दीक्षा भी प्रदान की गई।
समर्थगुरु धाम, मुरथल आश्रम में सुंदर आध्यात्मिक वातावरण है जिसका नेतृत्व समर्थगुरु सिद्धार्थ औलिया जी करते हैं ।
परम गुरु ओशो को संपूर्णता से समझने के लिए पृथ्वी के बैकुंठ अध्यात्म की यूनिवर्सिटी समर्थगुरु धारा, मुरथल , हरियाणा में में सभी सच्चे प्यासे साधकों का हार्दिक स्वागत है। ऋषिकेश में समर्थगुरू सिद्धार्थ औलिया ने महामंडलेश्वर अवधूत बाबा अरुण गिरी महाराज जी से भेंट की जिन्हें एनवायरनमेंट बाबा भी कहा जाता है। समर्थगुरु द्वारा रचित ‘अध्यात्म उपनिषद्’ के सत्र में वह शामिल हुए और साधकों को संबोधित भी किया।
इस शुभ अवसर पर राजस्थान के कोऑर्डिनेटर मुकेश, महाराष्ट्र के कोऑर्डिनेटर विक्रम,महिला सशक्तिकरण के कोऑर्डिनेटर डॉ. रचना अग्रवाल,आचार्य नीलम,गुरदीप दसुआ, स्वामी राजू, स्वामी सुशील,मिडिया प्रभारी संदीप नैन और समर्थगुरु की सचिव मीराबाई सहित साधकों ने उमंग उत्साह के साथ भाग लिया।




