संघर्ष, साहस और सपनों की उड़ानः सलिल सिंह की फिल्म ने बयां की कलाकारों की असली कहानी

8वें हरियाणा इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में ‘बैंड बाजा और सितारा’ के निर्देशक व अभिनेत्री ने साझा किए संघर्ष और सफलता के अनुभव।
कुरुक्षेत्र, प्रमोद कौशिक 28 मार्च : कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में युवा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग द्वारा संस्कृति सोसाइटी फॉर आर्ट एंड कल्चरल डेवलपमेंट, कुरुक्षेत्र के सहयोग से आयोजित 8वें हरियाणा अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में सिनेमा के विविध रंग देखने को मिल रहे हैं। इसी क्रम में शनिवार को फिल्म ‘बैंड बाजा और सितारा’ के निर्देशक सलिल सिंह और मुख्य अभिनेत्री तीव्रता तिवारी ने विशेष सत्र में भाग लेकर अपने अनुभव साझा किए और युवाओं को प्रेरित किया। इस दौरान निर्देशक सलिल सिंह ने कहा कि उनकी फिल्म केवल सफलता की कहानी नहीं, बल्कि उन कलाकारों के संघर्ष की कहानी है जो हर दिन अपनी पहचान बनाने के लिए लड़ते हैं। उन्होंने कहा कि हम अक्सर केवल विजेताओं की बात करते हैं, लेकिन उनकी फिल्म उन लोगों की कहानी को सामने लाती है जो हार के बाद भी दोबारा उठ खड़े होने का साहस रखते हैं।
सलिल सिंह ने अपने शुरुआती संघर्षों का जिक्र करते हुए बताया कि वर्ष 2016-17 में जब उन्होंने अपने करियर की शुरुआत की थी, तब उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि एक दिन उनकी फिल्म बड़े पर्दे पर दिखाई जाएगी। उन्होंने अपनी आगामी फिल्म ‘कल्पना और यथार्थ’ का भी उल्लेख किया, जो जल्द ही अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सवों और ओटीटी प्लेटफॉर्म पर प्रदर्शित होगी।
वहीं फिल्म की मुख्य अभिनेत्री तीव्रता तिवारी ने वकालत से अभिनय तक के अपने सफर को साझा करते हुए कहा कि मुंबई में अपने लिए जगह बनाना आसान नहीं होता। उन्होंने बताया कि अभिनय के क्षेत्र में हर दिन नए ऑडिशन और चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, लेकिन अपने जुनून और मेहनत के बल पर उन्होंने यह राह चुनी।
उन्होंने कहा कि वह हमेशा से अपनी भावनाओं को अभिनय के माध्यम से व्यक्त करना चाहती थीं और इसी इच्छा ने उन्हें फिल्म इंडस्ट्री की ओर आकर्षित किया।
दोनों कलाकारों ने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित इस फिल्म फेस्टिवल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे मंच युवाओं और उभरते कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का उत्कृष्ट अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को संदेश दिया कि वे अपने सपनों का पीछा करना कभी न छोड़ें और असफलता से घबराए बिना आगे बढ़ते रहें।
इस अवसर पर युवा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग के निदेशक प्रो. विवेक चावला, फेस्टिवल निदेशक धर्मेन्द्र डांगी, डॉ. सलोनी पी दिवान, डॉ. आबिद अली सहित शिक्षक व विद्यार्थी मौजूद थे।




