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दिव्या ज्योति जागृती संस्थान की ओर से लोहड़ी और माधी का पवित्र त्यौहार आध्यात्मिक उत्साह के साथ मनाया गया

(पंजाब) फिरोजपुर 12 जनवरी [कैलाश शर्मा जिला विशेष संवाददाता]=

फिरोजपुर में दिव्य ज्योति जागृति संस्थान के स्थानीय आश्रम में लोहड़ी और माघी का पवित्र त्योहार आध्यात्मिक उत्साह के साथ मनाया गया। इस विशेष कार्यक्रम के दौरान, सर्व श्री आशुतोष महाराज जी की परम शिष्या साध्वी करमाली भारती जी ने लोगों को संबोधित करते हुए लोहड़ी और माघी के असली आध्यात्मिक महत्व पर रोशनी डाली।
साध्वी करमाली भारती जी ने कहा कि लोहड़ी सिर्फ आग के चक्कर लगाने या मिठाई बांटने का त्योहार नहीं है, बल्कि यह इंसान के अंदर मौजूद काम, क्रोध, लोभ, मोह और अहंकार जैसी बुराइयों को जलाकर जीवन को पवित्र और पावन बनाने का संदेश देता है। आग उस आध्यात्मिक रोशनी का प्रतीक है, जो पूर्ण गुरु की कृपा से इंसान के अंदर ज्योति रूप में प्रकट होती है और अंधेरे को दूर करती है।
उन्होंने आगे कहा कि माघी का त्योहार त्याग, बलिदान और सेवा की प्रेरणा देता है। यह दिन इंसान को अपने जीवन की दिशा देखने और गुरु के दिखाए रास्ते पर आगे बढ़ने का मौका देता है। जब इंसान आध्यात्मिक ज्ञान से जुड़ता है, तभी उसे त्योहारों की असली खुशी और अहमियत समझ में आती है। प्रोग्राम के दौरान बच्चों ने भांगड़ा, गिद्दा, नाटक और डांस जैसी मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। इन प्रस्तुतियों के ज़रिए बच्चों ने पंजाबी संस्कृति, त्योहारों की खुशी और सामाजिक संदेश को खूबसूरती से पेश किया, जिसका संगत ने खूब आनंद लिया।
इस मौके पर साध्वी अनु भारती जी ने अपने विचारों में कहा कि हमारी भारतीय संस्कृति में बेटियां हमेशा से हमारी शान रही हैं। आज की बेटी शिक्षा, खेल, विज्ञान, सेना, प्रशासन और हर दूसरे क्षेत्र में आगे बढ़कर देश और समाज का नाम रोशन कर रही है। बेटियों को सम्मान देना ही असल में संस्कृति की सच्ची सेवा है। उन्होंने कहा कि संस्थान समय-समय पर महिला सशक्तिकरण को लेकर उनके सम्मान में प्रोग्राम करती है। इसके साथ ही साध्वी बलजीत भारती जी ने कहा कि गुरु की कृपा के बिना इंसान त्योहारों को सिर्फ रस्मों तक ही सीमित रखता है, लेकिन जब पूर्ण गुरु की कृपा होती है, तो भारतीय त्योहारों का असली आध्यात्मिक महत्व समझ में आता है। पूर्ण गुरु व्यक्ति को अंदर से जगाते हैं और जीवन को सार्थक बनाते हैं। प्रोग्राम के आखिर में, लोगों ने पूर्ण गुरु सर्व श्री आशुतोष महाराज जी का आभार व्यक्त किया, आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया और त्योहारों को सही मायने में मनाने का संकल्प लिया। पूरे माहौल में भक्ति, उत्साह और आध्यात्मिक आनंद की लहर महसूस की गई।

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