
शिविर में कुल 268 मरीजों को नि:शुल्क परामर्श एवं दवाइयां की गई वितरित।
शिविर के दौरान विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा होम्योपैथी एवं आयुर्वेद के महत्व पर प्रस्तुत किए गए व्याख्यान।
कुरुक्षेत्र, प्रमोद कौशिक 10 अप्रैल : जिला आयुर्वेदिक अधिकारी कुरुक्षेत्र डॉ. मंजू शर्मा ने कहा कि होम्योपैथी का प्रसार देश-विदेश में तेजी से बढ़ रहा है तथा यह दिवस महान चिकित्सक डॉ. सैमुअल हैनीमैन के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। होम्योपैथी, आयुर्वेद एवं एलोपैथी तीनों ही स्वास्थ्य सेवाओं के महत्वपूर्ण स्तंभ हैं।
जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डा. मंजू शर्मा शुक्रवार को विश्व होम्योपैथिक दिवस के अवसर पर आयुष विभाग कुरुक्षेत्र द्वारा महानिदेशक आयुष हरियाणा के निर्देशानुसार सेक्टर-3 स्थित शिव मंदिर परिसर में नि:शुल्क होम्योपैथिक एवं आयुर्वेदिक स्वास्थ्य शिविर में बोल रही थी। इस शिविर में कुल 268 मरीजों को नि:शुल्क परामर्श एवं दवाइयां वितरित की गईं। कार्यक्रम की शुरुआत जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. मंजू शर्मा द्वारा सभी अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत करने के साथ हुई। मंदिर कमेटी के प्रधान जोगिंदर सिंह चौहान ने आयुष विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। इसके उपरांत सभी गणमान्य अतिथियों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर शिविर का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. भावना द्वारा कुशलतापूर्वक किया गया। शिविर के दौरान विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा होम्योपैथी एवं आयुर्वेद के महत्व पर व्याख्यान प्रस्तुत किए गए।
डॉ. रितु व डॉ. गुरप्रीत ने कहा कि कोई भी चिकित्सा पद्धति अपने आप में पूर्ण नहीं होती, सभी की अपनी सीमाएं होती हैं, किंतु समन्वित दृष्टिकोण से बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। योग विशेषज्ञ मनजीत ने कहा कि होम्योपैथी और योग का संयुक्त उपयोग रोगों के उपचार में अत्यंत प्रभावी है। अस्थमा रोगियों में होम्योपैथी लक्षणों के आधार पर उपचार करती है, जबकि योग में प्राणायाम के माध्यम से फेफड़ों की कार्यक्षमता बढ़ाई जाती है। इसी प्रकार जोड़ों के दर्द में होम्योपैथिक दवाओं के साथ योग की स्ट्रेचिंग तकनीकें लाभकारी सिद्ध होती हैं। डॉ. शुभम ने होम्योपैथिक औषधियों के उपयोग पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कोविड काल में आर्सेनिक एल्बम-30 का व्यापक उपयोग किया गया। होम्योपैथी मन एवं शरीर के संतुलन पर कार्य करती है। डॉ. पिंकी ने होम्योपैथी एवं आयुर्वेद के समन्वित उपयोग से मिलने वाले लाभों को विस्तार से समझाया।
पार्षद दुष्यंत बख्शी ने कहा कि ऐसे स्वास्थ्य शिविर आमजन के लिए अत्यंत लाभकारी होते हैं तथा भविष्य में भी इस प्रकार के शिविर आयोजित किए जाने चाहिए। जोगिंदर सिंह चौहान ने अपने अनुभव को साझा किया और बताया कि उन्होंने आयुर्वेदिक पद्धति अपनाकर मधुमेह पर नियंत्रण पाया। यदि हम अपनी दिनचर्या को संतुलित रखें तो स्वस्थ जीवन संभव है। अंत में जिला आयुष अधिकारी डॉ. मंजू शर्मा ने सभी अतिथियों का धन्यवाद व्यक्त करते हुए उन्हें स्मृति स्वरूप पौधे भेंट कर सम्मानित किया।
शिविर के दौरान होम्योपैथिक ओपीडी में डॉ. महेंद्र, डॉ. मोनिका पूनिया व डॉ. आश्मी द्वारा मरीजों की जांच की गई तथा अरुण कुमार, विकास कुमार, अनुराधा व होम्योपैथिक फार्मासिस्ट जसबीर सिंह द्वारा नि:शुल्क दवाइयां वितरित की गईं। आयुर्वेदिक ओपीडी में डॉ. मीना व डॉ. अदिति द्वारा परामर्श दिया गया तथा आयुर्वेदिक फार्मासिस्ट धर्मवीर द्वारा औषधियां वितरित की गईं। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने इस प्रकार के शिविरों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन नियमित रूप से होते रहने चाहिए, ताकि अधिक से अधिक लोगों को आयुर्वेद एवं होम्योपैथी का लाभ मिल सके।
इस अवसर पर होम्योपैथिक काउंसिलिंग मेंबर डॉ. रविंदर ऋषि, पार्षद, वार्ड नं. 13 दुष्यंत बख्शी, राजेंद्र वर्मा, रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन सेक्टर-3 प्रधान रिंकू सैनी, आयुष विभाग के असिस्टेंट मनोज कुमार, जिला प्रोग्राम मैनेजर जितेंद्र कुमार, विभाग के चिकित्सक, फार्मासिस्ट, अन्य अधिकारी- कर्मचारी, गणमान्य व्यक्ति एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।


