जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण हेतु द्विदिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न

जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण हेतु द्विदिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न
जनपद आजमगढ़ में जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण व्यवस्था को सुदृढ़, समयबद्ध एवं शत-प्रतिशत सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आयोजित द्विदिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आज सफलतापूर्वक संपन्न हो गया।
मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय के सभागार में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में दोनों दिनों में कुल 90 ग्राम पंचायत एवं विकास अधिकारियों को प्रशिक्षित किया गया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को नागरिक पंजीकरण के उद्देश्य, उत्तर प्रदेश में संचालित सीआरएस प्रणाली, अधिनियम एवं नियमों का अनुपालन, पंजीकरण प्रक्रिया, जन्म एवं मृत्यु के समयबद्ध पंजीकरण, विलंबित पंजीकरण (धारा 13), नवजात शिशु के नाम का पंजीकरण, “Brought Dead” के मामलों में पंजीकरण प्रक्रिया तथा धारा 25 के अंतर्गत निर्धारित स्टैण्डर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण में स्लाईड पर व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से प्रतिभागियों को पंजीकरण प्रक्रिया को सरल एवं प्रभावी ढंग से समझाया गया, ताकि वे अपने-अपने कार्यक्षेत्र में इसे बेहतर तरीके से लागू कर सकें।
समापन सत्र में अपर शोध अधिकारी श्री अम्बरीष चंद शिवम ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण शासन की महत्वपूर्ण प्राथमिकता है और इसमें शत-प्रतिशत लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सभी की सक्रिय सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों का धन्यवाद करते हुए अपेक्षा व्यक्त की कि प्रशिक्षण में प्राप्त ज्ञान का उपयोग जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन में किया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि जनपद में पंजीकरण व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए समय-समय पर ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे।
कार्यक्रम में संबंधित विभागों के अधिकारी एवं प्रशिक्षकगण उपस्थित रहे।



