जिले के सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों में मनाया जा रहा वजन त्यौहार
18 फरवरी तक बच्चों के पोषण स्तर का होगा सटीक आंकलन
पिछड़ी जनजाति क्षेत्रों में सक्रिय अमला, घर-घर जाकर माताओं को कर रहा प्रेरित

बलरामपुर, 16 फरवरी 2026/ जिले को कुपोषण मुक्त बनाने तथा बच्चों के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री राजेंद्र कटारा के मार्गदर्शन एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के नेतृत्व में जिले भर में वजन त्यौहार का आयोजन किया जा रहा है। यह अभियान आगामी 18 फरवरी तक संचालित होगा, जिसके तहत जिले के समस्त आंगनबाड़ी केन्द्रों में 0 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों का वजन एवं ऊंचाई का माप लिया जा रहा है। जिसका उद्देश्य बच्चों के पोषण स्तर का वास्तविक आंकलन करना है ताकि कुपोषित बच्चों का चिन्हांकन कर उन्हें सामान्य श्रेणी में लाने के लिए कार्य किया जा सके।
वजन त्यौहार के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप बच्चों का वजन व लंबाई मापी जा रही है। विभाग द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी बच्चा वजन त्यौहार में छूटने न पाए। साथ ही केन्द्रों पर उपस्थित गर्भवती एवं शिशुवती माताओं को स्वास्थ्य एवं पोषण के प्रति जागरूक करने के लिए परामर्श सत्र भी आयोजित किए जा रहे हैं। उन्हें स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पौष्टिक खाद्य पदार्थों, हरी सब्जियों और संतुलित आहार के महत्व के विषय में विस्तार से जानकारी दी जा रही है ताकि बच्चों के शारीरिक व मानसिक विकास की नींव मजबूत हो सके।
विशेष रूप से जिले के दूरस्थ एवं विशेष पिछड़ी जनजाति बाहुल्य क्षेत्रों में प्रशासन की प्राथमिकता है। इन क्षेत्रों में महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम द्वारा घर-घर जाकर विशेष पिछड़ी जनजाति वर्ग की शिशुवती माताओं को अपने और बच्चे के स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहने तथा संतुलित आहार लेने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। साथ ही गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान नियमित स्वास्थ्य जांच और एएनसी चेकअप कराने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था की पहचान समय रहते की जा सके और जच्चा-बच्चा दोनों को सुरक्षित रखा जा सके।




