

बलरामपुर, 10 अप्रैल 2026/ जिले में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में पहल करते हुए जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
भारतीय जीवन बीमा निगम के समन्वय से महिलाओं को आजीविका के नए अवसर उपलब्ध कराने हेतु उन्हें “एलआईसी बीमा सखी” के रूप में चिन्हांकित कर एजेंट कोड प्रदान किया जा रहा है। जिले में अब तक 33 महिलाओं को बीमा सखी के रूप में कार्य करने के लिए चयनित किया जा चुका है, जिससे उन्हें स्वरोजगार के साथ-साथ आय बढ़ाने का अवसर मिल रहा है।
इसी कड़ी में महिलाओं के कौशल विकास और कार्य दक्षता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से जिला पंचायत के सभाकक्ष में एक दिवसीय जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में कार्यरत 33 बीमा सखियों के साथ-साथ 65 नए चिन्हांकित सदस्यों ने भाग लिया। इस अवसर पर एलआईसी विकास अधिकारी श्री सावन जायसवाल ने बीमा के महत्व, उसके लाभ, बीमा प्रक्रिया, ग्राहकों से संवाद के तरीके एवं ग्रामीण क्षेत्रों में बीमा की उपयोगिता पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बीमा परिवारों को आकस्मिक परिस्थितियों में सुरक्षा प्रदान करने के साथ-साथ आर्थिक स्थिरता का मजबूत आधार भी बनता है। इस दौरान उन्होंने बीमा सखियों को अधिक से अधिक ग्रामीण परिवारों को बीमा से जोड़ने के लिए प्रेरित किया।
यह पहल ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार उपलब्ध कराने के साथ-साथ उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने, वित्तीय जागरूकता बढ़ाने में भी अहम भूमिका निभाएंगी। जिससे ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर समाज एवं अर्थव्यवस्था में उनकी भागीदारी को और मजबूत किया जा सके।

