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केयूके के पूर्व कुलपति प्रोफेसर भीम सिंह दहिया ने किया उद्घाटन, एचडीएफसी बैंक ने सच फॉउण्डेशन के माध्यम से दिया 50 लाख का सहयोग।
विद्यार्थियों को अंग्रेजी की स्किल निखारने में मिलेगी महत्वपूर्ण मदद, कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार ने कहा अद्भुत उपलब्धि।
पलवल : श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय में बृहस्पतिवार को विश्व स्तरीय लैंग्वेज लैब का उद्घाटन हुआ। इस पर लगभग 50 लाख रुपए से भी ज्यादा की लागत आई है। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति एवं अंग्रेजी के प्रख्यात विद्वान प्रोफेसर भीम सिंह दहिया ने इस लैब का उद्घाटन किया। इस लैब के लिए एचडीएफसी बैंक की ओर से सीएसआर के अंतर्गत सच फॉउण्डेशन द्वारा अत्याधुनिक तकनीक पर आधारित कंप्यूटर प्रदान किए गए हैं। कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार ने इस पहल का स्वागत किया।
लैब का उद्घाटन करते हुए प्रोफेसर भीम सिंह दहिया ने कहा कि यह लैब विद्यार्थियों के लिए अद्भुत उपहार है। इसके माध्यम से विद्यार्थी अपनी कम्युनिकेशन स्किल को निखार सकेंगे। प्रोफेसर भीम सिंह दहिया ने विद्यार्थियों को निरंतर भाषा पढ़ने और उसे अपनी बोलचाल में निरंतर इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि यदि हम भाषा का प्रयोग नहीं करेंगे तो वह हमारे भीतर से विलुप्त हो जाएगी। प्रोफेसर भीम सिंह दहिया ने बताया कि वह कैसे रोहतक जिले के पिछड़े गांव से अमेरिका में अंग्रेजी में शोध करने गए और उन्होंने अमेरिकियों को अंग्रेजी पढ़ाने का गौरव हासिल किया। प्रोफेसर भीम सिंह दहिया ने अंग्रेजी और अपने जीवन से जुड़े कई प्रेरक अनुभव विद्यार्थियों के साथ साझा किए।
कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार ने श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय पहुंचने पर प्रोफेसर भीम सिंह दहिया का भव्य स्वागत किया और उन्हें स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि प्रोफेसर भीम सिंह दहिया अंग्रेजी के वह पुरोधा हैं, जिनके सान्निध्य में तीन पीढ़ियां अंग्रेजी सीख और समझ पाई हैं। उन्होंने प्रोफेसर दहिया के शिक्षा जगत में योगदान का महत्वपूर्ण उल्लेख किया। कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार ने कहा कि यह विश्व स्तरीय लैब विद्यार्थियों के भाषाई कौशल को उत्कृष्ट बनाने में मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने कहा कि भाषा लोगों के दिलों में घुसने का बड़ा माध्यम है।
अनुप्रयुक्त विज्ञान एवं मानविकी संकाय की डीन प्रोफेसर सुचित्रा वशिष्ठ ने अतिथियों का स्वागत करते हुए बताया कि यह लैब विश्वस्तरीय मानकों पर बनाई गई है। इसके लिए एचडीएफसी बैंक द्वारा सच फॉउण्डेशन के अंतर्गत 50 कंप्यूटर प्रदान किए गए हैं। डीन प्रोफेसर सुचित्रा वशिष्ठ ने इस सहयोग के लिए एचडीएफसी बैंक के शाखा प्रबंधक गोपाल मिश्रा को सम्मानित किया। लैब इंचार्ज मीनाक्षी कौल ने अतिथियों को लैब की विशेषताओं से अवगत करवाया। डॉ. भावना रूपराई ने मंच संचालन किया। विद्यार्थियों ने जर्मन और जापानी गीत और कविता से स्वागत किया और दोनों संस्कृतियों पर आधारित प्रदर्शनी भी लगाई। डॉ. नकुल ने सभी का आभार ज्ञापित किया।
इस अवसर पर ग्रीन टेक्नोलॉजी डिपार्टमेंट के चेयरपर्सन डॉ. सुनील गर्ग, जापानी फैकल्टी मीवा सासाकी, प्रोफेसर मंजुश्री चौहान, मुख्य लेखा अधिकारी देवेंद्र सिंह, सहायक कुलसचिव प्रवीण कुमार, अकाउंटेंट मुकेश कुमार, डॉ. कल्पना माहेश्वरी, डॉ. ऋतु राणा, राहुल मलिक, मीनाक्षी कौल, नीरज पराशर, डॉ. शिव कुमार, प्रियम श्योराण और नेहा सहित काफी संख्या में शिक्षक तथा विद्यार्थी उपस्थित थे।
लैंग्वेज लैब का उद्घाटन करते केयूके के पूर्व कुलपति प्रोफेसर भीम सिंह दहिया व एसवीएसयू के कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार।


