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ब्रह्मसरोवर की पावन तट पर मनाया गया भारत का 79 वाँ स्वतंत्रता दिवस

कुरुक्षेत्र, प्रमोद कौशिक 16 अगस्त : कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड एवं गीतांजलि-गीतों का कारवाँ के संयुक्त तत्वावधान में भारत का 79 वाँ स्वतंत्रता दिवस ब्रह्मसरोवर की पावन तट पर अत्यंत हर्षोल्लास और सांस्कृतिक भव्यता के साथ मनाया गया। पुरुषोत्तमपुरा बाग परिसर में तिरंगे की शोभा और देशभक्ति के गीतों की गूंज ने वातावरण को अलौकिक बना दिया।
इस अवसर पर हरियाणा के पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा मुख्य अतिथि के रूप में तथा स्वामी योगेशानंद, शिष्य दिव्य गुरु श्री आशुतोष महाराज जी (संस्थापक एवं संचालक दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान) विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल उत्सव का दिन नहीं, बल्कि यह हमें बलिदानियों की अमर गाथा और उनके अधूरे सपनों को पूरा करने का संकल्प दिलाने का अवसर है। ब्रह्मसरोवर की पावन धरती पर जब सांस्कृतिक कार्यक्रम होते हैं, तो हमारी राष्ट्रीय अस्मिता और सांस्कृतिक चेतना और अधिक प्रबल होती है।
स्वामी योगेशानंद ने कहा कि भारत की स्वतंत्रता हमारे शहीदों की धरोहर है। इस अवसर पर हमें आत्मशुद्धि, सेवा और समाज सुधार का संकल्प लेना चाहिए। यदि हमें राष्ट्र को सशक्त बनाना है तो सबसे पहले अपने बच्चों में संस्कारों की ज्योति जगानी होगी। अच्छे संस्कार ही नई पीढ़ी को राष्ट्रप्रेम, नैतिकता और मानवता से परिपूर्ण बना सकते हैं। इस मौके पर डॉ. ऋषि पाल मथाना, अशोक रोशा, कैप्टन परमजीत सिंह एवं एम.के. मौदगिल मौजूद रहे।
मुख्य अतिथि द्वारा नांदेड़ से आए पर्यटकों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों एवं कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के अधिकारियों-कर्मचारियों को भी सम्मान प्रदान किया गया। इस कार्यक्रम का मंच संचालन कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के संगीत विभाग के डॉ. अशोक शर्मा ने अपनी सधी हुई और कलात्मक शैली में किया। कार्यक्रम में लोकेश शर्मा द्वारा प्रस्तुत कराओके और लाइव म्यूजिकल ग्रुप की सुरमयी प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। गीतान्जलि के कलाकारों द्वारा गाए गए देशभक्ति गीतों ने वातावरण को राष्ट्र प्रेम और आध्यात्मिकता से सराबोर कर दिया।

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