श्री दुर्गा देवी मन्दिर पिपली का 62 वाँ वार्षिक स्थापना दिवस भक्तों ने धूमधाम से मनाया : आचार्य डॉ. सुरेश मिश्रा

कुरुक्षेत्र (प्रमोद कौशिक) 31 दिसंबर : समर्थगुरु धारा हिमाचल के ज़ोनल कोऑर्डिनेटर व श्री दुर्गा देवी मन्दिर पिपली के पीठाधीश ज्योतिषाचार्य डॉ. सुरेश मिश्रा ने बताया कि 31 दिसम्बर 1963 को श्री दुर्गा देवी मन्दिर पिपली के संस्थापक स्वर्गीय पण्डित शेषमणि मिश्रा जी और भक्त बिशन लाल छाबड़ा,स्वर्गीय सरदार राम किशन सिंह, स्वर्गीय भक्त मुंशी राम कंसल,स्वर्गीय खान चन्द मदान आदि ने समस्त पिपली निवासियों के सहयोग से श्री दुर्गा देवी मन्दिर पिपली को बनाया गया था। 31 दिसम्बर 1984 को माँ दुर्गा की नवीन मूर्ति स्थापना संस्थापक स्वर्गीय पण्डित शेषमणि मिश्रा ने समस्त पिपली के भक्तों द्वारा करवायी गयी थी। आज श्री दुर्गा देवी मन्दिर पिपली का 62 वाँ वार्षिक स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में प्रातः 10 बजे सामूहिक कीर्तन हुआ जिसमें सुमित्रा पाहवा, शिमला धीमान,मीनू गर्ग ,निशा अरोड़ा ,मोनिका गर्ग,अनुु पाहवा, सुरेंदर कौर, कोमल मेहरा, सुमित्रा पाहवा, पूजा तलवाड़,भक्त सुशील तलवाड़ और सभी भक्तों ने माता दुर्गा की सुन्दर भेटें गाई I सभी श्रद्धालु भक्तों और बच्चों ने नृत्य किया। डॉ. मिश्रा ने सभी भक्तों को समर्थगुरू धारा के संस्थापक आदरणीय समर्थगुरू सिद्धार्थ औलिया द्वारा बताए गए सनातन धर्म की विशेषता और 4 पुरुषार्थ अर्थ,धर्म, काम और मोक्ष के बारे में बताया।
हमारे भीतर एक कथा चल रही है अनुकूल हुआ, तो अच्छा हुआ। और प्रतिकूल हुआ, तो बुरा हुआ। हमको यह भी पता नहीं क्या अनुकूल है,और क्या प्रतिकूल है। ख्याल करना, कुछ भी घटना घटती है, वह हमारे विकास के लिए होती है। सभी से संकल्प करवाया कि प्रतिदिन हम सभी
विश्व कल्याण हेतु परोपकार और शुभ कार्य करेंगें। मुख्य पार्षद पंकज खन्ना और मानक सिंह को डॉ. मिश्रा ने सम्मानित किया। मुख्य सेवादार साक्षी को श्री सिद्धार्थ रामायण और निर्मला को श्रीमद् भगवदगीता भेंट की।
पुजारी पंडित राहुल मिश्रा ने वैदिक मन्त्रों से पूजा-अर्चना करवाई। माँ दुर्गा के संकीर्तन और आरती के बाद भक्तों को पैकिंग प्रसाद, टोफियाँ और केक वितरित किया गया। विश्व कल्याण हेतु 2026 नव वर्ष के उपलक्ष्य में श्री दुर्गा देवी मन्दिर के परिसर में गुरुवार 1 जनवरी 2026 को संकीर्तन सायं 3 बजे से मां दुर्गा और साई बाबा की कृपा से भक्तों द्वारा किया जाएगा।




