कश्मीर और हरियाणा के युवा देश की एकता, विविधता और सांस्कृतिक समृद्धि के दूत : प्रो. सोमनाथ सचदेवा

भारत की शक्ति उसकी विविधता और साझा सांस्कृतिक विरासत में निहितः प्रो. सोमनाथ सचदेवा।
कुवि में जुटी कश्मीर की युवा शक्ति, राष्ट्रीय एकता व सांस्कृतिक सद्भाव का बना संगम।
कुरुक्षेत्र, (संजीव कुमारी) 8 जनवरी : हरियाणा सरकार के युवा कल्याण कार्यक्रम के तहत जम्मू-कश्मीर के 30 प्रतिभाशाली छात्रों का एक विशेष प्रतिनिधिमंडल गुरुवार को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय पहुँचा। प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय आगमन पर सर्वप्रथम कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा से शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने विद्यार्थियों के साथ सौहार्दपूर्ण संवाद किया और राष्ट्रीय एकता व सांस्कृतिक समरसता के मूल्यों को रेखांकित किया।
इस अवसर पर कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि भारत की शक्ति उसकी विविधता और साझा सांस्कृतिक विरासत में निहित है। कश्मीर और हरियाणा के युवा देश की एकता, विविधता और सांस्कृतिक समृद्धि के दूत हैं। देश के विभिन्न हिस्सों से आए युवा जब परस्पर संवाद के माध्यम से एक-दूसरे को समझते हैं, तो राष्ट्रीय एकजुटता और भी सुदृढ़ होती है। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय सदैव ऐसे प्रयासों का स्वागत करता है जो युवाओं में राष्ट्र निर्माण के प्रति सकारात्मक ऊर्जा और स्वाभिमान का भाव जागृत करें। कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि इस यात्रा का उद्देश्य युवाओं के बीच आपसी समझ, सांस्कृतिक आदान- प्रदान, राष्ट्रभावना एवं राष्ट्रीय चेतना को और प्रबल करना है। इस अवसर पर विश्वविद्यालय परिसर में हरियाणा-दर्शन के तहत सांस्कृतिक एकता, भाईचारे और राष्ट्रीय समरसता का संदेश दिया गया। इस दौरान प्रतिनिधि मंडल को हरियाणा की संस्कृति, परंपराओं तथा ऐतिहासिक धरोहर से परिचित कराया गया।
यूथ वेलफेयर कोऑर्डिनेटर, सीएम हाउस(सीएम ग्रीवेंस सेल) नरेन्द्र सिंह ने बताया कि जम्मू-कश्मीर के ये विद्यार्थी अपने प्रवास के दौरान हरियाणा के प्रमुख ऐतिहासिक, प्रशासनिक एवं सांस्कृतिक स्थलों का भ्रमण भी कर रहे हैं। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में इनके आगमन का उद्देश्य यहाँ के शैक्षणिक वातावरण, प्रशासनिक व्यवस्था और सांस्कृतिक ताने-बाने का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त करना है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की अंतः क्रियात्मक यात्राएं युवाओं के मन में देशभक्ति, राष्ट्रीय गौरव और एक साझा भारतीय पहचान के भाव को प्रखर बनाती हैं। है। प्रतिनिधिमंडल में कुल 30 छात्र शामिल रहे जिनमें 15 छात्राएं और 10 छात्र तथा उनके साथ 5 सदस्यीय प्रबंधन टीम शामिल थी। प्रतिनिधिमंडल ने कुवि कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा का उनके साथ संवाद करने के लिए आभार प्रकट किया।
इस अवसर पर कुलसचिव लेफ्टिनेंट प्रो. वीरेन्द्र पाल, छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. ए.आर.चौधरी, डॉ. मधुदीप सिंह, डॉ. आबिद अली व रोमा मौजूद रहे।
मास कम्युनिकेशन विभाग में विशेष संवाद।
अपनी यात्रा के दौरान जम्मू-कश्मीर के इन छात्रों ने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के मास कम्युनिकेशन (जनसंचार) विभाग का दौरा किया और वहाँ के विद्यार्थियों के साथ विस्तार से संवाद किया। इस चर्चा में दोनों क्षेत्रों के युवाओं ने एक-दूसरे की संस्कृति, मीडिया की भूमिका और शैक्षणिक अनुभवों को साझा किया। यह संवाद युवाओं के बीच वैचारिक आदान-प्रदान और आपसी समझ को गहरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम रहा। डॉ. डॉ. आबिद अली, मधुदीप सिंह, रोमा, डॉ. अभिनव, डॉ. रोशन मस्ताना, डॉ. प्रदीप राय, राहुल अरोड़ा, मोनिका दुआ, अर्पणा, राकेश कुमार, अमित जांगडा, सचिन वर्मा, प्रीति, सुनीता, रितु, डॉ. सतीश राणा, जितेन्द्र रोहिला आदि मौजूद रहे।



