सदगुरू के आने से ही साधक के जीवन में बसंत आता है : समर्थगुरू सिद्धार्थ औलिया

हरियाणा संपादक – वैद्य पण्डित प्रमोद कौशिक
संवाददाता – उमेश गर्ग।
कुरुक्षेत्र,23 जनवरी : श्री दुर्गा देवी मन्दिर पिपली, कुरुक्षेत्र के पीठाधीश और समर्थगुरू मैत्री संघ हिमाचल के जोनल कोऑर्डिनेटर आचार्य डॉ. सुरेश मिश्रा ने बताया कि माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि 23 जनवरी 2026, शुक्रवार को बसंत पंचमी का पर्व भक्तों ने श्री दुर्गा देवी मंदिर और राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय पिपली में धूम धाम से मनाया। समर्थगुरू धारा संघ की नारी सशक्तिकरण (WE) टीम की मुख्य संयोजक डॉ. रचना के निर्देशन में और संपूर्ण भारत के विभिन्न राज्यों की टीम ने ऑनलाइन जूम के माध्यम से सुंदर सुंदर प्रस्तुति दी। लगभग 305 डिवाइस के माध्यम से साधकों ने परिवार सहित बसंत पंचमी कार्यक्रम धूमधाम से मनाया।
गुजरात से मां रागेश्वरी और टीम ने सूफी नृत्य किया। उत्तरप्रदेश से मां अरुणिमा ने प्रस्तुति दी। मध्यप्रदेश की टीम ने संत जना बाई और भगवान विट्ठल की नाटिका प्रस्तुत की। जम्मू टीम ने ऐसी लागी लगन भजन पर प्रस्तुति दी। पंजाब दसुआ की टीम ने भव्य प्रस्तुति दी।
समर्थगुरू धाम मुरथल हरियाणा के संस्थापक आदरणीय समर्थगुरू सिद्धार्थ औलिया ने बताया कि बसंत में संत जुड़ा हुआ है। सदगुरू के आने से ही साधक के जीवन में बसंत आता है। समर्थगुरू धारा में हम सभी के जीवन में बसंत लाया जाता है। हमारा जीवन तभी धन्य होता है जब संतत्व के मार्ग पर हम चलते है।
ज़िन्दगी कहाँ से संवरती है? ज़िन्दगी में कब से बसंत आता है ? जब से तुम्हारे जीवन में सद्गुरु का प्रवेश होता है, वहीं से तुम्हारे जीवन में बहार आती है। वहीं से तुम्हारे जीवन में बसंत आता है। सभी साधकों को बसंत पंचमी पर्व की हार्दिक प्रेमाशीष और शुभकामनाएं दी।
मां रचना ने टेक्निकल टीम के प्रभारी स्वामी सुशील, डॉ. वरुण और स्वामी मयंक का आभार प्रकट किया।




