संत शिरोमणि गुरु रविदास मन्दिर/रैदास आश्रम सामुदायिक केन्द्र में सतगुरू रविदास जी की 649वें पावन

रायबरेली
रिपोर्टर विपिन राजपूत
संत शिरोमणि गुरु रविदास मन्दिर/रैदास आश्रम सामुदायिक केन्द्र में सतगुरू रविदास जी की 649वेंपावन
प्रकाश पर्व पर “3दिवसीय रैदास सदसंगत समागम” को बड़े धूमधाम हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में महिलाओं ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया।समागम के तीसरे दिन की शुरुआत आश्रम के गुरुवाणी ,वाचक राम प्रकाश चौधरी ने रैदास जी कीअमृत गुरु वाणी से किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता माननीय छोटे लाल गौतम जी एंव संचालन बहुजन चिन्तक एन.के. स्वामी ने किया। रैदास सदसंगत समागम को दो चरणों में किया। प्रथम चरण में समाज के सामाजिक,धार्मिक,शैक्षिक, और आर्थिक के साथ राजनैतिक दशा और दिशा पर चर्चा करते हुए मुख्य अतिथि के रूप में बछरावां के पूर्व विधायक राम लाल अकेला ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि सतगुरू रविदास जी का दिव्य सन्देश समता, न्याय,मानवता हम सभी को सदैव सत्य और सदभाव के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता। इस पावन पर्व पर हम सब सतगुरू रविदास जी के आदर्शों को आत्मसात करते हुए सही नेतृत्व का समर्थन दे और समाज के हर सुख दुःख के साथ रहे तभी समाज की तरक्की होगी।विशिष्ट अतिथि नगर पालिका परिषद् के पूर्व प्रत्याशी अरविन्द श्रीवास्तव राइजिंग प्ले ग्रुप स्कूल के डायरेक्टर, सामाजिक चिन्तक सन्त गाडगे महाराज समिति के अध्यक्ष कमलेश चौधरी, एंव प्रखर अम्बेडकर वादी शिक्षक राकेश टंडन, भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के जिला अध्यक्ष, विजय सोनकर एंव पूर्वी विनय सुदर्शन ने कहा कि संत रविदास चर्मकार समुदाय में जन्मे थे, जिसे ब्राह्मणवादी सामाजिक व्यवस्था में अछूत माना जाता था।उनका सामाजिक अनुभव ही उनके चिंतन और संघर्ष का मूल आधार बना। उन्होंने जन्म-आधारित ऊँच–नीच और धार्मिक बहिष्कार का जीवन भर विरोध किया।
समागम का दूसरा चरण महिला सशक्तिकरण और उनको जागृति पर केंद्रित था महिला सशक्तिकरण की मुख्य अतिथि सदर विधायक अदिति सिंह ने अपने विचार सतगुरु की अमृतवाणी ऐसा चाहूं राज मैं, जहां मिले सबन को अन्न। छोट-बड़ो सब सम बसे, रैदास रहे प्रसन्न।। साझा करते हुए कि यह संकल्पना मेरे पूज्य पिता जी पूर्व विधायक स्वo अखिलेश सिंह जी का था, इसी लिए मैं अपनी क्षेत्र की जनता, जनार्दन, समाज के प्रति चिंतित रहती हूं और शासन प्रशासन से हरदम मांग करती हूं कि मेरी जनता और यह समाज कभी भूखा न सोए और न उसके साथ सामाजिक भेदभाव हो, और सभी छोटे-बड़े, अमीर-गरीब समान रूप से निवास करें।सभी को भोजन मिले और परस्पर प्रेम हो, जिससे सभी लोग प्रसन्न रहें। इसी सेवा भाव से मैं सेवा कर रही हू। विधायक अदिति सिंह जी के द्वारा पचास गरीब महिलाओं को कम्बल प्रदान कर उनका सम्मान किया गया। आश्रम/मन्दिर के मुख्य व्यवस्थापक चन्द्र शेखर बौद्ध संयोजक राजेश कुरील, सह संयोजक विमल किशोर सबरा एंव शिक्षक आशा राम, रोहित प्रतिपक्षी, अशोक प्रियदर्शी, विजय भीम, सुनीता अम्बेडकर, सुशीला राम अवतार गौतम, सतेश गौतम,ने आए हुए अतिथियों एंव दो दर्जन समाजसेवी, विद्वान जनों को अंगवस्त्र एंव पावन पर्व का प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित कर स्वागत किया। लंगर का आयोजन रेलवे में कार्यरत डीपी नीरज द्वारा किया गया। समागम में मुख्य रूप श्रीराम वर्मा, माता प्रसाद गौतम, , मास्टर श्रीराम, राजन श्रीवास्तव, दानिश सर, राजेन्द्र बौद्ध,अभय सोनकर, राम खेलावन, सुमन, रजनी गौतम , किरन, छोटे लाल प्रेमी, सुधीर , राजू दिवाकर , गंगा राम गौतम, मनोज गौतम पूर्व बीडीसी, चरन सिंह गौतम, कवि प्रीतम कुमार,, सुमन स्वामी, कमला देवी, आदि सैकड़ों की संख्या में रैदास श्रद्धालुओं ने सदसंगत समागम में बढ़चढ़ कर अपनी सहभागित दर्ज किया। अन्त में बौद्धिक चिन्तक , शिक्षक नीरज रावत ने समागम में आए अतिथियों, रैदास श्रद्धालोजनों के प्रति आभार व्यक्त कर उनको शन्यवाद ज्ञापित किया।




