लुवास में प्रतिभा खोज कार्यक्रम “परिकल्प- 2025” का भव्य एवं सफल आयोजन

हिसार (प्रमोद कौशिक) 12 फरवरी : लाला लाजपत राय पशु- चिकित्सा एवं पशु- विज्ञान विश्वविद्यालय (लुवास), हिसार में बी.वी.एस.सी. एवं ए.एच. प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों के स्वागत हेतु द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों द्वारा प्रतिभा खोज कार्यक्रम “परिकल्प–2025” का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य नवागंतुक विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय के शैक्षणिक व सांस्कृतिक वातावरण से परिचित कराना तथा उनकी छिपी हुई प्रतिभाओं को मंच प्रदान करना रहा।
कार्यक्रम के दौरान प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों ने विभिन्न रंगारंग प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। वेटरनरी सभागार को विद्यार्थियों द्वारा अत्यंत आकर्षक एवं रचनात्मक ढंग से सजाया गया। रंग-बिरंगी रंगोलियों, सुसज्जित गुब्बारों, पुष्पमालाओं एवं हस्तनिर्मित सजावटी सामग्री से सभागार का वातावरण अत्यंत मनोहारी एवं उत्सवमय दिखाई दिया। विशेष बात यह रही कि सजावट का अधिकांश कार्य विद्यार्थियों ने स्वयं अपने परिश्रम, कल्पनाशीलता एवं टीमवर्क से किया, जिससे उनकी सृजनात्मक सोच और समर्पण भाव स्पष्ट रूप से झलकता नजर आया। प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों ने आत्मविश्वास पूर्ण एवं रोचक शैली में अपना परिचय देकर कार्यक्रम में समा बांध दिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं लुवास विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) विनोद कुमार वर्मा ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि विश्वविद्यालय जीवन केवल अकादमिक ज्ञान तक सीमित नहीं होता, बल्कि यह विद्यार्थियों के सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास का महत्वपूर्ण आधार होता है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम विद्यार्थियों की झिझक दूर करने के साथ-साथ उनकी अभिव्यक्ति क्षमता, आत्मविश्वास, नेतृत्व गुण एवं सामाजिक सहभागिता को विकसित करते हैं। कुलपति ने विद्यार्थियों से अनुशासन, नैतिक मूल्यों एवं परिश्रम को जीवन में आत्मसात करने का आह्वान करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों द्वारा कुलपति महोदय प्रो. (डॉ.) विनोद कुमार वर्मा को उनकी पेंसिल स्केच से तैयार की गई एक आकर्षक एवं कलात्मक फोटो फ्रेम भेंट की गई। विद्यार्थियों की इस रचनात्मक भेंट ने सभी को प्रभावित किया। कुलपति महोदय ने विद्यार्थियों की कलात्मक प्रतिभा की सराहना करते हुए इसे उनके स्नेह, सम्मान एवं सृजनात्मक सोच का प्रतीक बताया। इस अवसर पर पशुचिकित्सा महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. मनोज रोज ने विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत कार्यक्रमों की भूरी-भूरी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि लुवास के प्रत्येक वार्षिक फ्रेशर कार्यक्रम की तरह इस बार भी विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक विरासत एवं रचनात्मकता की शानदार प्रस्तुति दी है। उन्होंने कार्यक्रम के सफल आयोजन में वरिष्ठ विद्यार्थियों, विशेषकर छात्र अमन कलकल, के योगदान की विशेष रूप से सराहना की, जिनके मार्गदर्शन में यह कार्यक्रम सुव्यवस्थित रूप से संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों ने माइम, लघु नाटिका, गीत, नृत्य, चुटकुले, शायरी, राजस्थानी नृत्य एवं भांगड़ा जैसी प्रस्तुतियों से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। विशेष प्रस्तुतियों में भांगड़ा नृत्य एवं बच्चों के अपहरण जैसे संवेदनशील सामाजिक विषय पर आधारित लघु नाटिका ने उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया तथा सामाजिक जागरूकता का सशक्त संदेश दिया।
कार्यक्रम का आयोजन एवं संचालन सांस्कृतिक एवं साहित्यिक क्लब, लुवास द्वारा किया गया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. तरुण गुप्ता, डॉ. दिव्या अग्निहोत्री, डॉ. विशाल, डॉ. मानसिंह, डॉ. दीपिका एवं डॉ. स्नेहलता के मार्गदर्शन में चतुर्थ वर्ष के विद्यार्थी अमन कलकल एवं अन्य विद्यार्थियों द्वारा प्रभावशाली ढंग से किया गया।
कार्यक्रम में विस्तार शिक्षा निदेशक डॉ. गौतम, छात्र कल्याण निदेशक एवं एस्टेट ऑफिसर डॉ. संदीप गुप्ता, आई.वी.पी.एस. निदेशक डॉ. पवन कुमार, मानव संसाधन एवं प्रबंधन निदेशिका डॉ. सोनिया सिन्धु, लेखा नियंत्रक श्री विकास खरब एवं कर्नल विनीत (1 आर.वी.सी. इकाई लुवास) सहित विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, वैज्ञानिक, प्राध्यापकगण एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का भरपूर आनंद लिया।
जनसम्पर्क अधिकारी डॉ. निलेश सिंधु ने बताया कि इस प्रकार के कार्यक्रम विश्वविद्यालय में सकारात्मक शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक वातावरण को सुदृढ़ करते हैं तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए सभी आयोजकों एवं प्रतिभागी विद्यार्थियों को बधाई दी।



