साधारण परिवार में पैदा हुए भारत के नागरिक ज्ञान, योग व चरित्र से सभी हैं बहुत ही धनवान : स्वामी रामदेव

देश को वेदों की और लौटने का संदेश देने वाले महर्षि दयानंद सरस्वती को किया याद
-योग हमारा स्वभाव। योग से ही होनी चाहिए दिन की शुरुआत
: स्वामी रामदेव।
पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा,हरियाणा योग आयोग के चेयरमैन जयदीप आर्य ने ग्राउंड परिसर में पौधारोपण और मंच से किया दीप प्रज्जवलित।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी योग का प्रचार प्रसार करने में निभा रहे हैं अग्रणी भूमिका: सुभाष सुधा।
सूर्य नमस्कार अभियान में प्रदेश के 55 लाख नागरिकों ने किया पंजीकरण : जयदीप आर्य।
कुरुक्षेत्र, (प्रमोद कौशिक) 12 फरवरी : योग ऋषि स्वामी रामदेव ने कहा कि हम किसी साधारण परिवार में जरूर पैदा हुए होंगे, पर ज्ञान, योग व चरित्र से सभी बहुत ही धनवान हैं और इस उपलब्धि को निरंतर बरकरार रखना है। देश के प्रत्येक मनुष्य की सोच बड़ी और मेहनत कड़ी होनी चाहिए। इसी नीति के साथ आगे बढ़ते हुए अपने गंतव्य पर पहुंचने तक रुकना नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि आज में देश को वेदों की लौटने का संदेश देने वाले महर्षि दयानंद सरस्वती को याद कर रहे हैं। वेद हमारी संस्कृति का मूल है। सनातन धर्म के हम उपासक हैं। ज्ञान की विद्या के उपासक होकर जाने वाले ऋषियों के अंश हैं। योग हमारा स्वभाव है और दिन की शुरुआत ही योग से होनी चाहिए।
योग ऋषि स्वामी रामदेव वीरवार को गीता निकेतन विद्यालय के खेल ग्राउंड में महर्षि दयानंद सरस्वती की जयंती पर आयोजित राज्य स्तरीय सूर्य नमस्कार कार्यक्रम में बोल रहे थे। स्वामी रामदेव ने पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा, हरियाणा योग आयोग के चेयरमैन जयदीप आर्य के साथ ग्राउंड परिसर में पौधारोपण और मंच से दीप प्रज्जवलित किया। इस कार्यक्रम में करीब 3000 युवाओं ने एकसाथ सूर्य नमस्कार भी किया।
स्वामी रामदेव ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें सूर्य नमस्कार का अभ्यास ही नहीं करना है, बल्कि सूर्य की भांति तेज भी बनना है। सूर्य सुबह निकलते ही अंधेरे को अपने प्रकाश से पूर्णत दूर कर देता है। हमारे युवाओं का शरीर फौलादी और मस्तिष्क ज्ञानवान बनाना है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति के मन में योग की भावना होनी चाहिए और रोजाना सुबह उठकर सभी को कम से कम एक-एक मिनट तक पांच योग जरुरत करने चाहिए। इनमें भस्त्रिका, कपालभाति, अनुलोम-विलोम, भ्रामरी शामिल हैं। इसके अलावा सूर्य नमस्कार करने से तो पूरी शरीर में ऊर्जा का संचार हो जाता है।
स्वामी रामदेव ने कहा कि संस्कृति, सनातन धर्म के 100 वर्ष पूर्ण हुए हैं। व्यक्ति निर्माण से लेकर राष्ट्र निर्माण के लिए कार्य किया जा रहा है। सुबह उठकर योग करने वाला ही सच्ची सनातनी कहा जाता है। योग हमारी जीवन पद्धति है। जो योग जो नहीं जीता वो सनातन को कैसे जी पाएगा। युवाओं को शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र को लेकर काम करना चाहिए। अपने मनों में उच्च भावना रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ये कुरुक्षेत्र की धरती है। इस धरती से गीता का संदेश दिया गया। गीता का मूल संदेश ब्रह्म विद्या, योग विद्या को बताया है। गीता योग शास्त्र है। इस धरती पर सूर्य नमस्कार होना किसी बड़ी उपलब्धि से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि योग करने युवाओं में स्वामी रामदेव, महर्षि दयानंद, स्वामी विवेकानंद की आत्मा और ऋषियों की चेतना देखता हूं।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी योग का प्रचार प्रसार करने में निभा रहे हैं अग्रणी भूमिका : सुभाष सुधा।
हरियाणा के पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा ने कहा कि योग हमारी संस्कृति का प्राचीन हिस्सा है। इस संस्कृति को देश के प्रत्येक नागरिक तक पहुंचाने का कार्य योग ऋषि स्वामी रामदेव ने किया है। अब तो हमारा योग विश्व स्तर पर अपना दबदबा बना चुका है। विश्व के लगभग सभी देशों ने भारत की इस प्राचीन सभ्यता को अपनाया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी योग का प्रचार प्रसार करने में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। सरकार द्वारा योग को फलीभूत करने के लिए हरियाणा योग आयोग का गठन किया। जो योग का खूब प्रचार कर सकते हैं। इस आयोग द्वारा अब तक कई कीर्तिमान भी स्थापित किए हैं। उन्होंने कहा कि विद्या भारती संस्थान भी देश को आगे लेकर जाने में अपना पूर्ण सहयोग दे रहा है।
सूर्य नमस्कार अभियान में प्रदेश के 55 लाख नागरिकों ने किया पंजीकरण : जयदीप आर्य।
हरियाणा योग आयोग के चेयरमैन जयदीप आर्य ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी कर्मयोगी हैं, जो प्रतिदिन सुबह की शुरुआत योग के साथ करते हैं और इसी योग के कारण रात को 12 बजे तक प्रदेश के विकास कार्यों और आमजन के लिए काम करते हैं। इसी तरह योग ऋषि बाबा रामदेव तपस्वी, संत, योग योद्धा हैं और गुरुओं की प्रथा को आगे बढ़ा रहे हैं। इतना ही नहीं शिक्षा की क्रांति में अपना योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले पांच सालों से चल रहे सूर्य नमस्कार अभियान में इस बार 55 लाख लोगों ने पंजीकरण दर्ज करवाया है। स्वामी विवेकानंद की जयंती 12 जनवरी से प्रदेश में सूर्य नमस्कार अभियान की शुरूआत की गई थी, जिसको आज महर्षि दयानंद जयंती के अवसर पर संपन्न किया जा रहा है। वर्ष 2022 में 114 करोड़, वर्ष 2023 में 20 लाख, वर्ष 2024 में 40 लाख, वर्ष 2025 में 46 लाख लोगों ने सूर्य नमस्कार किया। चेयरमैन जयदीप आर्य ने कहा कि इस वर्ष सूर्य नमस्कार को सफल बनाने में आयुष विभाग, शिक्षा विभाग, खेल विभाग, पुलिस विभाग, स्वास्थ्य विभाग और जेल विभाग ने सहयोग दिया।
इस मौके पर आयुष विभाग के अतिरिक्त निदेशक बिजेंद्र हुड्डा, हरियाणा साहित्य अकादमी निदेशक डा. धर्मदेव विद्यार्थी, जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डा. मंजू शर्मा, हरियाणा योग आयोग के उपाध्यक्ष डा. रोशन लाल, योग कोऑर्डिनेटर कुरुक्षेत्र डा. जागीर सिंह, डा. ऋषिराज, अशोक रोशा, विजय नड्डा, प्राचार्य अनिल मदान, डा. मनीष कुकरेजा, ईश कुमार आर्य, गुलशन ग्रोवर, युद्धवीर, डा. निरुपमा भट्ट, राममेहर, मनजीत सिंह, डा. संदीप गुप्ता सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।



