ब्रह्मा कुमारीज:महाशिवरात्रि पर निकली भव्य शिव शोभायात्रा, गूंजे शांति और भाईचारे के संदेश

हरियाणा संपादक – वैद्य पण्डित प्रमोद कौशिक।
आकर्षक झांकियों ने दिया शांति, नशामुक्ति और स्वर्णिम भारत का संदेश।
सर्व आत्माओं का परमपिता परमात्मा एक ज्योति बिंदु निराकार शिव।

कुरुक्षेत्र 13 फरवरी :
महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा शहर में एक भव्य शिव शोभायात्रा का आयोजन किया गया। शोभायात्रा का मुख्य उद्देश्य समाज में शांति, प्रेम, सद्भाव, पवित्रता, नशामुक्ति एवं भाईचारे का संदेश जन-जन तक पहुँचाना रहा।
“शिव का झंडा ऊँच महान” गीत की भक्तिमय धुनों के बीच विनीत कुमार रीजनल मैनेजर एसबीआई बैंक कुरुक्षेत्र, जसवीर सिंह दुग्गल ब्यूरो चीफ दैनिक सवेरा और राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी सरोज बहन जी ने शिव ध्वज लहराकर शोभायात्रा का शुभारंभ किया। यात्रा शांति नगर दुर्गा मंदिर गली नंबर 7 से प्रारंभ होकर जांगड़ा धर्मशाला, गौशाला बाजार, मोती चौक, अंबेडकर चौक, 17 सेक्टर, गीता कॉलोनी, सलारपुर रोड, विष्णु कॉलोनी, 7बी, शास्त्री नगर, न्यू कॉलोनी होते हुए रेलवे रोड से ब्रह्माकुमारी सेवा केंद्र पर सम्पन्न हुई।
शोभायात्रा में प्रस्तुत की गई आकर्षक एवं संदेशात्मक झांकियाँ जनमानस के आकर्षण का विशेष केंद्र रहीं। एक झांकी में भगवान शिव के ज्योतिर्लिंग स्वरूप एवं भगवान शंकर की भव्य प्रतिमा के माध्यम से शिव की महिमा और आध्यात्मिक शक्ति का संदेश दिया गया। दूसरी झांकी में यह भावपूर्ण संदेश प्रस्तुत किया गया कि परमपिता परमात्मा शिव ज्योति बिंदु स्वरूप हैं, जो वर्तमान समय में भारत भूमि पर अवतरित होकर मानव आत्माओं को राजयोग के माध्यम से शांति, शक्ति और पवित्रता प्रदान कर रहे हैं।
एक अन्य झांकी के माध्यम से स्वर्णिम भारत के निर्माण का दृश्य प्रस्तुत किया गया, जिसमें यह दर्शाया गया कि भारत पुनः ‘सोने की चिड़िया’ बनेगा और दैवी राज्य की स्थापना होगी, जहाँ श्री लक्ष्मी-नारायण के राज्य में सुख, शांति और समृद्धि का साम्राज्य होगा। वहीं नशामुक्ति पर आधारित झांकी ने युवाओं और समाज को यह सशक्त संदेश दिया कि नशा छोड़ो, जीवन संवारो, तथा ईश्वरीय ज्ञान को अपनाकर जीवन को खुशहाल बनाया जा सकता है।
मार्ग में अनेक स्थानों पर श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर शिव बाबा का भावपूर्ण स्वागत किया। श्वेत वस्त्रधारी ब्रह्माकुमार-ब्रह्माकुमारी अनुशासित रूप से शिव ध्वज एवं बैनर लेकर चल रहे थे, वहीं माताएँ सिर पर कलश धारण कर शोभायात्रा की शोभा बढ़ा रही थीं। “सर्व पर्वों में पर्व महान, शिव जयंती सर्व महान”, “जब छोड़ेंगे पाँच विकार, तभी मिटेगा भ्रष्टाचार” जैसे नारों से वातावरण भक्तिमय एवं आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया।
ब्रह्माकुमारी संस्था की ओर से यह संदेश दिया गया कि शिव जयंती केवल एक पर्व नहीं, बल्कि आत्मिक जागृति, नैतिक मूल्यों की स्थापना एवं राजयोग द्वारा जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का श्रेष्ठ अवसर है। शोभायात्रा में आसपास के सभी सेवा केंद्रों के बहन-भाइयों की गरिमामय सहभागिता रही।




