खिलाड़ी लड़ाई भुजाओं से नहीं, मन और मस्तिष्क से लड़े- कुलपति

उत्साह अनुशासन व खेल भावना से लबरेज खेल उमंग का भव्य समापन
सुविवि के खिलाड़ी ओलंपिक चैंपियन बने मेरी शुभकामना,
.. प्रो. पूनम टंडन
ओवर आल चैंपियन डी.ए.वी. का चल वैजयंती पर कब्जा,
आजमगढ़। महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय आजमगढ़ के परिसर में खेल उमंग कार्यक्रम के समापन अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में पंडित दीनदयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय गोरखपुर की कुलपति प्रोफेसर पूनम टंडन जी थी, कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर संजीव कुमार जी ने किया।
विश्वविद्यालय के मीडिया प्रभारी ने बताया कि तीन दिवसीय खेल उमंग कार्यक्रम के समापन दिवस के अवसर पर कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत मंचासीन सभी अतिथियों द्वारा वीणा वादिनी एवं ज्ञान की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित कर एवं दीप प्रज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना से हुई, तदोपरांत विश्वविद्यालय का प्यारा कुलगीत बेटियों द्वारा प्रस्तुत किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में अपने संबोधन में पंडित दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि यहां आने पर यह भी जानकारी हुई की अल्प समय एवं सीमित संसाधन में महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय की छात्र-छात्राएं राष्ट्रीय फलक पर अनेकों मेडल प्राप्त कर विश्वविद्यालय व पूर्वांचल का नाम रोशन की है। पूर्वांचल की धरा से खेलो इंडिया में पहुंचने के लिए विश्वविद्यालय के बेटे बेटियों को बहुत-बहुत बधाई तथा आशीर्वाद देती हूं कि विश्वविद्यालय की बेटियां बेटे ओलंपियन बने।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो संजीव कुमार ने कहा कि अल्प समय और सीमित संसाधन में खेल उमंग कार्यक्रम शानदार एवं अनुशासित ढंग से संपन्न होना निश्चय ही आयोजन समिति व अनुशासित प्रतिभागियों को इसके लिए ढेर सारी बधाई। कुलपति ने मुख्य अतिथि के रूप में गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर पूनम टंडन के आगमन को प्रणाम करते हुए कहा कि मैडम ने शॉर्ट नोटिस पर मेरा आमंत्रण स्वीकार किया इसके लिए विश्वविद्यालय परिवार की तरफ से हम आभारी है प्रतिभागी छात्र-छात्राओं से उन्होंने अपील की कि आप अपने-अपने महाविद्यालय में जाकर तथा अगल-बगल के महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं के को खेल के प्रति प्रोत्साहित करें और उनसे कहें की खेलना सिर्फ इसलिए जरूरी नहीं है की मेडल प्राप्त होगा अपितु खेलना स्वास्थ्य के लिए भी बेहद आवश्यक है। भविष्य में आगे जब खेल उमंग का कार्यक्रम हो तो प्रतिभागियों की संख्या में भारी बढ़ोतरी हो ऐसा प्रयास आप सभी को शुरू कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि पूरा आयोजन निष्पक्ष और अनुशासित तरीके से कराया गया और प्रतिभागियों ने जूरी के निर्णय को सहर्ष स्वीकार किया इसके लिए पूरी टीम को बधाई। छात्रों को उत्साहित करते हुए उन्होंने कहा कि जब तक लड़ेंगे नहीं तब तक जीतेंगे नहीं। उन्होंने इस उक्ति के साथ संबोधन समाप्त किया कि न हार में न जीत में किंचित नहीं भयभीत में, संघर्ष पथ पर जो मिले यह भी सही वह भी सही।
अपने शुरुआती संबोधन में कार्यक्रम के संयोजक ने कहा कि तीन दिवसीय खेल उमंग कार्यक्रम के शिल्पी हमारे विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजीव कुमार जी के सहयोग शारीरिक प्रशिक्षण विभाग के प्राध्यापक गण सभी जूरी के मेंबर विश्वविद्यालय महाविद्यालय के प्राध्यापकगण गैर शैक्षणिक कर्मचारी तथा विश्वविद्यालय के अधिकारीगण साथ ही सबसे अधिक हम आभारी हैं उन प्रतिभागियों के जिन्होंने हार जीत की चिंता किए बगैर निर्णायक मंडल के निर्णय को सहर्ष स्वीकार कर अनुशासित तरीके से खिलाड़ी होने का परिचय दिया।
कार्यक्रम के अंत में मेडल वितरण के पूर्व ललित कला संकाय के अंतर्गत आयोजित प्रथम वार्षिक कला प्रदर्शनी में बीएफए प्रथम वर्ष के विभिन्न विभाग व्यवहारिक कला विभाग में सपना कुमारी को प्रथम चित्रकला विभाग में खुशी यादव को प्रथम और मूर्तिकला विभाग में अरुण कुमार को प्रथम पुरस्कार से मुख्य अतिथि एवं विश्वविद्यालय के कुलपति ने नवाजा।
फिर शुरू हुआ मुख्य आयोजन खेल उमंग के पुरस्कार वितरण समारोह जिसमें डी.ए.वी.कॉलेज आजमगढ़ ने कुल ओवर ऑल चैंपियनशिप का 72 अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान सुहेलदेव विश्वविद्यालय द्वितीय स्थान मालताडी पीजी कॉलेज तृतीय स्थान एवं डीसीएसके पीजी कॉलेज मऊ चतुर्थ स्थान पर रहा।
कार्यक्रम में आयोजन समिति के साथ जिन महनीय लोगों की गरिमामयी उपस्थिति थी उसमें विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. अंजनी कुमार मिश्र, परीक्षा नियंत्रक श्री आनंद कुमार मौर्य, प्रो. देवेंद्र सिंह, प्रो. ऋषिकांत, प्रो. अमरजीत, प्रो. हरिलाल ,प्रो. अर्पिता, डॉ. अजय, डॉ. युगांत ,डॉ. प्रवेश सिंह, डॉ. पंकज सिंह, डॉ. शफीउजमा, डॉ. अमित, डॉ. जयराम आदि के साथ-साथ कुलपति जी के सहायक भूपेंद्र पांडे एवं विपिन की उपस्थिति रही कार्यक्रम का संचालन डॉ. वैशाली व डॉ. निधि ने किया।
डॉ. प्रवेश सिंह मीडिया प्रभारी महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय आजमगढ़ मो.न. 9452 4458 78




