
सेंट्रल डेस्क संपादक – वैद्य पण्डित प्रमोद कौशिक।
संवाददाता – डॉ. गोपाल चतुर्वेदी।
मुख्य अतिथि डॉक्टर श्रीधर द्विवेदी ने छात्रों को दिए स्वस्थ रहने के कई सूत्र।
नई दिल्ली : लाजपत नगर की शहीद हेमू कॉलोनी के सीनियर सेकेंडरी स्कूल में विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर ‘सम्पूर्ण ब्रम्हांड में विज्ञान सम्मत विधियों से उत्तम स्वास्थ्य की प्राप्ति’ विषय पर प्रधानाचार्य एन के शर्मा के संयोजन में एक व्याख्यान का आयोजन किया गया।सर्वप्रथम प्रधानाचार्य महोदय ने इस दिवस की महत्ता बताते हुये उन्हें यह बताया की अच्छी सेहत एक ऐसी सौगात है, जिसे आप खरीद नहीं सकते केवल अपनी अच्छी जीवन शैली से अर्जित कर सकते है।
मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित नेशनल हार्ट इंस्टीट्यूट , नई दिल्ली के वरिष्ठ ह्रदय रोग विशेषज्ञ डॉक्टर श्रीधर द्विवेदी ने छात्रों को पावर प्वाइंट के माध्यम से स्वस्थ रहने के कई सूत्र बताते हुए कहा कि 1. उचित खानपान / नैसर्गिक वानस्पतिक भोजन /सात्विक, 2. सैर -व्यायाम, 3. योग और ध्यान, 4. न तम्बाकू न धूम्रपान, 5. जल्दी सोना, 6. जल्दी जगना, 7. न जंक 8 . न क्रोध, 9. न मोबाईल का अतिशय प्रयोग । व्यक्तिगत स्तर पर इन कार्यों के अतिरिक्त हमें सामाजिक स्तर पर भी कुछ कार्य करने चाहिए, जिसे छात्रों को सचित्र उदाहरणों के साथ बताया। अपने प्राचीन ग्रंथों जैसे शुक्ल यजुर्वेद ,गरुण पुराण, रामायण का उद्धरण देते हुये (ॐ द्यौः शान्तिरन्तरिक्षं शान्तिः,पृथिवी शान्तिरापः शान्तिरोषधयः शान्तिः।
वनस्पतयः शान्तिर्विश्वेदेवाः शान्तिर्ब्रह्म शान्तिः,सर्वं शान्तिः, शान्तिरेव शान्तिः, सा मा शान्तिरेधि॥ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः॥ ; ब्रह्मा मुरारी -त्रिपुरान्तकारी ,भानु: शशि: भूमिसुतो बुधश्च | गुरुश्च शुक्रः शनि- राहु-केतवः सर्वे ग्रहा: कुरु मम सुप्रभातम । ; सर्वे भद्राणु पश्यन्तु, सर्वे संतु निरामया:’ विश्व शांति,मानव स्वास्थ्य, पर्यावरण स्वच्छता के विषय में बताया और उनका आधुनिक चिकित्सा के मूलभूत सिद्धांतों से समन्वय करते हुये उन्हें अपने प्राचीन ज्ञान से परिचित कराया। अपने आस पास स्वच्छता , वृक्षों ( खासकर औषधीय वृक्ष जैसे अर्जुन, पीपल / अक्षस्थ, आमला आदि ) , नदियों, सरोवरों, बाग बगीचों का सरंक्षण, सड़क पर पालनीय नियम जैसे कुछ खाकर -चबाकर थूकने की आदत से परहेज , ध्वनि प्रदूषण ,प्रकाश प्रदूषण न करने के विषय में बताया। व्याख्यान के अंत में अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन द्वारा अनुमोदित जीवन के आठ आवश्यक परीक्षण / जरूरतों जैसे ( Life Simple Eight ) शाकाहार ,व्यायाम , धूम्रपान निषेध , वजन की जांच , शुगर की जांच , बी पी की जांच , कोलेस्टेरॉल की जांच और अच्छी नींद के विषय में बताकर व्याख्यान का समापन किया ।
पूरे कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता रही कुछ प्रश्न जो विद्यार्थियों ने पूछे । एक दृष्टि–दिव्यांग छात्र ने पूछा की जब शासन को पता है की अमुक वस्तु ( धूम्रपान /तंबाकू ) स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है तो उसे पूर्णतः प्रतिबंधित क्यों नहीं करती । उसका दूसरा प्रश्न और भी महत्वपूर्ण था । वह था आजकल युवकों में जिम संस्कृति और जिम प्रोटीन के विषय में अतिशय लगाव।
डॉ. श्रीधर द्विवेदी ने तीन उदाहरण देकर जिम संस्कृति और जिम प्रोटीनके विषय में यथार्थ बताया और कहा किशोर छात्रों के लिए खुले खेल के मैदान , बाग -बगीचे में सैर और व्यायाम जिम जाने कहीं अधिक लाभदायक है । कार्यक्रम के अंत में प्रधानाचार्य महोदय ने डॉ. श्रीधर द्विवेदी और उनके साथ उपस्थित सुश्री दोनी का सम्मान हरित -पौध , शाल तथा स्नेह भेंट से किया।

