
सीएसआईआर की पूर्व निदेशक एवं प्रतिष्ठित वैज्ञानिक प्रोफ़ेसर रंजना अग्रवाल ने किया विद्यार्थियों को विज्ञान एवं तकनीक के प्रति प्रेरित।
पलवल,प्रमोद कौशिक/संजीव कुमारी 15 मई : श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय में शुक्रवार को राष्ट्रीय तकनीकी दिवस मनाया गया। मुख्य अतिथि के रूप में सीएसआईआर की पूर्व निदेशक एवं प्रतिष्ठित वैज्ञानिक प्रोफ़ेसर रंजना अग्रवाल ने कहा कि तकनीक के क्षेत्र में भारत महाशक्ति है। भारत परमाणु शक्ति से संपन्न एक गौरवशाली राष्ट्र है। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत ने विज्ञान के क्षेत्र में अभूतपूर्व उन्नति की है। अंतरिक्ष से लेकर परमाणु ऊर्जा तक भारत आत्मनिर्भर बनता जा रहा है। प्रोफ़ेसर रंजना अग्रवाल ने कहा कि वर्तमान में ऊर्जा एवं ईंधन सबसे बड़ी चुनौती है, लेकिन भारत के पास थोरियम के रूप में विश्व का सबसे बड़ा ऊर्जा भंडार है। थोरियम से ऊर्जा की तकनीक विकसित होने पर भारत को 250 वर्षों तक किसी की ओर देखने की जरूरत नहीं पड़ेगी। प्रोफ़ेसर रंजना अग्रवाल ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि भारत सैटलाइट की दुनिया में भी शीर्ष पर हैं। उन्होंने कहा कि बायोलॉजी के क्षेत्र में भी बहुत असीम संभावनाएं हैं। इस दिशा में भी भारत बहुत तीव्रता से काम कर रहा है। प्रोफ़ेसर रंजना अग्रवाल ने कहा कि तकनीक तेज़ी से विकसित हो रही है, लेकिन इस तकनीक को मानव मूल्यों पर केंद्रित करने की आवश्यकता है। साथ ही उन्होंने भारत के पुरातन विज्ञान को भी महान नवाचारी बताते हुए कहा कि हमें इस पर भी शोध करके आगे बढ़ने की आवश्यकता है।
विशिष्ट वक्ता के रूप में इंडियन ऑयल कार्पोरेशन के पूर्व निदेशक (शोध एवं विकास) डॉ. एसएसवी रामकुमार ने कहा कि 2047 तक भारत विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य पर चल रहा है और भारत को विकसित बनाने में ऊर्जा की अहम भूमिका है। देश में सौर ऊर्जा, जल ऊर्जा और पवन ऊर्जा से लेकर परमाणु ऊर्जा तक विभिन्न शोध कार्य चल रहे हैं। आने वाले समय में हमें कार्बन डाइऑक्साइड में बड़ी कटौती करनी होगी। हमें कोयले पर निर्भरता कम करनी होगी। डॉ. एसएसवी रामकुमार ने कहा कि हमें ह्यूमन डेवलपमेंट इंडेक्स में भी भारत को प्रमाणित करना होगा और इसमें हमें आगे बढ़ने की आवश्यकता है। सेंटर फॉर एलेक्ट्रोमागेनेटिक्स के संयुक्त निदेशक (शोध एवं विकास) बालाकृष्णा ने विद्यार्थियों को तकनीक के विषय में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय के अकादमिक अधिष्ठाता प्रोफ़ेसर विक्रम सिंह ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि तकनीक मानव विकास में सबसे महत्वपूर्ण है और श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय तकनीक एवं कौशल को विकसित करने की दिशा में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
अतिथियों ने इस अवसर पर पोस्टर कम्पटीशन के विजेताओं को पुरस्कार भी वितरित किए। अकादमिक अधिष्ठाता प्रोफ़ेसर विक्रम सिंह ने अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। डीन प्रोफ़ेसर आशीष श्रीवास्तव में सभी अतिथियों का आभार ज्ञापित किया। इस अवसर पर ग्रीन टेक्नोलॉजी डिपार्टमेंट के चेयरपर्सन प्रोफ़ेसर सुनील कुमार, डीन प्रोफ़ेसर कुलवंत सिंह, प्रोफेसर डीवी पाठक, प्रोफ़ेसर उषा बत्रा, डॉ. संजय सिंह राठौर, एसवीएसयू सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्राचार्य सतेंद्र सौरोत सहित कई अन्य शिक्षक और काफी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे। इस कार्यक्रम का संयोजन डॉ. प्रीति द्वारा किया गया।
विद्यार्थियों को संबोधित करती प्रोफेसर रंजना अग्रवाल।


