लोकेशन: आजमगढ़

आजमगढ़। किसानों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए कृषि विभाग द्वारा जारी किए गए अधिकारियों के आधिकारिक मोबाइल नंबर बंद मिलने से किसानों में भारी नाराजगी है। किसानों का आरोप है कि विभागीय अधिकारियों से संपर्क करने के लिए जारी किए गए नंबरों पर बार-बार कॉल करने के बावजूद संपर्क नहीं हो पा रहा है, जिससे उन्हें कृषि संबंधी योजनाओं, अनुदान, बीज, उर्वरक तथा किसान सम्मान निधि जैसी महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
विभागीय सूची के अनुसार जिला कृषि अधिकारी, उप कृषि निदेशक, कृषि रक्षा अधिकारी, भूमि संरक्षण अधिकारी एवं संयुक्त कृषि निदेशक के मोबाइल नंबर सार्वजनिक किए गए हैं, लेकिन किसानों का कहना है कि अधिकांश समय ये नंबर बंद या नेटवर्क क्षेत्र से बाहर बताते हैं।
किसानों का कहना है कि फसल में रोग लगने, खाद-बीज की उपलब्धता, प्राकृतिक आपदा से नुकसान तथा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए अधिकारियों से संपर्क करना आवश्यक होता है। लेकिन फोन बंद रहने के कारण किसानों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं, जिससे समय और धन दोनों की बर्बादी होती है।
क्षेत्र के किसानों ने जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग के उच्चाधिकारियों से मांग की है कि विभागीय अधिकारियों के आधिकारिक मोबाइल नंबरों को सक्रिय रखा जाए तथा किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। किसानों का कहना है कि सरकार द्वारा जारी हेल्पलाइन और संपर्क नंबर तभी उपयोगी साबित होंगे, जब उन पर समय पर जवाब मिले।
किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो वे इस संबंध में उच्च अधिकारियों से शिकायत करने के साथ ही जन आंदोलन का रास्ता अपनाने पर भी विचार करेंगे।


