
गुरुद्वारा सिंह सभा लोहारा को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की तरफ से 11 लाख रुपए देने की करी घोषणा।
उपाध्यक्षा सुमन सैनी ने बाबा लखी शाह बंजारा के 448 वें जन्मोत्सव पर गुरुद्वारा में मत्था टेककर की अरदास।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने घुमंतू एवं विमुक्त जातियों को मुख्यधारा से जोडऩे के लिए उठाए कई महत्वपूर्ण कदम
समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना ही सरकार का मार्गदर्शक मंत्र।
लाडवा, प्रमोद कौशिक 5 जुलाई : हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद की उपाध्यक्षा सुमन सैनी ने कहा कि सिख इतिहास में बाबा लखी शाह बंजारा का योगदान अमर है। जब अत्याचारी औरंगजेब के आदेश पर दिल्ली के चांदनी चौक में हिंद की चादर श्री गुरु तेग बहादुर जी का शीश कलम कर दिया गया, तब भय और आतंक का वातावरण था। ऐसे समय में बाबा लखी शाह बंजारा जी ने अद्भुत साहस दिखाया। वे गुरु साहिब के पावन धड़ को अत्यंत श्रद्धा और चतुराई से अपनी बस्ती तक ले आए और मुगल शासन के आतंक के बीच अपने ही घर को अग्नि समर्पित कर गुरु तेग बहादुर जी का सम्मान पूर्वक अंतिम संस्कार किया। यह घटना केवल इतिहास का प्रसंग नहीं, बल्कि धर्म की रक्षा के लिए सर्वस्व समर्पण की अमर मिसाल है।
उपाध्यक्षा सुमन सैनी रविवार को गुरुद्वारा सिंह सभा में बाबा लखी शाह बंजारा के 448 वें जन्म उत्सव पर आयोजित कार्यक्रम में बोल रही थी। उन्होंने गुरुद्वारा में मत्था टेककर अरदास की। उपाध्यक्षा सुमन सैनी ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की तरफ से 11 लाख रुपए गुरुद्वारा सिंह सभा लोहारा को देने की घोषणा की। उपाध्यक्षा सुमन सैनी को गुरुद्वारा सिंह सभा लोहारा ने सरोपा व स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। उपाध्यक्षा सुमन सैनी ने बाबा लखी शाह बंजारा जी कोटि-कोटि नमन करते हुए सभी साध-संगत व समाज के सभी नागरिकों को जयंती की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
उपाध्यक्षा सुमन सैनी ने कहा कि बाबा लखी शाह बंजारा केवल एक ऐतिहासिक व्यक्तित्व नहीं थे, बल्कि वे साहस, सेवा, धर्म-रक्षा, त्याग और मानवता के महान प्रतीक थे। उनका जीवन हमें यह सिखाता है कि जब समय कठिन हो, परिस्थितियां प्रतिकूल हों और सत्य पर संकट हो, तब जो व्यक्ति धर्म, कर्तव्य और मानवता के पक्ष में अडिग खड़ा रहता है, वही इतिहास रचता है। उन्होंने कहा कि बाबा लखी शाह बंजारा का जीवन हमें सिखाता है कि नि:स्वार्थ सेवा, साहस, समर्पण और धर्म के प्रति आस्था ही मनुष्य को महान बनाती है।
उपाध्यक्षा सुमन सैनी ने कहा कि महापुरुष किसी एक जाति, वर्ग या समुदाय की धरोहर नहीं होते, वे पूरे समाज और राष्ट्र की साझा विरासत होते हैं। उनके विचार और आदर्श एक प्रकाश-स्तंभ की तरह हमें दिशा देते हैं। इसलिए यह आवश्यक है कि हम केवल उनकी जयंती न मनाएं, बल्कि उनके विचारों को भी अपने जीवन में उतारें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की सरकार ने इसी भावना के साथ संत-महापुरुष विचार सम्मान एवं प्रसार योजना के माध्यम से संतों और महापुरुषों के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया है। इस योजना के तहत बाबा लखी शाह बंजारा जैसे महापुरुषों की जयंती राज्य स्तर पर मनाई जा रही है। इसका उद्देश्य यही है कि नई पीढ़ी अपने महापुरुषों के जीवन, त्याग, संघर्ष और विचारों से परिचित हो, उनसे प्रेरणा ले और समाज को आगे बढ़ाने में अपनी भूमिका निभाए।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने घुमंतू एवं विमुक्त जातियों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए उठाए कई महत्वपूर्ण कदम
उपाध्यक्षा सुमन सैनी ने कहा कि बंजारा समाज हमारे देश का अत्यंत संघर्षशील, मेहनती, स्वाभिमानी और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध समाज है। इस समाज ने विपरीत परिस्थितियों में भी अपनी परंपराओं, अपनी पहचान और अपनी जीवटता को बनाए रखा। इतिहास में ऐसे दौर भी आए जब घुमंतू और विमुक्त जातियों को अन्याय और उपेक्षा का सामना करना पड़ा, लेकिन आज समय बदल रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सरकार में यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि समाज का कोई भी वर्ग विकास से वंचित न रहे। मुख्यमंत्री नायब ङ्क्षसह सैनी ने घुमंतू एवं विमुक्त जातियों को मुख्यधारा से जोडऩे के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। परिवार पहचान पत्र के माध्यम से ऐसे परिवारों को योजनाओं और सेवाओं से जोड़ा गया है, ताकि उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य, राशन, आवास और सामाजिक सुरक्षा का लाभ आसानी से मिल सके।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में सरकार ने करनाल, पलवल और रोहतक सहित कई क्षेत्रों में घुमंतू परिवारों को बसाने और उन्हें प्लॉट उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया गया है। इसके साथ ही हरियाणा विमुक्त घुमंतू जाति विकास बोर्ड का गठन करके समग्र विकास के लिए संस्थागत व्यवस्था भी बनाई गई है।
समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना ही सरकार का मार्गदर्शक मंत्र
उपाध्यक्षा सुमन सैनी ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में सरकार का मार्गदर्शक मंत्र है- अंत्योदय, अर्थात समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना। इसी सोच के साथ गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं। मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना, अंत्योदय मेलों के माध्यम से स्वरोजगार, मुख्यमंत्री शहरी एवं ग्रामीण आवास योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, डॉ. भीमराव आंबेडकर आवास नवीनीकरण योजना, वृद्धावस्था सम्मान भत्ता, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, हैप्पी कार्ड, आयुष्मान भारत-चिरायु योजना, उज्ज्वला योजना, चिराग योजना, मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना और आपकी बेटी-हमारी बेटी योजना जैसी योजनाएं गरीब परिवारों के जीवन में सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता का आधार बन रही हैं।


