
महाराजा सुहेलदेव राज्य विश्वविद्यालय में ‘नशा मुक्त युवा: विकसित भारत@2047’ विषय पर विशेष कार्यक्रम आयोजित
आजमगढ़: महाराजा सुहेलदेव राज्य विश्वविद्यालय (एमएसडीयू) के प्रशासनिक भवन स्थित कुलपति सभागार में ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के अंतर्गत ‘नशा मुक्त युवा : विकसित भारत@2047’ विषय पर एक भव्य व्याख्यान एवं जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजीव कुमार ने की।
युवाओं का राष्ट्र निर्माण में योगदान – कुलपति प्रो. संजीव कुमार
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. संजीव कुमार ने कहा कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति सचेत करना और एक स्वस्थ, नशामुक्त व सशक्त समाज की नींव रखना है।
उन्होंने कहा कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नहीं, बल्कि उसके पूरे परिवार और समाज को तबाह कर देता है।
विश्वविद्यालय युवाओं को नशे की गिरफ्त से दूर रखने और उन्हें राष्ट्र निर्माण की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए लगातार सकारात्मक प्रयास करता रहेगा।
पुलिस अधीक्षक चिराग जैन की युवाओं से अपील
कार्यक्रम में मुख्य रूप से शामिल हुए पुलिस अधीक्षक चिराग जैन ने युवाओं को नशे के गंभीर कानूनी और सामाजिक परिणामों से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि नशे की रोकथाम के लिए समाज की सक्रिय भागीदारी बेहद जरूरी है। एसपी ने युवाओं से अपील की कि वे खुद भी नशे से दूर रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत जिम्मेदार अधिकारियों तक पहुंचाएं।
वक्ताओं के मुख्य विचार
प्रो. अजीत प्रसाद राय (अभियान समिति के अध्यक्ष) ने कहा कि नशा आज के युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा और उनके उज्ज्वल भविष्य को दीमक की तरह चाटने वाली एक गंभीर सामाजिक चुनौती है।
प्रो. रजनीकांत पाण्डेय ने अपने संबोधन में जोर दिया कि युवाओं की ऊर्जा को सही और सकारात्मक दिशा देने के लिए उन्हें शिक्षा के साथ-साथ खेल, सांस्कृतिक, साहित्यिक और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ना बेहद आवश्यक है। नशामुक्त युवा ही ‘विकसित भारत@2047’ के संकल्प को मजबूती दे सकते हैं।
दिलाई गई नशा मुक्ति की शपथ
कार्यक्रम के अंत में कुलपति महोदय ने उपस्थित सभी शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों को जीवन में कभी नशा न करने तथा समाज को इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने का सामूहिक संकल्प दिलाया। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. मनीषा सिंह ने किया।

