
मुख्य बातें:
- स्थान: आजमगढ़ (महाराजा सुहेल देव विश्वविद्यालय)
- प्रमुख संबोधन: कुलपति प्रो. संजीव कुमार
- मुख्य संदेश: नियमित अध्ययन, सकारात्मक सोच, अनुशासन और समय का सदुपयोग।
आजमगढ़:
महाराजा सुहेल देव विश्वविद्यालय में नवप्रवेशी विद्यार्थियों के स्वागत और उनके विश्वविद्यालय जीवन के शानदार आगाज के लिए ‘दीक्षारंभ समारोह’ का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजीव कुमार ने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें शैक्षणिक और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित किया।
व्यक्तित्व निर्माण का महत्वपूर्ण चरण है विश्वविद्यालय जीवन
विश्वविद्यालय के मीडिया प्रभारी ने जानकारी दी कि कुलपति प्रो. संजीव कुमार ने अपने उद्बोधन में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि यह समय उनके व्यक्तित्व निर्माण और भविष्य की दिशा तय करने का सबसे महत्वपूर्ण चरण है।
कुलपति ने छात्रों को सफलता के मंत्र देते हुए अपनी दिनचर्या में निम्नलिखित बातों को शामिल करने का आह्वान किया:
- नियमित अध्ययन
- सकारात्मक सोच
- अनुशासन
- समय का सदुपयोग
उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि विद्यार्थियों को केवल डिग्री हासिल करने तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि ज्ञान, कौशल, संस्कार और अपने सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति भी पूरी तरह सजग रहना चाहिए।
छात्रों ने साझा किए अनुभव और दी गई महत्वपूर्ण जानकारियां
- अनुभव साझा: समारोह के दौरान छात्र-छात्राओं (सुषमा पांडे, महक और सत्यम) ने अपने अनुभव नवप्रवेशी विद्यार्थियों के साथ साझा किए।
- शैक्षणिक परिचय: शिक्षकों ने मंच के माध्यम से नए छात्रों को विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, विभिन्न सुविधाओं, नियमों और गतिविधियों से परिचित कराया।
- उद्देश्य: इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में विश्वविद्यालय के प्रति अपनत्व की भावना जगाना और उन्हें उच्च शिक्षा के नए परिवेश से सहजता से जोड़ना था।
गरिमामयी उपस्थिति
इस भव्य समारोह में विश्वविद्यालय के तमाम अधिकारीगण, बड़ी संख्या में नवप्रवेशी विद्यार्थी और निम्नलिखित शिक्षकगण उपस्थित रहे:
- शिक्षकगण: सूर्य प्रकाश अग्रहरि, शुभम राय, अनुराग, महीप चौरसिया, वैशाली, मनीषा, प्रियंका, दीक्षा और संतोष आदि।
- संचालन: कार्यक्रम का सफल संचालन छात्रा अंशिता सिंह द्वारा किया गया।


