
कोरिया 20 अगस्त 2026/ जिले में संभावित आपदाओं से निपटने की तैयारियों, राहत एवं बचाव दल की तत्परता तथा आम नागरिकों को आपदा के समय बरती जाने वाली सावधानियों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से गुरुवार को झुमका जलाशय क्षेत्र में व्यापक मॉकड्रिल आयोजित की गई। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, गृह मंत्रालय भारत सरकार, छत्तीसगढ़ राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग तथा जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण कोरिया के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस अभ्यास में विभिन्न आपदा परिस्थितियों में त्वरित रेस्क्यू और प्राथमिक उपचार की पूरी प्रक्रिया का प्रदर्शन किया गया।
’अंडरग्राउंड माइन में फंसे तीन कर्मियों को सुरक्षित निकाला’
मॉकड्रिल के दौरान चरचा आरओ अंडरग्राउंड माइन में तीन कर्मियों के फंसे होने की सूचना प्राप्त होते ही जिला आपदा प्रबंधन एवं रेस्क्यू टीम तत्काल मौके पर पहुंची। अंडरग्राउंड माइन में अंधेरा और बारिश के कारण बचाव कार्य में कुछ कठिनाइयां आईं, लेकिन टीम ने तत्परता से अभियान चलाकर तीनों कर्मियों प्रेम कुमार, फीटर अरविंद तथा जयकरन खलासी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
रेस्क्यू के दौरान एक कर्मी की हालत गंभीर होने का परिदृश्य बनाया गया। मौके पर ही उसे तत्काल प्राथमिक उपचार और पीसीआर दिया गया तथा स्थिति को देखते हुए एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया। चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद बताया कि घबराने के कारण उसका ब्लड प्रेशर बढ़ गया था और अब खतरे की कोई बात नहीं है। इस अभ्यास के माध्यम से माइन दुर्घटना के दौरान बचाव दल द्वारा अपनाई जाने वाली प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रदर्शन किया गया।
’झुमका जलाशय में डूबे तीन लोगों का भी सफल रेस्क्यू’
मॉकड्रिल के दूसरे चरण में झुमका जलाशय में तीन लोगों के गहरे पानी में डूबने की सूचना पर आपदा प्रबंधन एवं फायर रेस्क्यू टीम ने तत्काल कार्रवाई की। मोटर बोट और आवश्यक बचाव उपकरणों की सहायता से रेस्क्यू टीम ने तीनों को सुरक्षित बाहर निकाला।
बाढ़ या तेज बहाव में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने, पीड़ितों को प्राथमिक उपचार देने और उन्हें स्वास्थ्य टीम तक पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया का भी प्रदर्शन किया गया। फायर कर्मियों द्वारा रेस्क्यू किए गए लोगों को एंबुलेंस के माध्यम से स्वास्थ्य टीम तक पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य स्टाफ ने तत्काल प्राथमिक उपचार दिया।
’आपदा के समय घबराएं नहीं, सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव’
मॉकड्रिल के दौरान ग्रामीणों और विद्यार्थियों को बताया गया कि बाढ़ जैसी स्थिति में घबराने के बजाय सुरक्षित एवं ऊंचाई वाले स्थान पर पहुंचना चाहिए। बच्चों, बुजुर्गों और जरूरतमंद लोगों को प्राथमिकता से सुरक्षित स्थान पर ले जाना चाहिए। बचाव दल के निर्देशों का पालन करते हुए नाव, रस्सी एवं अन्य उपलब्ध संसाधनों का उपयोग करना चाहिए।
विद्यार्थियों को आग के विभिन्न प्रकार, आग लगने की स्थिति में बचाव के उपाय तथा आपदा के समय बिजली के उपकरणों से दूरी बनाए रखने सहित आवश्यक सुरक्षा सावधानियों की जानकारी भी दी गई।
उपलब्ध संसाधनों और रेस्क्यू क्षमता का किया गया परीक्षण
अभ्यास के लिए जिला सेनानी एवं अग्निशमन विभाग द्वारा होमगार्ड जवानों सहित बचाव दल, मोटर बोट, आवश्यक उपकरण एवं अन्य संसाधन उपलब्ध कराए गए। मॉकड्रिल के माध्यम से यह भी परखा गया कि आपदा की सूचना मिलने के बाद विभिन्न विभागों के बीच किस प्रकार समन्वय स्थापित कर कम से कम समय में राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सकता है।
’कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव ने लिया जायजा’
मॉकड्रिल के दौरान कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव गतिविधियों का जायजा लिया। उन्होंने विभिन्न टीमों द्वारा किए जा रहे रेस्क्यू ऑपरेशन, प्राथमिक उपचार और आपदा के दौरान विभागीय समन्वय की प्रक्रिया का अवलोकन किया। कलेक्टर ने युवाओं से कहा कि ज्ञान, सीख और अनुभव जीवन में जरूर काम आता है, इसलिए इस मॉकड्रिल से जरूर सीखे, समझें।
इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री डीडी मण्डावी, संयुक्त कलेक्टर श्री अमित गुप्ता, एसईसीएल बैकुंठपुर क्षेत्र के रेस्क्यू प्रभारी श्री वी.के. परिहार, एसडीएम श्री उमेश पटेल, डीएसपी श्री श्याम मधुकर, डिप्टी कलेक्टर श्री राकेश साहू, डॉ अभय जुगल तिर्की सहित संबंधित विभागों के अधिकारी, फायर एवं होमगार्ड जवान, एनसीसी, स्काउट तथा रेस्क्यू टीम मौजूद रही।


