
(पंजाब) फिरोजपुर 02 सितंबर [कैलाश शर्मा जिला विशेष संवाददाता]=
दिव्य ज्योति जागृति संस्थान की ओर से गांव : 'अली के' जिला फिरोजपुर में भारतीय संस्कृति के अनुसार ऋषि परंपरा के अंतर्गत हवन किया गया । हवन के लिए संस्थान के संस्थापक व संचालक 'श्री आशुतोष महाराज' जी के शिष्य 'पंडित इंद्रजीत' जी विशेष रूप से पहुंचे।हवन की दिव्य तरंगों से वातावरण में दिव्यता का संचार हुआ। हवन का आरंभ दिव्य मंत्र उच्चारण से किया गया।
शास्त्री इंद्रजीत जी ने कहा कि मंत्रों के रूप में हमारे वेदों में ज्ञान का वह भंडार है जो समाज और मानव हृदय में उत्पन्न नकारात्मकता को सकारात्मक में परिवर्तित करता है । जब ब्रह्मज्ञानी शिष्य दिव्य गुरु के मार्गदर्शन में वेद मंत्रों का वैदिक रीति और पद्धति अनुसार शुद्ध मंत्र उच्चारण करते हैं तब वैदिक मंत्र उच्चारण सकारात्मक आभा उत्पन्न करता है जो निसंदेह प्राकृति की वायु में सूक्ष्म सकारात्मक प्रभाव डालती है। उन्होंने कहा कि संस्थान की मान्यता है कि हवन साधकों की आध्यात्मिक जागृति से दिव्यता की गहराइयों में उतरने के लिए भी प्रोत्साहित करता है।
उन्होंने कहा कि गुरुदेव अक्सर कहते हैं कि बाहर की दुनिया में हम जो भी देखते हैं वह हर मनुष्य के अंदर स्थापित अंतर जगत का ही प्रतिबिम्ब है। समस्त शास्त्र भी एकमत हो यही विचार प्रसारित करते हैं कि 'जो ब्रह्माण्डे सोई पिंडे' इसलिए मनुष्य के अंतर्गत की दिव्य आध्यात्मिक यात्रा शुरू करने के लिए एक पूर्ण ब्रह्मनिष्ठ गुरु की आवश्यकता होती है।
साध्वी करमाली भारती जी ने कहा कि वातावरण और मनुष्य के मन सकारात्मक ऊर्जावान रखने के लिए ब्रह्म ज्ञानियों द्वारा ऐसे हवन होते रहने चाहिए।
इस हवन- यज्ञ का उद्देश्य समाज में सकारात्मक सोच ,शुद्ध विचार एवं सेवा भाव का संदेश नियमित है। इस कार्यक्रम में साध्वी हरजीत भारती जी और श्रद्धालुगण उपस्थित रहे। अंत में प्रभु की आरती की गई।


