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कुवि कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने शिक्षकों को प्रदान किया लाईफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड तथा बेस्ट रिसर्चर अवार्ड
शिक्षक दिवस पर केयू में एट होम कार्यक्रम का आयोजन।
कुरुक्षेत्र, 6 सितम्बर : कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा द्वारा शनिवार देर सांय शिक्षक दिवस के अवसर पर कुलगुरु निवास में आयोजित एट होम कार्यक्रम में कुवि के शिक्षकों को उनके शैक्षणिक अनुभव, पुस्तक लेखन, शोध पत्र, पेटेंट में बेहतर कार्य के लिए लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड व शोध के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए रिसर्चर अवार्ड देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा शिक्षकों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि शिक्षक का सम्मान उसके पद से नहीं, बल्कि उसके ज्ञान, व्यक्तित्व, आचरण और विद्यार्थियों के जीवन पर पड़े प्रभाव से होता है। उन्होंने कहा कि डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने अपने जन्मदिवस को शिक्षक दिवस के रूप में मनाने की इच्छा व्यक्त कर पूरे शिक्षक समुदाय को सम्मान दिलाया। कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि डॉ. राधाकृष्णन के जीवन से शिक्षकों को सीख मिलती है कि आलोचना का उत्तर आलोचना से नहीं, बल्कि अपने ज्ञान और कार्य से देना चाहिए। आज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सूचना-विस्फोट के दौर में शिक्षकों की जिम्मेदारी और बढ़ गई है। हमें विद्यार्थियों को केवल सूचना उपलब्ध कराने के बजाय सूचना को ज्ञान, ज्ञान को विवेक और विवेक को जीवन का मार्ग बनाने के लिए प्रेरित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि वर्षों बाद कोई विद्यार्थी अपने शिक्षक से यह कहे कि ‘गुरुजी, आपने मेरा जीवन बदल दिया’, तो इससे बड़ी उपलब्धि शिक्षक के लिए कोई नहीं हो सकती। इस अवसर पर शिक्षकों एवं विद्यार्थियों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां व गीत प्रस्तुत किए गए।
कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि एसएफएस एवं पार्ट-टाइम शिक्षकों की पदोन्नति और सेवा- सुरक्षा को लेकर विश्वविद्यालय गंभीरता से कार्य कर रहा है। अकाउंट कोड की निर्धारित मर्यादाओं के कारण कुछ व्यावहारिक कठिनाइयां सामने आती हैं, लेकिन पूर्व में नीतिगत बदलाव कर कई शिक्षकों को पदोन्नति का लाभ दिया गया है। अभी विशेष रूप से एसोसिएट प्रोफेसर स्तर की कुछ पदोन्नतियाँ लंबित हैं। कुलगुरु ने विश्वास व्यक्त किया कि आगामी 15-20 दिनों अथवा अधिकतम एक माह में इन मामलों में सकारात्मक दिशा में प्रगति होगी। उन्होंने कहा कि एसएफएस शिक्षकों को बजट पदों से जोड़ने और उन्हें बेहतर सेवा-सुरक्षा उपलब्ध करवाने के लिए सभी का सहयोग आवश्यक है। उन्होंने शिक्षकों से कहा कि हरियाणा सरकार भी शिक्षित साथियों को सेवा-सुरक्षा और उचित लाभ देने के प्रति गंभीर है तथा इस दिशा में प्रयास जारी हैं। मंच का संचालन प्रो. विवेक चावला ने किया तथा कुलसचिव प्रो. वीरेन्द्र पाल ने सभी का आभार प्रकट किया।
इस मौके पर डॉ. ममता सचदेवा, कुलसचिव डॉ. वीरेन्द्र पाल, डॉ. बबीता, डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. राकेश कुमार, डीन ऑफ कॉलेजिज प्रो. ब्रजेश साहनी, छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. एआर चौधरी, डीन रिसर्च एवं डेवलेंपमेंट प्रो. संजीव अग्रवाल, प्रो. संजीव शर्मा, प्राक्टर प्रो. अनिल गुप्ता, प्रो. रश्मि वर्मा, कुटा प्रधान डॉ. जितेन्द्र खटकड़, प्रो. परमेश कुमार, प्रो. प्रीति जैन, प्रो. सुनीता सिरोहा, लोक सम्पर्क विभाग के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया, मुख्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. आनंद कुमार, प्रो. शुचिस्मिता, प्रो. कुलदीप सिंह, डॉ. मोहिन्दर सिंह, उप-निदेशक डॉ. जिम्मी शर्मा, डॉ. अशोक शर्मा, डॉ. विजय, ओएसडी पवन रोहिला सहित डीन, निदेशक, विभागाध्यक्ष व शिक्षक मौजूद थे।
बेस्ट रिसर्चर अवार्ड-2025, लोक सम्पर्क विभाग के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया ने बताया कि विभिन्न कैटेगरी में दिए गए अवार्ड में बायोटेक्नोलॉजी विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. जितेंद्र शर्मा को बेस्ट रिसर्चरः एच-इंडेक्स, यूआईईटी के सहायक प्रोफेसर डॉ. विशाल अहलावत को पेटेंट के लिए, रसायन विज्ञान विभाग की वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. नीरा राघव को बेस्ट रिसर्चरः इम्पैक्ट फैक्टर तथा फिजिक्स विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. संजीव अग्रवाल को बेस्ट रिसर्चर-पब्लिकेशन (विज्ञान) अवार्ड के लिए, अर्थशास्त्र विभाग की प्रोफेसर डॉ. अर्चना चौधरी को बेस्ट रिसर्चरः पब्लिकेशन (नॉन-साइंसेज), फिजिक्स विभाग की प्रोफेसर डॉ. सुमन मेहंदिया को बेस्ट रिसर्चरः प्रोजेक्ट्स (साइंसेज), यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मैनेजमेंट के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अजय सोलखे को बेस्ट रिसर्चरः प्रोजेक्ट्स (नॉन-साइंसेज), जियोफिजिक्स विभाग के सीनियर प्रोफेसर डॉ. भगवान सिंह चौधरी, डॉ. मनीषा संधु व डॉ. आर. बी. एस. यादव को कंसल्टेंसी (साइंसेज) तथा माइक्रोबायोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉ. नीरज कुमार को बेस्ट रिसर्चरः कोलेबोरेशन अवार्ड से सम्मानित किया गया।
9 शिक्षकों को मिला लाईफ टाईम अचीवमेंट अवार्ड।
’कम्प्यूटर साइंस एंड एप्लीकेशंस विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. राकेश कुमार को 35 वर्षों से अधिक समय तक शिक्षण, शोध, अकादमिक प्रशासन, संस्थागत विकास तथा तकनीक आधारित उच्च शिक्षा में योगदान के लिए सम्मानित किया गया है। भौतिकी विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. संजीव अग्रवाल को 28 वर्षों से अधिक की सेवा, शोध एवं अकादमिक नेतृत्व के लिए लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड प्रदान किया गया। भूविज्ञान विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. ए.आर. चौधरी को 33 वर्षों से अधिक की समर्पित सेवाओं एवं विश्वविद्यालय में उल्लेखनीय योगदान के लिए, इसी प्रकार पर्यटन एवं होटल प्रबंधन विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. मोहिंदर चंद को 33 वर्षों से अधिक समय तक शिक्षण, शोध, प्रशासन एवं प्रबंधन विज्ञान के क्षेत्र में योगदान के लिए सम्मानित किया गया। ’’भूभौतिकी विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर एवं रूसा के अंतर्गत सेंटर फॉर एडवांस्ड रिसर्च इन अर्थक्वेक स्टडीज के समन्वयक डॉ. भगवान सिंह चौधरी को 22 वर्षों से अधिक की सेवा, अकादमिक उपलब्धियों एवं नेतृत्व के लिए यह सम्मान मिला। वनस्पति विज्ञान विभाग के प्रोफेसर डॉ. नरेंद्र सिंह’’ को 28 वर्षों से अधिक समय तक शिक्षण, शोध एवं प्रशासन में योगदान के लिए सम्मानित किया गया। आईआईएचएस के गणित विभाग की प्रोफेसर डॉ. निरुपमा को शोध, शिक्षण, मार्गदर्शन एवं सामुदायिक सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड प्रदान किया। बायोकेमिस्ट्री विभाग की प्रोफेसर एवं इंस्टीट्यूट ऑफ टीचर ट्रेनिंग एंड रिसर्च की प्राचार्या डॉ. अनिता रानी दुआ’’ को 31 वर्षों से अधिक की सेवा, शोध एवं अकादमिक नेतृत्व के लिए सम्मानित किया गया। वहीं इलेक्ट्रॉनिक साइंस विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. सुरेश कुमार को 29 वर्षों से अधिक समय तक शिक्षण, शोध एवं प्रशासन में योगदान के लिए लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड प्रदान किया गया।


