जिले में होने वाली जनगणना 2027 होगी देश की पहली डिजिटल जनगणना : विवेक आर्य

हरियाणा संपादक – वैद्य पण्डित प्रमोद कौशिक दूरभाष – 94161 91877
18 महीने तक चलेगा जनगणना का कार्य, अधिकारी गंभीरता से निभाएं अपनी जिम्मेदारी।
अतिरिक्त उपायुक्त विवेक आर्य ने जनगणना को लेकर आयोजित बैठक को किया संबोधित।
कुरुक्षेत्र, 7 जनवरी : अतिरिक्त उपायुक्त विवेक आर्य ने कहा कि देश में होने वाली जनगणना 2027 भारत की पहली डिजिटल जनगणना होगी। इसको जिले में गंभीरता से पूर्ण किया जाएगा। जनगणना का कार्य 18 महीने तक चलेगा। इसको लेकर जनवरी के दूसरे सप्ताह में अधिकारियों को केंद्रीय टीम की तरफ से प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। जिले के ग्रामीण क्षेत्र को तहसील स्तर पर और शहरी क्षेत्र को परिषद व पालिकाओं में विभाजित करके गणना की जाएगी।
अतिरिक्त उपायुक्त विवेक आर्य बुधवार को लघु सचिवालय के सभागार में जनगणना को लेकर आयोजित बैठक को संबोधित कर रहे थे। इस बैठक में जनगणना कार्य निदेशालय हरियाणा से सहायक निदेशक चंचल राजावत व जिला जनगणना प्रभारी मंजू जांगड़ा ने केंद्रीय गृह मंत्रालय की जनगणना को लेकर तय किए गए बिंदुओं से अवगत करवाया और देश में होने वाली पहली डिजिटल जनगणना पर विस्तृत प्रस्तुति दी।
अतिरिक्त उपायुक्त विवेक आर्य द्वारा सभी संबंधित नोडल अधिकारी एवं चार्ज अधिकारियों को जनगणना से सम्बन्धित बिंदुओं के संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए गए और भारत की जनगणना को सुचारू रूप से संपन्न करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।
अतिरिक्त उपायुक्त विवेक आर्य ने कहा कि भारत के महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त के कार्यालय, गृह मंत्रालय भारत सरकार द्वारा देश में जनगणना 2027 के लिए अधिसूचना जारी कर दी गई है। उन्होंने कहा कि सीएमएमएस पोर्टल द्वारा जनगणना कार्य को प्रगति दी जाएगी। इस पोर्टल पर प्रबंधन के कार्य का विवरण तैयार की गया है। इसके साथ ही स्व-गणना संबंधित पोर्टल की जानकारी भी अधिकारियों को उपलब्ध करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि केंद्र की तरफ से जनगणना को लेकर अधिसूचना जारी कर दी गई है। इसके साथ ही फील्ड पदाधिकारियों की नियुक्ति कर इस कार्य को शुरू कर दिया गया।
इस बैठक में एसडीएम अमन कुमार, डीडीपीओ विकास, जिला सांख्यिकी अधिकारी जसविंदर कौर, नायब तहसीलदार बलकार सिंह, बीडीपीओ रुबल, बीडीपीओ विनोद, बीडीपीओ आशुतोष, नगर पालिका सचिव नीरज सैनी सहित अन्य अधिकारीगण मौजूदर रहे।




