कुरुक्षेत्र में गीता परिवार का भव्य आयोजन, संस्कृतिक संध्या बनी आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम

हरियाणा संपादक – वैद्य पण्डित प्रमोद कौशिक।
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कुरुक्षेत्र, 27 मार्च : तीन दिवसीय सहस्त्र गीता कंठनाद कार्यक्रम में 26 मार्च को भव्य सांस्कृतिक संध्या कार्यक्रम में आध्यात्मिकता, संस्कृति एवं समाजसेवा का अद्भुत संगम देखने को मिला।

मंच का संचालन सविता बत्रा और उपासना झन्झोटे द्वारा किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के मानद सचिव उपेन्द्र सिंघला का गरिमामयी आगमन हुआ, जिनका स्वागत पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्र भेंट कर किया गया। विशेष अतिथि के रूप में दक्षिण मुखी हनुमान मंदिर ब्रह्मा सरोवर के अध्यक्ष डॉ. हिमांशु शर्मा का स्वागत किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन एवं मंगलाचरण के साथ हुई, जिससे वातावरण पूर्णतः भक्तिमय एवं ऊर्जावान हो उठा। उपस्थित जनसमूह ने पूरे उत्साह के साथ कार्यक्रम का आनंद लिया। मुख्य अतिथि कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के मानद सचिव उपेन्द्र सिंघला ने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे आयोजन भारतीय संस्कृति की जड़ों को मजबूत करने का कार्य करते हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी परंपराओं एवं मूल्यों से जुड़कर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाएं। मानद सचिव उपेन्द्र सिंघला ने सभी आगंतुको को कुरुक्षेत्र के बारे में विस्तृत जानकारी दी। आने वाले गीता कार्यक्रमों में आमंत्रित किया।आयोजकों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल समाज को एक नई दिशा देने में सहायक सिद्ध होगी।
कार्यक्रम में उत्तरांचल प्रभारी,गीता परिवार श्रीमती मीनाक्षी गुप्ता ने अपने प्रेरणादायक वक्तव्य में महिला सशक्तिकरण एवं सांस्कृतिक जागरूकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति ही हमारी पहचान है और इसे आगे बढ़ाना हम सभी का दायित्व है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष गीता परिवारश्री संजय मालपाणी ने अपने संबोधन में समाजसेवा एवं सामूहिक प्रयासों के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि जब समाज एकजुट होकर कार्य करता है, तब बड़े से बड़ा लक्ष्य भी आसानी से प्राप्त किया जा सकता है। अंतर्राष्ट्रीय कार्य अध्यक्ष डॉ. आशु गोयल ने अपने उद्बोधन में युवा पीढ़ी को संस्कारों से जोड़ने पर बल दिया तथा कहा कि इस प्रकार के आयोजन युवाओं को सही दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। गीत, नृत्य एवं नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय संस्कृति की समृद्ध झलक देखने को मिली। विशेष अतिथि डॉक्टर हिमांशु शर्मा ने सभी आगंतुको का कुरुक्षेत्र में स्वागत किया और विश्वास दिलाया कि कुरुक्षेत्र में किसी भी गीता सेवी को कोई परेशानी नहीं होगी।
अंत में आयोजक गीता परिवार द्वारा द्वारा सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया और कार्यक्रम का समापन प्रार्थना से किया गया।




