सुविवि परिसर में सात दिवसीय राष्ट्रीय सेवा योजना का भव्य समापन

“ सुविवि परिसर में सात दिवसीय राष्ट्रीय सेवा योजना का भव्य समापन ”*
पठन-पाठन के साथ संवेदनशील और जिम्मेदार नागरिक बने युवा,
प्रो. संजीव कुमार
आजमगढ़। महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय आजमगढ़ के प्रशासनिक भवन में स्थित सभागार में राष्ट्रीय सेवा योजना के सात दिवसीय विशेष शिविर का भव्य समापन विश्वविद्यालय के मुखिया प्रो. संजीव कुमार की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। समाज सेवा, अनुशासन और व्यक्तित्व निर्माण के अद्वितीय संगम के रूप में आयोजित सात दिनों तक चले इस सेवा यज्ञ ने स्वयंसेवकों को न केवल सामाजिक सरोकारों से जोड़ा, बल्कि उनके व्यक्तित्व को निखारने का सशक्त माध्यम भी बना।
विश्वविद्यालय के मीडिया प्रभारी ने बताया कि राष्ट्रीय सेवा योजना के कैड़ेटों ने इस सात दिवसीय आयोजन में गांव की चट्टी चौराहों से लेकर चंद्रमा ऋषि के आध्यात्मिक स्थल तक पहुंचकर न सिर्फ साफ सफाई और विचारों का आदान-प्रदान किया अपितु भारतीय सांस्कृतिक विरासत की जड़ तक पहुंचकर स्वयं भी लाभान्वित हुए। ग्रामवासियों ने विद्यार्थियों की इस सकारात्मक पहल को खूब सराहा। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर संजीव कुमार ने राष्ट्रीय सेवा योजना की पूरी टीम , कार्यक्रम अधिकारी के साथ-साथ प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों को सफल आयोजन के लिए सारी बधाई देते हुए उनके कार्यों को सराहा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना एक ऐसा अनुसांगिक संगठन है जो विश्वविद्यालय में आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों में विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा दी गई जिम्मेदारियां का बखूबी निर्वहन करता है। समाज के बीच रहकर आम जनमानस के रहन-सहन एवं उनकी दिनचर्या की समस्याओं से रूबरू होना तथा श्रमदान के माध्यम से पर्यावरण, साफ सफाई एवं जीवन स्तर के सुधारने का ग्रामवासियों को तरकीब बताना वास्तविक शिक्षा का सुंदर एहसास है। उन्होंने कहा कि स्वयंसेवकों को सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ना, चुनौतियों को अवसर में परिवर्तित करना साथ ही साथ संवेदनशील और जिम्मेदार नागरिक होना आज की महती आवश्यकता है।
मुख्य वक्ता के रूप में परीक्षा नियंत्रक श्री आनंद कुमार ने अपने विचार रखते हुए जीवन में सकारात्मक दृष्टिकोण की महत्ता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक परिस्थिति के दो पहलू होते हैं—सकारात्मक और नकारात्मक—और यह व्यक्ति पर निर्भर करता है कि वह किसे अपनाता है। उन्होंने स्वयंसेवकों को प्रेरित किया कि वे जीवन में सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ें और चुनौतियों को अवसर में बदलें।
विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित कुलसचिव डॉ. अंजनी कुमार मिश्र ने NSS की प्रासंगिकता को रेखांकित करते उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना युवाओं को समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों को समझने और उन्हें क्रियान्वित करने का सशक्त मंच प्रदान करती है।
समापन अवसर पर स्वयंसेवकों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि इस शिविर ने उनके भीतर आत्मविश्वास का संचार किया और उन्हें अपनी क्षमताओं को पहचानने का अवसर मिला।कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र एवं स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। डॉ. हरेन्द्र सिंह प्रजापति ने शिविर की संक्षिप्त आख्या प्रस्तुत की। धन्यवाद ज्ञापन डॉ. शशि प्रकाश शुक्ला द्वारा किया गया।
यह सात दिवसीय NSS शिविर केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक “संस्कार शाला” के रूप में सिद्ध हुआ, जिसने युवाओं को सेवा, समर्पण और सामाजिक उत्तरदायित्व का अमूल्य पाठ पढ़ाया। समारोह का समापन राष्ट्रगान एवं NSS लक्ष्य गीत के साथ हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम का संचालन डॉ. मनीषा सिंह ने किया।
डॉ. प्रवेश सिंह मीडिया प्रभारी महाराजा सुहेलदेव वि.वि.आजमगढ़ मो.नं. 9452 44 5878




