पूर्वांचल में विज्ञान और तकनीकी के क्षेत्र में अपार संभावनाएं- कुलपति

सु.वि.वि. में दो दिवसीय विज्ञान मंथन का सफल समापन,
विश्व के सबसे बड़े कुंभ मेले की सफलता के पीछे गणितीय विधा भी ,
.. …….. प्रो. अरविंद कुमार
आजमगढ़। महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय आजमगढ़ में विज्ञान दिवस के अवसर पर विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित विज्ञान मंथन कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने भारी संख्या में सहभाग किया। आयोजन के दूसरे दिन की शुरुआत कुलपति प्रो. संजीव कुमार जी, मुख्य अतिथि के रूप में पधारे काशी हिंदू विश्वविद्यालय वाराणसी के प्रो. अरविंद कुमार मिश्रा तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रो. राजीव प्रताप सिंह, डॉ. सर्वेश सिंह ने समेकित रूप से ज्ञान की देवी मां सरस्वती के चित्र पुष्प अर्पित कर तथा विधिवत दीप प्रज्वलित कर किया।
विश्वविद्यालय के मीडिया प्रभारी ने बताया कि आज के कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता रही की प्रतिभाग करने वाले छात्र-छात्राओं में जबरदस्त प्रतिद्वंद्विता का भाव दिखा सब एक दूसरे से बेहतर प्रेजेंटेशन के लिए उद्यत दिखे, हलांकि प्रतिद्वंता बेहतर प्रदर्शन की थी इसलिए विश्वविद्यालय के कुलपति एवं कार्यक्रम की संयोजिका दोनों संतुष्ट दिखाई दिए। कार्यक्रम में किसी प्रकार का व्यवधान न हो इसलिए विज्ञान वर्ग के सभी प्राध्यापकगण तथा आयोजन समिति के सभी सदस्य अपने दायित्व के प्रति सजग दिखे। मेहमान अतिथियों ने भी यह महसूस किया कि यदि इसी तरह महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय पूर्वांचल के छात्र-छात्राओं विशेष तौर से विश्वविद्यालय से संबद्ध सभी महाविद्यालयों को बेहतर मंच प्रदान करता रहेगा तो आने वाला कल महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय की छात्र-छात्राओं व प्राध्यापकों का होगा। कार्यक्रम की संयोजिका डॉ. प्रियंका सिंह ने कहा कि यह पूरा कार्यक्रम मा. कुलपति जी के कुशल निर्देशन में विगत वर्ष से हो रहा है। आयोजन के प्रतिभागी एवं छात्र-छात्राओं ने भी यह स्वीकार किया कि इस तरह के आयोजन हमें ऊर्जा प्रदान करते हैं। दूर दरार के महाविद्यालय से आई बिटिया ने कहा कुलपति जी का आभार, अन्यथा हम इतना बड़ा मंच कहां पाते, आज लगा कि जनपद के विकास में विश्वविद्यालय क्या भूमिका होती है। विज्ञान मंथन की सबसे बड़ी विशेषता यह भी रही की सभी अपना शत-प्रतिशत देने को तत्पर दिखे, प्रथम स्थान पाने की ललक सभी प्रतिभागियों में स्पष्ट परिलक्षित हो रही थी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विद्यालय के कुलपति प्रो. संजीव कुमार ने आए हुए अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्हें पुष्प गुच्छ, अंग वस्त्रम, विश्वविद्यालय का मोमेंटो देकर सम्मानित किया तथा बेहतरीन और सफल आयोजन के लिए आयोजन समिति के सभी सदस्यों के साथ-साथ विश्वविद्यालय परिसर के छात्र तथा महाविद्यालयों से आए छात्र-छात्राओं को यह कहकर प्रोत्साहित किया कि इस पूरे कार्यक्रम की शोभा आप है, आपकी प्रगति और आपकी प्रतिभा को उचित मंच प्रदान करने का यह एक छोटा सा प्रयास है आगे और बेहतर करने का प्रयास विश्वविद्यालय की तरफ से किया जाएगा। आप सभी में अपार संभावनाएं छुपी हुई है, हमारे मेहमानों ने भी स्वीकार किया कि पूर्वांचल में अपार प्रतिभा है।
मुख्य अतिथि के रूप में पधारे प्रो. अरविंद कुमार ने कहा कि अब गणित के माध्यम से तमाम बड़ी समस्याओं का हल निकाला जा सकता है, उन्होंने सफल महाकुंभ के आयोजन में गणित की भूमिका का क्रमवार उल्लेख कर सभी को अचंभित कर दिया। यदि बड़े आयोजन को पूर्णता प्रदान करनी है तो विज्ञान और तकनीकी के साथ-साथ गणित की भूमिका को नकारा नहीं जा सकता। विशिष्ट अतिथि डॉ. राजीव प्रताप सिंह ने कहा कि किताबों की दुनिया में लौटना ही होगा, भले विज्ञान ने चमत्कारिक उपलब्धि प्राप्त की हो परंतु किताबों की दुनिया काफी खूबसूरत है। हालांकि वर्तमान परिवेश में आधी आबादी ने शोध व रिसर्च के क्षेत्र में जबरदस्त प्रगति की है यह निश्चय ही हमारे देश के लिए सुखद संदेश है ।उन्होंने यह भी कहा कि हम हर चीज सरकार के भरोसे न छोड़ दें हम देश के लिए समाज के लिए और अपने आप के लिए क्या कर रहे हैं यह ज्यादा महत्वपूर्ण है। सरकार योजना तो ला सकती हैं परंतु उसे क्रियान्वित करने का कार्य हमें और आपको करना होगा ।अभी नो हेलमेट नो पेट्रोल की योजना इसलिए फलीभूत नहीं हो पाई क्योंकि उसमें आमजन की सहभागिता बहुत कम थी। उन्होंने कुलपति जी के कुशल नेतृत्व को यह कहते हुए सराहा कि हमारे गृह जनपद के विश्वविद्यालय को कुशल नेतृत्व मिला है। नई पीढ़ी इसे अवसर के रूप में लेकर आने वाले कल को बेहतर बनाने का प्रयास करें। डॉ. सर्वेश कुमार ने कहा कि मुझे कल पोस्टर जूरी के रूप में नामित किया गया था, बच्चियों की प्रतिभा को देखकर हम सभी अचंभित थे। विशेष रूप से अरावली के ऊपर तीन पोस्ट हमें प्रभावित कर रहे थे, जिसमें एक प्रश्न भी क्या मैं ऊंचा पर्वत हूं वही हमारी पहचान है।
ए.आई. प्रति सभी का ध्यान आकर्षित करते हुए उन्होंने कहा कि सबके मन में एक प्रश्न उठना है की क्या इस तरह की मशीन आदमी जैसा व्यवहार कर सकती हैं तो इसका उत्तर है कुछ हद तक हां। मशीन लर्निंग पार्ट आफ ए. आई.। जैसे मोबाइल में जिन खोजा तीन पाईयां।
अंत में मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि एवं डॉ. रश्मि शर्मा मैंम ने विज्ञान विभाग के प्रथम तल पर निर्मित विज्ञान गैलरी का लोकार्पण किया तथा छात्र-छात्राओं द्वारा बनाई गई रंगोली का अवलोकन किया। डॉ. रश्मि शर्मा जी ने कहा कि इसमें प्रथम द्वितीय और तृतीय का निर्णय जूरी के लिए बड़ा कठिन होगा, जहां तक मेरा प्रश्न है मेरी समझ से सभी प्रथम है। रंगोली देखकर उन्होंने कहा कि सचमुच विश्वविद्यालय में बड़ी ऊर्जा है बस इसे आप सभी प्राध्यापकगण उचित मंच प्रदान करें।
कार्यक्रम के अंत में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान पर आए हुए प्रतिभागियों को मोमेंटो प्रशस्ति पत्र आदि से सम्मानित किया गया तथा विश्वविद्यालय की तरफ से सभी सहभागी करने वाले प्रतिभागियों को प्रोत्साहन पुरस्कार से भी नवाजा गया। कार्यक्रम में विज्ञान वर्ग के सभी प्राध्यापकगण क्रमशः डॉ. अनुराग ,डॉ. सचिन ,डॉ. दिव्या, डॉ. आसिफ ,धीरज ,अंकुर, पल्लवी, उमाश्री, सपना ,पूजा ,शिवांगी, आदि के साथ-साथ आयोजन समिति के सभी सदस्य एवं निर्णायक मंडल के सभी सदस्य, विश्वविद्यालय के कुल सचिव, वित्त अधिकारी, परीक्षा नियंत्रक, सहायक कुलसचिव प्राध्यापकगण, गैर शिक्षक कर्मचारी आदि के प्रति संयोजिका डॉ. प्रियंका सिंह धन्यवाद ज्ञापित किया। अंत में राष्ट्रगान के माध्यम से कार्यक्रम को पूर्णता प्रदान की गई। संचालन डॉ. विभा व डॉ. अर्चना ने समेकित रूप से किया।
डॉ. प्रवेश सिंह मीडिया प्रभारी महाराजा सुहेलदेव वि. वि. आजमगढ़ मो.नं. 9452 44 5878



