
छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में रायबरेली में बहुजन-संविधानवादी संगठनों का अनिश्चितकालीन धरना, राष्ट्रपति को भेजा 8 सूत्रीय ज्ञापन
स्थान: रायबरेली
रिपोर्टर: विपिन राजपूत
रायबरेली। दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट-नेट पेपर लीक मामले को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों और संसद मार्च पर केंद्र सरकार के इशारे पर पुलिस द्वारा किए गए कथित बर्बर लाठीचार्ज के विरोध में रायबरेली का सियासी माहौल गर्म हो गया है।
रायबरेली के समस्त आंबेडकरवादी, बहुजनवादी, संविधान-पसंद, समतावादी एवं धम्म से जुड़े विभिन्न सामाजिक व शैक्षिक संगठनों के आह्वान पर शुक्रवार को जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। बहुजन चिंतक व नेता राजेश कुरील एवं सामाजिक चिंतक विमल किशोर सबरा के नेतृत्व में जिला अस्पताल के निकट बाबा साहब डॉ. बी.आर. आंबेडकर प्रतिमा स्थल पर विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि एकत्र हुए और पुलिसिया कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए।
धरना प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने पुलिस कार्रवाई को लोकतंत्र पर हमला करार दिया। इसके पश्चात महामहिम राष्ट्रपति महोदय को संबोधित 8 सूत्रीय मांगपत्र रायबरेली के नगर मजिस्ट्रेट के माध्यम से जिलाधिकारी को सौंपा गया।
ज्ञापन में शामिल प्रमुख 8 सूत्रीय मांगें:
- न्यायिक जांच: संसद मार्च में शामिल आंदोलनकारी छात्र-छात्राओं, बच्चों और महिलाओं के साथ हुई पुलिस बर्बरता की जांच के लिए उच्चस्तरीय न्यायिक आयोग का गठन किया जाए।
- गृह मंत्री माफी मांगें: देश के गृह मंत्री इस बर्बरता की नैतिक जिम्मेदारी लें और सार्वजनिक रूप से देश से माफी मांगें।
- शिक्षा मंत्री का इस्तीफा: विफलता की जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तुरंत अपने पद से इस्तीफा दें।
- NTA को भंग करना: राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को तत्काल भंग कर एक पारदर्शी और जवाबदेह परीक्षा प्रणाली स्थापित की जाए।
- NEP 2020 की वापसी: नई शिक्षा नीति 2020 को पूरी तरह से रद्द किया जाए।
- भ्रष्टाचार पर रोक: पेपर लीक और शिक्षा क्षेत्र में फैले भ्रष्टाचार पर सख्त कानून बनाकर रोक लगाई जाए।
- मुआवजा व इलाज: आंदोलन में जान गंवाने वाले मृतक छात्र-छात्राओं के परिजनों को ₹1-1 करोड़ का मुआवजा और घायलों को मुफ्त इलाज के साथ उचित आर्थिक सहायता दी जाए।
- गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की गारंटी: देश के सभी छात्रों के लिए सस्ती, समावेशी और उच्च गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की कानूनी गारंटी दी जाए।
धरना प्रदर्शन में प्रमुख हस्तियों का समर्थन
इस अनिश्चितकालीन धरने को अखिल भारतीय वीरा पासी सेना के अध्यक्ष देशराज पासी समेत कई प्रमुख सामाजिक व बहुजन नेताओं का पूर्ण समर्थन मिला।
धरने में मुख्य रूप से सुनीता आंबेडकर, रामेश्वर राही, गुरसहाय प्रसाद, राम शरण प्रसाद, सुशील आंबेडकर, इसरार अहमद खान, पूरन लाल गौतम, कांति देवी, रामबरन मिस्त्री, संदीप भारती, प्रीतम कुमार और सूबेदार हरी प्रसाद शास्त्री सहित सैकड़ों सामाजिक कार्यकर्ता एवं छात्र प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
प्रदर्शनकारियों का स्पष्ट कहना है कि जब तक छात्रों पर हुए अत्याचार के खिलाफ न्याय नहीं मिलता और उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, यह अनिश्चितकालीन धरना व विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।


