
आजमगढ़। मिशन आत्मनिर्भरता इन पल्सेस के तहत कृषि विज्ञान केंद्र, कोटवा, आजमगढ़-1 द्वारा संचालित सीएफएलडी (Cluster Front Line Demonstration) कार्यक्रम के अंतर्गत ग्राम गंधुवई, विकासखंड रानी की सराय में अरहर के प्रदर्शन खेतों का वैज्ञानिकों की टीम ने स्थलीय निरीक्षण किया।
निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य प्रदर्शन खेतों में लगी फसल की वर्तमान स्थिति, वृद्धि एवं खेत स्तर पर फसल स्वास्थ्य का आकलन करना था। इस दौरान वरिष्ठ मृदा वैज्ञानिक डॉ. रणधीर नायक, सस्य विज्ञान वैज्ञानिक डॉ. दिव्या सिंह तथा फसल सुरक्षा वैज्ञानिक डॉ. शैलेन्द्र कुमार मिश्र ने किसानों इंद्रसेन सिंह, हरिश्चंद्र सिंह एवं महेंद्र प्रताप यादव के अरहर के खेतों का निरीक्षण किया।
वैज्ञानिकों ने अरहर की फसल की वृद्धि एवं विकास, पौधों की स्थिति तथा खेत में फसल के समग्र स्वास्थ्य का जायजा लिया। फसल सुरक्षा वैज्ञानिक डॉ. शैलेन्द्र कुमार मिश्र ने विशेष रूप से कीट एवं रोगों के लक्षणों तथा संभावित प्रकोप की स्थिति की जांच की। निरीक्षण के आधार पर किसानों को फसल की वर्तमान अवस्था के अनुरूप आवश्यक फसल सुरक्षा एवं प्रबंधन संबंधी तकनीकी सुझाव दिए गए।
इसी क्रम में धान की फसल में अग्रिम पंक्ति प्रदर्शन (FLD) के तहत स्थापित प्रदर्शन खेतों का भी निरीक्षण किया गया। वैज्ञानिकों ने धान की वृद्धि, पौधों की स्थिति और फसल स्वास्थ्य का स्थलीय अवलोकन किया। साथ ही कीट एवं रोगों की स्थिति की जांच करते हुए किसानों को आवश्यकता के अनुसार समयबद्ध फसल सुरक्षा एवं प्रबंधन की जानकारी दी गई।
वैज्ञानिकों ने कहा कि सीएफएलडी और एफएलडी के प्रदर्शन खेतों का नियमित स्थलीय निरीक्षण किसानों को फसल की वास्तविक स्थिति के आधार पर समय पर वैज्ञानिक मार्गदर्शन उपलब्ध कराने की महत्वपूर्ण कड़ी है। इससे खेत स्तर पर उन्नत कृषि तकनीकों के प्रभावी क्रियान्वयन, कीट एवं रोगों की समय से पहचान तथा वैज्ञानिक फसल प्रबंधन को बढ़ावा मिलता है।
उन्होंने किसानों से फसल की नियमित निगरानी करने तथा किसी भी प्रकार के कीट या रोग के लक्षण दिखाई देने पर समय रहते कृषि विशेषज्ञों से सलाह लेने की अपील की।


