सर्किट हाउस में विकसित भारत के संकल्प को गति देते हुए बजट कार्यक्रम के निमित्त केन्द्रीय बजट 2027 पर दी गई जानकारी

सर्किट हाउस में विकसित भारत के संकल्प को गति देते हुए बजट कार्यक्रम के निमित्त केन्द्रीय बजट 2027 पर दी गई जानकारी
दीपक शर्मा (जिला संवाददाता )
बरेली : सर्किट हाउस बरेली में विकसित भारत के संकल्प को गति देते हुए बजट कार्यक्रम के निमित्त मीडिया बंधुओ को संबोधित करते हुए सदस्य विधान परिषद व मध्यप्रदेश प्रभारी डाॅ0 महेन्द्र सिंह जी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2026-27 उत्तर प्रदेश के विकास, रोजगार और आत्मनिर्भरता को नई ऊँचाई देने वाला बजट है। यह बजट राज्य को इन्फ्रास्ट्रक्चर, उद्योग, कृषि और युवाओं का ग्रोथ इंजन बनाने की दिशा में निर्णायक कदम है।
बजट 2026-27 की प्रमुख घोषणाओं की जानकारी देते हुए कहा कि- हाई-स्पीड रेल और रेलवे विस्तार- देश में घोषित 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर और रेलवे आधुनिकीकरण का सबसे बड़ा लाभ उत्तर प्रदेश को मिलेगा क्योंकि राज्य पूर्व-पश्चिम और उत्तर-दक्षिण रेल नेटवर्क का केंद्र है। इससे लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज, आगरा जैसे शहरों की कनेक्टिविटी और व्यापार दोनों तेज होंगे। राष्ट्रीय राजमार्ग और एक्सप्रेसवे-यूपी को लॉजिस्टिक हब- बजट में राष्ट्रीय राजमार्ग, मल्टी -मॉडल लॉजिस्टिक्स और फ्रेट कॉरिडोर पर विशेष जोर दिया गया है। पूर्वांचल, बुंदेलखंड और पश्चिमी यूपी को जोड़ने वाले कॉरिडोर से उद्योगों की लागत घटेगीे और निवेश बढ़ेगा। Msme ग्रोथ फंड- छोटे और मध्यम उद्योगों के लिए ₹10,000 करोड़ का msme ग्रोथ फंड बनाया गया है, जिससे उत्तर प्रदेश के कुटीर उद्योग, हस्तशिल्प, हैंडलूम, चमड़ा और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर को मजबूती मिलेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ेगा। Biopharma Shakti योजना- ₹10,000 करोड़ की bio Pharma Shakti योजना से उत्तर प्रदेश में फार्मा और मेडिकल डिवाइस मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा, जिससे राज्य हेल्थ-केयर और मेडिकल इनोवेशन का बड़ा केंद्र बन सकेगा। पूर्वांचल-बुंदेलखंड को विकास की मुख्यधारा में लाने वाला बजट- केंद्रीय बजट 2026-27 में पिछड़े और आकांक्षी जिलों पर विशेष फोकस रखा गया है जिससे पूर्वांचल और बुंदेलखंड में बुनियादी ढांचा, निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। कृषि में AI और तकनीक- Bharat-vistaar AI प्लेटफॉर्म के माध्यम से किसानों को फसल, मौसम और बाजार की जानकारी मिलेगी, जिससे उत्तर प्रदेश के किसानों की उत्पादकता और आय दोनों बढ़ेंगी। नेशनल वॉटरवे-1 (गंगा नदी) पर जहाजों के रखरखाव और परिचालन क्षमता को बढ़ाने के लिए वाराणसी में समर्पित इनलैंड वॉटरवे शिप रिपेयर इको सिस्टम स्थापित होगी जिससे प्रदेश में राजगार के अवसर पैदा होंगे। 36 जीवनरक्षक दवाओं पर शुल्क छूटः कैंसर और गंभीर बीमारियो में उपयोग होने वाली जीवनरक्षक दवाओं को सीमा शुल्क से छूट दी गई है। जिससे उत्तर प्रदेश के लाखों परिवारों के इलाज का खर्च कम होगा। हर जिले में गल्र्स हॉस्टलः बालिकाओं की उच्च शिक्षा को बढ़ावा देनेे के लिए हर जिले में गल्र्स हॉस्टल की घोषणा की गई है जिससे उत्तर प्रदेश की बेटियों को सुरक्षित आवास और बेहतर शैक्षणिक अवसर मिलेंगे। युवा और नई टेक्नोलॉजीः 15,000 स्कूलों और 500 कॉलेजों में एनीमेशन, गेमिंग और टथ्ग् लैब स्थापित होंगी जिससे उत्तर प्रदेश के युवा भविष्य की तकनीकी नौकरियों के लिए तैयार होंगे। पर्यटन और रोजगारः 10,000 टूर गाइड को प्रशिक्षण देने की योजना से काशी, अयोध्या, मथुरा और प्रयागराज जैसे धार्मिक-पर्यटन केंद्रों में रोजगार और पर्यटन दोनों को बढ़ावा मिलेगा। औद्योगिक क्लस्टरों का आधुनिकीकरणः देश भर में 200 पुराने औद्योगिक क्लस्टरों के आधुनिकीकरण की घोषणा से उत्तर प्रदेश के परंपरागत उद्योगों को नई तकनीक, बेहतर उत्पादन और वैश्विक बाजारों से जुड़ने का अवसर मिलेगा। शहरी अर्थव्यवस्था को मजबूतीः सिटी इकोनॉमिक रीजन के विकास से लखनऊ, कानपुर, नोएडा, गाजियाबाद, आगरा और वाराणसी जैसे शहर रोजगार और स्टार्टअप हब के रूप में उभरेंगे। प्रेस वार्ता में मुख्य रूप से विधान परिषद सदस्य एवं मध्य प्रदेश के प्रभारी डॉक्टर महेंद्र सिंह, सांसद छत्रपाल सिंह गंगवार, वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ अरुण कुमार सक्सेना, जिला पंचायत अध्य्क्ष रश्मि पटेल, महापौर डॉ उमेश गौतम, विधायक संजीव अग्रवाल, डॉ एमपी आर्य, डॉ राघवेंद्र शर्मा, एमएलसी बहोरन लाल मौर्य, बरेली जिला अध्य्क्ष सोमपाल शर्मा, आवला अध्य्क्ष आदेश प्रताप सिंह, महानगर अध्य्क्ष अधीर सक्सेना, पूर्व जिला अध्यक्ष पवन शर्मा, पूरन लाल लोधी, अंकित माहेश्वरी, बंटी ठाकुर व सभी पदाधिकारी गण उपस्थित रहे।



