ऑर्थोमेड हस्पताल में की गई गर्दन की अंतर्राष्ट्रीय स्तर की सर्जरी, दूरबीन द्वारा किया गया सफल ऑप्रेशन

हिसार, प्रमोद कौशिक/संजीव कुमारी 19 मार्च : कैमरी रोड, सैक्टर-15, स्थित आर्थोमेड हॉस्पिटल में अंतर्राष्ट्रीय स्तर की दूरबीन द्वारा गर्दन की सफल सर्जरी की गई है। यह जानकारी देते हुए इस चिकित्सका के उत्तरी भारत के पहले माहिर चिकित्सक डॉ. समीर नागपाल, स्पाइन सर्जन, एमबीबीएस, एमएस ऑर्थोपेडिक्स गोल्ड मेडलिस्ट ने बताया कि सिरसा निवासी मरीज जगदीश दाएं हाथ व गर्दन में पिछले एक साल से लेकर काफी परेशान था। पिछले 2 महीने से असहनीय पीड़ा के चलते वह आर्थोमेड हॉस्पिटल हिसार में पहुंचा। मरीज के दाएं हाथ में असहनीय पीड़ा हो रही थी। नस दबने से बाजू में कमजोरी आ गई थी जिसके बाद मरीज की सर्जरी का निर्णय लिया गया। परंपरागत सर्जरी में इस ऑपरेशन के लिए पहले आगे गर्दन में से जगह बनाई जाती है जो कि जोखिम बढ़ाता है और मरीज को ज्यादा समय अस्पताल में रुकना पड़ता है इससे गर्दन में अकडऩ भी बढ़ती है।
डॉ. समीर नागपाल ने बताया कि इन्डोस्कॉपी तकनीक से ऑपरेशन में मरीज को उसी दिन घर भेज सकते हैं और मरीज जगदीश को भी 15 घंटे के बाद अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। यह तकनीक अंतर्राष्ट्रीय स्तर सर्वश्रेष्ठ तकनीकों में से एक मानी जाती है। उन्होंने बताया कि यह इलाज कम जोखिम पर और उत्तम इलाज है जो कि मरीज के जल्द ठीक होने में सहायता करता है। मात्र एक घंटे में यह सर्जरी सफलतापूर्वक पूरी कर ली गई। डॉ. समीर नागपाल इससे पूर्व भी रीढ़ की हड्डी, टेढ़ी कमर, सर्वाइकल, बैक बोन आदि के सफल इलाज कर चुके हैं।
डॉ. समीर नागपाल ने जापान की तकनीक की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि यह तकनीक बहुत ही कारगर है और इसमें सर्जरी में ब्लीडिंग नहीं होती। मरीज को दर्द नहीं होता और मात्र 45 मिनट में सर्जरी हो जाती है और मरीज को उसी दिन घर भेज दिया जाता है। इस तकनीक से की गई सर्जरी की रिकवरी तेज होती है।
उन्होंने बताया कि बिना दर्द के कमर दर्द का इलाज, दूरबीन द्वारा बिना चीरे के रीढ़ की सर्जरी, नई तकनीक से दूरबीन द्वारा सर्जरी, पुरानी असफल सर्जरी का इलाज, हड्डियों के कम घनत्व और गर्दन दर्द का इलाज, रीढ़ की हड्डी की चोट और रीढ़ के टेढ़ेपन आदि का इलाज इस तकनीक से संभव है। डॉ. समीर नागपाल ने कहा कि उत्तर भारत में यह तकनीक उपलब्ध करवाने वाले वे पहले चिकित्सक हैं।
उन्होंने बताया कि इस तकनीक से मरीज को दर्द रहित इलाज प्रदान करना संभव है। इसके साथ ही इस तकनीक से इलाज बेहद सटीकता से होता है और मरीज का सही व पूर्ण इलाज करने में यह तकनीक सक्षम है। उन्होंने कहा कि हिसार में इस तकनीक का प्रयोग पहली बार केवल ऑर्थोमेड अस्पताल में किया जा रहा है। इसके अलावा डॉ. समीर नागपाल ने बताया कि हरियाणा सरकार के आयुष्मान कार्ड पर अस्पताल में फ्री इलाज किया जाता है। इसके साथ ही अस्पताल में समय- समय पर फ्री मेडिकल कैंप भी लगाए जाते हैं। अस्पताल में डॉ. संजय अरोड़ा, सीनियर ऑर्थोपेडिक कन्सल्टेंट द्वारा बच्चों की हड्डियों का सफल ऑपरेशन एवं रोबोटिक सर्जरी से घुटने बदलने का सफल इलाज किया जाता है।
डॉ. समीर नागपाल दूरबीन से मरीज का ऑपरेशन करते हुए।




