कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय पूरे देश के सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालयों में से एकः प्रो. सोमनाथ सचदेवा

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय पूरे देश के सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालयों में से एकः प्रो. सोमनाथ सचदेवा
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के सीनेट हॉल में गूंजी सफलता की गूंज, प्लेटिनम अवार्ड मिलने पर भव्य समारोह आयोजित।
कुरुक्षेत्र, (प्रमोद कौशिक) 30 दिसम्बर : कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय (कु.वि.) के लिए यह अत्यंत गर्व का विषय है कि केंद्र सरकार की राष्ट्रीय शिक्षा नीति- 2020 को इसके सभी कड़े मानकों के साथ देश में सबसे पहले और सबसे प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय को “हरियाणा राज्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 कार्यान्वयन उत्कृष्टता पुरस्कार-2025” सर्वाेच्च प्लेटिनम अवार्ड हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा व हरियाणा राज्य उच्च शिक्षा परिषद के अध्यक्ष डॉ. कैलाश चंद्र शर्मा द्वारा प्रदान किया गया। इस ऐतिहासिक उपलब्धि प्राप्त करने के उपलक्ष्य में मंगलवार को विश्वविद्यालय के सीनेट हॉल में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी, डीन, विभागाध्यक्ष, शिक्षक मौजूद रहे।
कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने इस प्रतिष्ठित अवार्ड को विश्वविद्यालय के समस्त शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों को समर्पित करते हुए कहा कि यह सफलता पूरी तरह से टीम वर्क का परिणाम है। कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा, यह मेरा सौभाग्य है कि मैं कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय का हिस्सा हूँ; यह पूरे देश के सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालयों में से एक है। उन्होंने गर्व के साथ साझा किया कि एनईपी-2020 कार्यान्वयन के मूल्यांकन में प्राप्त अंकों के मामले में देश की कोई भी अन्य यूनिवर्सिटी केयू के करीब भी नहीं है।
कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने भविष्य की योजनाओं पर चर्चा करते हुए कहा कि हमने मैक्रो लेवल पर सफलता हासिल कर ली है, लेकिन अब माइक्रो लेवल पर काम होना बाकी है। उन्होंने भारतीय ज्ञान प्रणाली को पाठ्यक्रम की मुख्यधारा में लाने पर विशेष जोर दिया। प्रो. सचदेवा ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा केवल एक विषय तक सीमित न रहकर हर विषय के माध्यम से झलकनी चाहिए। इसके लिए उन्होंने शिक्षकों का आह्वान किया कि वे अपने-अपने विषयों में भारतीय ज्ञान प्रणाली पर आधारित नया अध्ययन सामग्री तैयार करें। उन्होंने विशेष रूप से पहले और दूसरे वर्ष के स्किल एनहांसमेंट कोर्सेज पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता बताई। प्रो. सचदेवा ने विजन साझा किया कि यदि हम इन कोर्सेज को नेशनल स्किल क्वालिटी फ्रेमवर्क और नेशनल ऑक्यूपेशन स्टैंडर्ड के साथ मैप कर देते हैं, तो विद्यार्थियों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ जाएंगे और उन्हें प्रथम वर्ष के बाद ही नौकरी मिलने की संभावना सुनिश्चित हो सकेगी।
कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने बताया कि केयू ने स्वयं अपनी यूजी और इंटर्नशिप गाइडलाइन्स तैयार कीं, जिन्हें केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल सैनी ने इसी हॉल में रिलीज किया था। प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने उन चुनौतियों को साझा किया जब नैक, वित्त व्यवस्था और भर्ती प्रक्रिया जैसे कार्य एक साथ चल रहे थे। उन्होंने एसीएस (उच्च शिक्षा) के साथ बैठकों का जिक्र करते हुए स्पष्ट किया कि नए विषयों के आने से कोई भी पद अनावश्यक नहीं होगा। उन्होंने प्रो. अनिता दुआ, प्रो. अनिल गुप्ता और प्रो. परमेश की टीम द्वारा दिए गए आत्मविश्वास की सराहना की और बताया कि यह अवार्ड 20 मापने योग्य मापदंडों पर गहन सत्यापन के बाद मिला है, जिससे अब हम सबकी जिम्मेदारी और अधिक बढ़ गई है।
कुलसचिव प्रो. वीरेंद्र पाल ने कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा का औपचारिक स्वागत किया और उनके दूरदर्शी नेतृत्व की सराहना करते हुए उन्हें इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए बधाई दी। डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. राकेश कुमार ने विश्वास जताया कि सभी के सहयोग से केयूके भविष्य में भी सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित करेगा। प्रो. मंजुला चौधरी ने वर्ष 2022 के नीतिगत सुधारों को याद किया, वहीं पूर्व कुलसचिव प्रो. संजीव शर्मा ने बताया कि कैसे कुलपति प्रो. सोनमाथ सचदेवा ने सूक्ष्म प्रबंधन से फंडिंग और स्पोर्ट्स कल्चर जैसी चुनौतियों पर विजय पाई। प्रो. अनिल वशिष्ठ ने एनईपी को अक्षरशः लागू करने और परीक्षा नियंत्रक डॉ. अंकेश्वर ने परीक्षा प्रणाली के समाधानों पर प्रकाश डाला। प्रो. दिनेश कुमार ने इस अवार्ड को विजन और कार्यों के संकलन का प्रतिफल बताया। कुटा अध्यक्ष डॉ. जितेन्द्र खटकड़ ने इस अवार्ड कोनए साल का तोहफा कहा और कुंटिया प्रधान राजवंत कौर ने प्रशासनिक सहयोग की सराहना की। कार्यक्रम में मंच संचालन प्रो. विवेक चावला ने किया।
कार्यक्रम में कुलसचिव लेफ्टिनेंट प्रो. वीरेन्द्र पाल, डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. राकेश कुमार, डीन ऑफ कॉलेजिज प्रो. ब्रजेश साहनी, छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. ए.आर. चौधरी, प्रो. दिनेश कुमार, प्रो. मंजूला चौधरी, प्रो. अनिल वशिष्ठ, प्रोफेसर अनिल मित्तल, प्रोफेसर रमेश भारद्वाज, प्रोफेसर विनोद कुमार, प्रो. तेजेन्द्र शर्मा, प्रो. कृष्णा देवी, प्रो. संजीव अग्रवाल, प्रो. एसके चहल प्रोफेसर अनीता दुआ, प्रोफेसर डी.एस. राणा, डॉ. प्रीतम सिंह, डॉ. अंकेश्वर प्रकाश, कुटा प्रधान डॉ. जितेंद्र खटकड़, प्रोफेसर अनामिका गिरधर, प्रो. परमेश कुमार, प्रो. अनिता दुआ, डॉ. आनंद कुमार, प्रोफेसर रीटा दलाल, प्रोफेसर कुसुमलता, प्रोफेसर महाबीर रंगा, डॉ. सलोनी दीवान, प्रोफेसर अनिल गुप्ता, डॉ. मनीषा संधू, प्रो. दीपक राय बब्बर, प्रोफेसर ओमवीर, लोक सम्पर्क विभाग की उप-निदेशक डॉ. जिम्मी शर्मा, डॉ. नीरज बातिश, कुलपति के ओएसडी पवन रोहिला, डॉ. जितेन्द्र जांगडा सहित विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी, डीन, विभागाध्यक्ष, शिक्षक, कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।




