कच्चे सहारे से पक्की प्रगति तक-श्री सियाराम की सफलता में मनरेगा बना आधार बरसात और ठंड की परेशानी से मिली मुक्ति, सुरक्षित शेड ने बढ़ाई दूध उत्पादन क्षमता और आत्मनिर्भरता

कोरिया 08 दिसम्बर 2025/ जिले के बैकुण्ठपुर जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत कसरा के निवासी श्री सियाराम आत्मज धर्मजीत के लिए पहले आय का कोई स्थायी स्रोत नहीं था। अकुशल श्रम के सहारे किसी तरह घर का खर्च चल पाता था। परिवार दूध व्यवसाय से आय बढ़ाना चाहता था, परंतु पशुओं को सुरक्षित रखने के लिए उचित स्थान का अभाव सबसे बड़ी बाधा थी। कच्चे स्थान पर बरसात और ठंड के मौसम में पशुओं को संभालना अत्यंत कठिन हो जाता था।
इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए ग्राम पंचायत ने महात्मा गांधी नरेगा की वार्षिक कार्ययोजना तैयार करते समय उनके लिए व्यक्तिगत पशु शेड निर्माण का प्रस्ताव स्वीकृति हेतु भेजा। वित्तीय वर्ष 2023-24 में मनरेगा योजना के तहत 1,19,000 की राशि मंजूर की गई तथा निर्माण की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत कसरा को सौंपी गई।
योजना के अनुसार शेड का निर्माण समय पर पूर्ण हुआ। मजबूत, पक्का और सुरक्षित पशु शेड मिलने के बाद श्री सियाराम के लिए पशुपालन का कार्य अत्यंत आसान और व्यवस्थित हो गया। पक्के शेड से उन्हें न केवल पशुओं की सुरक्षा मिली, बल्कि अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने का आत्मविश्वास भी प्राप्त हुआ।
निर्माण कार्य पूर्ण होते ही उन्होंने दो नए दुधारू पशु खरीदे। अब उनके घर में प्रतिदिन 10 से 12 लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है, जिससे उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
श्री सियाराम कहते हैं पहले कच्चे स्थान में पशु रखना मुश्किल था। बरसात में परेशानी और सर्दी में ठंड से पशुओं की देखभाल करना चुनौती बन जाता था। मनरेगा से मिला यह शेड हमारे लिए वरदान साबित हुआ है। अब दो और दुधारू भैंस लेकर हम पूरा परिवार दूध उत्पादन को ही मुख्य रोजगार बना चुके हैं।
पशुपालन को एक व्यवस्थित व्यवसाय के रूप में अपनाने से उनकी मासिक आय स्थिर हो गई है और परिवार की आर्थिक स्थिति में बड़ा सुधार आया है।




