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सामूहिक संकीर्तन के साथ नव वर्ष 2026 मनाया गया : डॉ.सुरेश मिश्रा

कुरुक्षेत्र (अमित ) श्री दुर्गा देवी मन्दिर पिपली, कुरुक्षेत्र के प्रांगण में नव वर्ष 2026 के उपलक्ष्य में गुरुवार,1 जनवरी 2026 को सायँ 3 बजे संकीर्तन का कार्यक्रम हुआ। श्री दुर्गा देवी मंदिर पिपली की संकीर्तन मंडली के गायिका शिमला धीमान,आशा कवातरा, पायल सैनी, कोमल मेहरा,निशा अरोड़ा, सुरेन्द्र कौर, सुमित्रा पाहवा और भक्त सुशील तलवाड़ ने नी मैं नचना श्याम दे नाल, मैं राधे राधे गाउं , मां तुमसे जुदा होंके आदि सुंदर सुंदर भेंटे गाई और सुन्दर नृत्य किया। श्री दुर्गा देवी मन्दिर पिपली कुरुक्षेत्र के पीठाधीश और समर्थगुरु संघ हिमाचल के जोनल कॉर्डिनेटर आचार्य डॉ. सुरेश मिश्रा ने भक्तों को मृत संजीवन मुद्रा का ज्ञान दिया साथ ही मंगल प्रार्थना और ध्यान करवाया। अपने घरों में परिवार सहित अपने ईष्ट देव और सदगुरु की आरती करने और भोग लगाने से परिवार में भक्ति और सकारात्मकता ऊर्जा आती हैं। वातावरण शुद्ध होता है। परिवारों में प्रेम बढ़ता है।
श्री दुर्गा देवी मन्दिर पिपली के पुजारी पण्डित राहुल मिश्रा ने वैदिक मंत्रों से भक्तों के द्वारा पूजा और आरती
करवाई । सभी भक्तों ने श्रद्धा और भक्ति से प्रसाद लिया। समाज सेवी केवल कृष्ण छाबड़ा, महेश तनेजा, सतपाल धर्मसौत, सतपाल शर्मा, सुमित गोयल,सतपाल बंसल, हरमन, और डॉ. रंजना खन्ना, पूजा, सुगंधा निर्मला देवी आदि के साथ सम्पूर्ण भक्तों का सराहनीय योगदान रहा।
ट्विटर के माध्यम से समर्थगुरु धाम संस्थान के संस्थापक आदरणीय समर्थगुरु सिद्धार्थ औलिया जी ने बताया कि सनातन धर्म निरन्तर विकासमान वैज्ञानिक धर्म है। यह विश्व का प्राचीनतम धर्म है फिर भी नूतन है। यही सनातन धर्म की विशेषता है ‘नूत्नं नूत्नं पदे पदे’ कदम-कदम पर नया है। गुरु की सत्ता से ही सनातन धर्म की जीवंतता है।
वर्ष नव हर्ष नव आगत संघर्ष नव; धरती आकाश नव जीवन उत्कर्ष नव। नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँ ।

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