अत्यंत चमत्कारी व भगवदप्राप्त संत थे रामदास महाराज : महंत वैष्णव दास महाराज

सेंट्रल डेस्क संपादक – वैद्य पण्डित प्रमोद कौशिक।
ब्यूरो चीफ – डॉ. गोपाल चतुर्वेदी।

वृन्दावन : कैलाश नगर रोड़-मारूति नगर क्षेत्र स्थित शांति बिहारी आश्रम में वैष्णव सेवा ट्रस्ट(रजि.) के तत्वावधान में अनन्तश्री विभूषित पटिया वाले बाबा और संत राम दास महाराज का वार्षिक सियपिय मिलन महोत्सव श्रीमहंत वैष्णवदास महाराज के पावन सानिध्य में अत्यंत श्रद्धा एवं धूमधाम के साथ सम्पन्न हुआ।जिसके अंतर्गत श्रीराम चरित मानस पाठ, अखंड श्रीहनुमान चालीसा पाठ, श्रीहरिनाम संकीर्तन, अखंड चौबीस चौपाई पाठ, महंतों का सम्मान एवं संत, ब्रजवासी, वैष्णव सेवा ( वृहद भंडारा) आदि के कार्यक्रम भी सम्पन्न हुए।

इस अवसर पर आयोजित संत-विद्वान सम्मेलन में अपने विचार व्यक्त करते हुए शांति बिहारी आश्रम के संस्थापक श्रीमहंत वैष्णवदास महाराज एवं प्रख्यात भागवत प्रवक्ता आचार्य राम शास्त्री ने कहा कि हमारे सदगुरुदेव बाबा राम दास महाराज अत्यंत चमत्कारी व भगवदप्राप्त संत थे।उन्होंने अपनी साधना व तपोबल से असंख्य दीन-दुखियों का कल्याण कर उन्हें प्रभु भक्ति के मार्ग से जोड़ा।

श्रीरंगलक्ष्मी संस्कृत महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य डॉ. रामसुदर्शन मिश्र एवं प्रख्यात धर्माचार्य अनुराग कृष्ण पाठक ने कहा कि सन्त प्रवर बाबा रामदास महाराज धर्म व अध्यात्म जगत की बहुमूल्य निधि थे।उनके रोम-रोम में संतत्व विद्यमान था।संत सेवा, विप्र सेवा,गौ सेवा एवं निर्धन-निराश्रित व्यक्तियों की सेवा उनके जीवन का अभिन्न अंग था।
गोरेदाऊजी आश्रम के महंत प्रह्लाद महाराज एवं कलाधारी बगीची आश्रम के महंत जयराम दास महाराज ने कहा कि संत प्रवर बाबा राम दास महाराज संत समाज के गौरव थे।वे अत्यंत सहज, सरल, उदार व परोपकारी थे।महाराजश्री नर सेवा को ही नारायण सेवा मानते थे।वे बिना किसी की सहायता के स्वयं ही निश्वार्थ भाव से मानवता की सेवा के लिए समर्पित थे।
प्रख्यात साहित्यकार “यूपी रत्न” डॉ. गोपाल चतुर्वेदी एवं
पण्डित आर.एन.द्विवेदी (राजू भैया) ने कहा कि पूज्य बाबा रामदास महाराज निस्पृह एवं समन्वयवादी संत थे।वे सभी सम्प्रदाय के संतों का आदर करते थे,परंतु स्वयं इसकी चाह नहीं रखते थे।उन जैसी पुण्यात्माओं से ही पृथ्वी पर धर्म व अध्यात्म का अस्तित्व है।
श्रीशुकाचार्य पीठाधीश्वर डॉ. रमेश चंद्राचार्य विधिशास्त्री महाराज एवं आचार्य आनन्द वल्लभ गोस्वामी ने कहा कि संत शिरोमणि बाबा राम दास महाराज ने सनातन धर्म व प्रभु भक्ति की लहर को समूचे देश में प्रवाहित कर असंख्य व्यक्तियों का कल्याण किया।ऐसे दिव्य संतों को बारंबार प्रणाम करते हैं। साथ ही प्रभु से यह मंगल कामना करते हैं कि उन जैसे संतों का सानिध्य सनातन धर्मावलंबियों को प्राप्त होता रहे।
इस अवसर पर ब्रज अकादमी की सचिव साध्वी डॉ. राकेश हरिप्रिया, महंत श्याम दास महाराज, सन्त रसराज दास महाराज, सन्त राम चंद्र दास, प्रमुख शिक्षाविद् जगदीश नीलम, महंत रामस्वरूप दास महाराज, युवा साहित्यकार डॉ. राधाकांत शर्मा, आचार्य भूति कृष्ण महाराज, निंबार्क विद्यालय के प्राचार्य ब्रजकिशोर त्रिपाठी आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किए।संचालन डॉ. रमेश चंद्राचार्य महाराज ने किया।महोत्सव में विभिन्न क्षेत्रों के तमाम गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।




