हरियाणवी संस्कृति के संरक्षण का काम कर रहा है रत्नावलीः प्रो. दीप्ति धर्माणी

कुरुक्षेत्र, वैद्य पण्डित प्रमोद कौशिक 29 अक्टूबर : हरियाणा दिवस राज्य स्तरीय रत्नावली समारोह में दूसरे दिन बतौर विशिष्ट अतिथि के तौर पर आई चौधरी बंसी लाल विश्वविद्यालय, भिवानी की कुलपति प्रो. दीप्ति धर्माणी ने कहा कि रत्नावली हरियाणवी संस्कृति के संरक्षण का काम कर रही है। इसके लिए कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा बधाई के पात्र हैं। रत्नावली ने विस्तार रूप ले लिया है। 34 विधाओं को पुर्नजीवित कर युवा पीढ़ी को अपनी प्राचीन धरोहर व संस्कृति से परिचय करवाने का कार्य कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय द्वारा किया जा रहा है। रत्नावली समारोह मात्र मनोरंजन का साधन नहीं है बल्कि यह युवाओं को संस्कार देने के साथ उन्हें एक ऐसा मंच भी प्रदान कर रहे हैं जिसके द्वारा युवा अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित होते हैं।
समारोह में पंहुचने पर कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा, कुलसचिव डॉ. वीरेन्द्र पाल, छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. एआर चौधरी, युवा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग के निदेशक प्रो. विवेक चावला, लोक सम्पर्क विभाग के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया ने उनका स्वागत व अभिनंदन किया। इससे पूर्व उन्होंने हस्तशिल्प मेले का अवलोकन किया और मेले में मौजूद सभी स्टालों का निरीक्षण करते हुए छात्रों से विस्तार से उनके उत्पादों के बारे में जानकारी प्राप्त की। इसके साथ-साथ उन्होंने हरियाणवीाल्प मेले का अवलोकन किया और मेले में मौजूद सभी स्टालों का निरीक्षण करते हुए छात्रों से विस्तार से उनके उत्पादों के बारे में जानकारी प्राप्त की। इसके साथ-साथ उन्होंने हरियाणवी व्यंजनों का भी स्वाद चखा। उन्होंने सभागार में युवा कलाकारों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा केवल किताबी ज्ञान नहीं है यह हमें शारीरिक, सांस, मन, बुद्धि और अध्यात्म से प्राप्त होती है। हमें सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भाग लेना चाहिए। इससे छात्रों का सर्वांगीण विकास होता है।
इस अवसर पर कुलसचिव डॉ. वीरेन्द्र पाल, छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. एआर चौधरी, युवा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग के निदेशक प्रो. विवेक चावला, कुवि सांस्कृतिक परिषद के अध्यक्ष डॉ. ऋषिपाल, लोक सम्पर्क विभाग के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया, उप-निदेशक डॉ. सलोनी दिवान, सहित डीन, निदेशक, शिक्षक, विद्यार्थी व कर्मचारी मौजूद रहे।
आज के कार्यक्रम
तीसरे दिन 30 अक्टूबर को ऑडिटोरियम हॉल में हरियाणवी चौपाल, ग्रुप डांस रसिया व संगीत संध्या, आरके सदन में हरियाणवी फोक इंस्ट्रुमेंटल सोलो, हरियाणवी वन एक्ट प्ले, मोनो एक्टिंग, ओपन एयर थियेटर में ग्रुप सोंग हरियाणवी, सीनेट हॉल में कविता व हरियाणवी क्विज (फाइनल), खुले मंच पर सांग कंपटीशन स्टूडेंट्स के लिए आयोजित होंगी तथा क्रश हॉल में ऑन द स्पॉट पेंटिंग प्रतियोगिता व पेंटिंग प्रदर्शनी प्रदर्शित की जाएगी।




