
उप-उष्णकटिबंधीय फल केंद्र लाडवा पर 3 दिवसीय 8वां फल उत्सव 2026 का हुआ शुभारम्भ।
प्रतिवर्ष लगभग 80000 उच्च गुणवत्ता के कलमी पौधे किसानों को उपलब्ध करवा रहा है केंद्र।
लाडवा, प्रमोद कौशिक : नगर पालिका चेयरपर्सन साक्षी खुराना ने कहा कि उप उष्णकटिबंधीय फल केंद्र लाडवा की पहचान पूरे प्रदेश में बनी हुए है। यहां से पौधे लेकर किसान अपने बागवानी के व्यवसाय को बढ़ा रहे हैं। इस केंद्र में वैज्ञानिकों ने नाशपाती, आडू, चीकू, लीची जैसे फू्रटों की उच्च गुणवत्ता वाले पौधे तैयार किए हैं। अब इन पौधों की मांग प्रदेश के साथ लगते उत्तर प्रदेश, हिमाचल तक में होने लगे है। इस तरह के उत्सव से किसानों को अपनी उपज का बेहतर दाम दिलाने में मदद मिलती है और वे आत्मनिर्भर बनते हैं।
नगर पालिका चेयरपर्सन साक्षी खुराना वीरवार को उद्यान विभाग हरियाणा द्वारा उप उष्णकटिबंधीय फल केंद्र लाडवा में आयोजित तीन दिवसीय फल उत्सव कार्यक्रम में बोल रही थी। चेयरपर्सन साक्षी खुराना ने दीप प्रज्वलित करके कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
केन्द्र संचालक उप- निदेशक एवं कार्यक्रम के आयोजक डॉ. पिंकी यादव ने कहा कि इस आयोजन का प्रमुख उद्देश्य किसानों को पारम्परिक खेती के स्थान पर बागवानी फसलों के प्रति जागरूक करके उनकी आय में वृद्धि करना है। केंद्र पर किसानों की प्रदर्शन के माध्यम से प्रेरित करने एवं उन्नत तकनीक बारे प्रशिक्षित करने के उद्देश्य से आम, नाशपाती, आडू आलूबुखारा, चीकू, लीची, अमरूद, अनार व जामुन फ्रूट इत्यादि फलों की कई किस्मों के प्रदर्शन स्थल स्थापित किए गए हैं। इसके साथ-2 शाम के समय आम जन व किसान के लिए विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
उन्होंने कहा कि केन्द्र प्रतिवर्ष लगभग 80000 उच्च गुणवत्ता के कलमी पौधे किसानों को उपलब्ध करवा रहा है, जिसे इस वर्ष बढ़ाकर 1.0 लाख कलमी पौधे प्रतिवर्ष तैयार करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके अतिरिक्त इस केंद्र पर किसानों को बागवानी क्षेत्र के प्रति जागरूक करने के लिए समय-2 पर निशुल्क एक दिवसीय, साप्ताहिक व 200 घंटे के कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
उन्होंने कहा कि इस आयोजन के प्रथम दिवस पर बच्चों में बागवानी विषयों के प्रति जागरूकता लाने के उद्देश्य से लाडवा हल्के के विभिन्न स्कूलों से लगभग 70 बच्चों ने हिस्सा लिया, जिनके लिए फैंसी ड्रेस, गायन व आम खाना प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता में कुल 5 व आम खाने की प्रतियोगिता में कुल 17 बच्चों द्वारा भाग लिया गया।
उन्होंने कहा कि इस दौरान प्रदेश के प्रगतिशील बागवानी किसानों द्वारा प्रदर्शित की गई। आम, चकोतरा, करोंदा व चीकू के अतिरिक्त कार्यक्रम के दौरान केन्द्र पर उगाई जा रही पूसा सूर्या, नीलम, लीली, थाई मैंगों, पूसा अरुणिका, ऑस्टीन जैसी आम की 20 से अधिक किस्मों के साथ-साथ नाशपाती की भी कई किस्मों को किसानों के लिए प्रदर्शित किया गया था।
किसानों को न्यूनतम दरों पर उच्च गुणवत्ता के पौधे करवाए जा रहे उपलब्ध।
कार्यक्रम में किसानों को बागवानी फसलों की पैदावार बढ़ाने के लिए आम के पुराने बागों का जीर्णोद्धार, आम के बागों में गुच्छा मुच्छा रोग की रोकथाम,आम,चीकू व लीची के बागों में चंदवा प्रबंधन (कैनोपी मैनेजमेंट), सूक्ष्म सिंचाई द्वारा सिंचाई व उर्वरक प्रदान करना एवं फलों की तुड़ाई उपरांत प्रबंधन जैसी तकनीक के बारे सजीव प्रदर्शन के माध्यम से किसानों, कर्मचारियों, अधिकारियों को प्रशिक्षण प्रदान करना शामिल है। केन्द्र पर स्थापित नर्सरी में किसानों को न्यूनतम दरों पर उच्च गुणवत्ता के आम, लीची, आड़ू, आलूबुखारा,नाशपाती,अमरूद व अनार आदि फसलों की विभिन्न किस्मों के कलमी पौधे उपलब्ध करवाये जाते हैं।


