लुवास में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर संगोष्ठी एवं पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन

हरियाणा संपादक – वैद्य पण्डित प्रमोद कौशिक दूरभाष – 94161 91877
पद्मश्री डॉ. दिगंबर बेहेरा ने व्याख्यान दिया।

हिसार, 28 फरवरी : कुलपति डॉ. विनोद कुमार वर्मा के मार्गदर्शन में लुवास, हिसार के अनुसंधान निदेशालय एवं इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल के संयुक्त तत्वावधान में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर “विज्ञान आधारित सुरक्षा: जूनोसिस से मिलकर मुकाबला” विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन एबीटी लेक्चर हॉल में किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता अनुसंधान निदेशक डॉ. नरेश जिंदल ने की। डेरी साइंस कॉलेज के अधिष्ठाता डॉ. एस. बी. पाटिल तथा पशुचिकित्सा महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. मनोज रोज की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। कार्यक्रम का स्वागत भाषण डॉ. जिंदल द्वारा दिया गया तथा मंच संचालन का दायित्व डॉ. रचना ने निभाया। पंजीकरण की व्यवस्था डॉ. विशाल शर्मा एवं डॉ. मनीष द्वारा की गई।
संगोष्ठी में विभिन्न विशेषज्ञों ने जूनोटिक रोगों पर अपने व्याख्यान प्रस्तुत किए। रेबीज विषय पर व्याख्यान डॉ. एस. इस्लूर (निदेशक, ओआईई संदर्भ सीवीए-रेबीज प्रयोगशाला, बेंगलुरु) द्वारा दिया गया।
ट्यूबरकुलोसिस पर व्याख्यान पद्मश्री डॉ. दिगंबर बेहेरा (निदेशक, फुफ्फुस रोग विभाग, फोर्टिस, मोहाली) ने प्रस्तुत किया। वहीं ब्रुसेलोसिस विषय पर व्याख्यान डॉ. एम. नागलिंगम (वरिष्ठ वैज्ञानिक, आईसीएआर-एनआईवीईडीआई, बेंगलुरु) द्वारा दिया गया। विशेषज्ञों ने अपने-अपने विषयों पर विस्तृत जानकारी साझा करते हुए प्रतिभागियों के साथ संवाद भी किया। इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल की गतिविधियों की संक्षिप्त जानकारी डॉ. नरेश कक्कड़ द्वारा साझा की गई।
इस अवसर पर विद्यार्थियों के लिए पोस्टर प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने विज्ञान एवं जूनोटिक रोगों से जुड़े विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। प्रतियोगिता में राकेश कुमार (चतुर्थ वर्ष) ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि ऋचा (चतुर्थ वर्ष) द्वितीय स्थान पर रहीं। तृतीय स्थान खुशी सिहाग को मिला, वहीं सांत्वना पुरस्कार रितु (चतुर्थ वर्ष) को प्रदान किया गया। प्रतियोगिता का संचालन डॉ. तरुण गुप्ता एवं डॉ. मानसिंह ने किया, जबकि निर्णायक मंडल में डॉ. दिव्या एवं डॉ. जोशी शामिल रहे।
कार्यक्रम की मंच एवं ध्वनि व्यवस्था डॉ. कनिष्ठ द्वारा संभाली गई, जबकि बैठने की व्यवस्था अनुसंधान निदेशालय के स्टाफ—संजय, जगजीत, संजू एवं अन्य कर्मचारियों द्वारा सुनिश्चित की गई।
मानव संसाधन एवं प्रबंध निदेशक डॉ. सोनिया सिंधु ने इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल की इंचार्ज के रूप में सक्रिय सहभागिता निभाई।
जनसंपर्क अधिकारी डॉ. निलेश सिंधु ने बताया कि रेबीज, ब्रुसेलोसिस और ट्यूबरक्लोसिस मानव एवं पशु जीवन के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण बीमारी है और आज के व्याख्यान विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, अनुसंधान के प्रति रुचि तथा सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को सुदृढ़ करते हैं।
अंत में डॉ. विजय जाधव ने सभी अतिथियों, विशेषज्ञों, प्रतिभागियों एवं आयोजकों का धन्यवाद ज्ञापित किया।



