Uncategorized

छोटी सोच और पैर की मोंच लक्ष्य प्राप्ति के लिए बाधक- प्रो. संजीव कुमार

सुहेलदेव वि. वि. में गणतंत्र दिवस के अवसर पर कुलपति ने किया ध्वजारोहण,

छोटी सोच और पैर की मोंच लक्ष्य प्राप्ति के लिए बाधक,
….. प्रो. संजीव कुमार
आजमगढ़। महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन पर गणतंत्र दिवस के अवसर पर कुलपति प्रो. संजीव कुमार ने ध्वजारोहण किया। विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के कैडेटों तथा पूर्व सैनिक सुरक्षा कर्मियों ने तिरंगे को सलामी दी। इस अवसर पर कुलपति ने स्वतंत्रता सेनानियों एवं संविधान निर्माताओं को नमन किया। साथ ही साथ पोस्टर प्रतियोगिता, निबंध लेखन प्रतियोगिता, गीत प्रतियोगिता, के सफल प्रतिभागियों को सम्मानित भी किया गया, तथा 23 जनवरी से चल रहे उत्तर प्रदेश दिवस का समापन भी किया गया।
विश्वविद्यालय के मीडिया प्रभारी ने बताया कि आज विश्वविद्यालय परिसर में स्थित प्रशासनिक भवन पर कुलपति प्रो. संजीव कुमार ने तिरंगा फहराकर गणतंत्र दिवस के आयोजन का विधिवत आगाज किया। प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल के निर्देश के क्रम में उत्तर प्रदेश दिवस का विधिवत उत्सव विश्वविद्यालय परिसर में 23 जनवरी से शुरू होकर आज 26 जनवरी को समाप्त हुआ गणतंत्र दिवस का मुख्य कार्यक्रम नवनिर्मित ओपन आइडोटोरियम मे किया गया, जिसमें विश्वविद्यालय की बिटिया शालिनी बरनवाल ने अपने काव्य पाठ से सभी को अभिभूत किया। छात्रा निष्ठा ने संविधान की महत्ता का उल्लेख कर एवं परिसर के कर्मचारी कमलेश ने देशभक्ति गीत और छात्रा अंशिका ने अपने भाषण में कहा कि कभी वतन को महबूब बनाकर देखो तुझ पर मरेगा हर कोई। विश्वविद्यालय के मुखिया ने तृतीय श्रेणी के कर्मचारी प्रदीप कुमार एवं चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी सुरेंद्र जी को उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया। वि. वि. के प्राध्यापक मारुति नंदन ने देश भक्ति काव्य पाठ कर लोगों को आकर्षित किया विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजीव कुमार जी ने पोस्टर प्रतियोगिता में युग सोनी एवं दिशा राय को निबंध में, निखिल, आकांक्षा, और गौरव तथा गीत प्रतियोगिता में शालिनी और नीरज को सम्मानित किया तथा सफल आयोजन के लिए निर्णायक मंडल के प्रति आभार व्यक्त किया।
अपने संबोधन की शुरुआत कुलपति जी ने देश के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को नमन करके किया, उन्होंने कहा कि हमारा संविधान हमें अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों का भी बोध कराता है। इस गणतंत्र की रक्षा करना, उसका सम्मान बनाए रखना और उसे सुदृढ़ करना हम सभी का नैतिक एवं संवैधानिक दायित्व है।
आज का दिन भारत देश के लिए एवं हम सभी के लिए बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि जिस परंपरा को हमने अंगीकार किया वही हमें महान बनाती है, मर्यादा में रहना बड़े छोटे का भेद तथा उनका यथोचित आदर सम्मान इसी परंपरा की देन है। मुझे आशा ही नहीं पूर्ण विश्वास है कि परंपरा की मर्यादा में रहकर के ही हम भारत को विकसित देशों में स्थान दिलवाने में सफल रहेंगे। कल्पना करिए वे जवान जो बॉर्डर पर खड़े होकर हमारी आपकी रक्षा करते हैं उनके त्याग और समर्पण को हम शब्दों में बयां नहीं कर सकते विदेश में रहने वाले भारतीयों के प्रति भी हमें स्नेह रखना चाहिए क्योंकि वह प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से मां भारती का सम्मान कर रहे हैं। जो पुरस्कार वितरित किया गया है उसमें प्रतिभाग करने वाले सभी छात्र-छात्राओं को बधाई देता हूं। पुरस्कार और सम्मान का मूल्यांकन न करें क्योंकि आप कुछ अलग न होते तो सम्मान क्यों प्राप्त होता। कर्मचारियों को आस्वत करना चाहता हूं कि वह अच्छा कार्य करें हम आपको उचित सम्मान देंगे। आने वाले दिनों में शिक्षकों के सम्मान की भी घोषणा की जाएगी इसलिए सभी अपने दायित्व का ईमानदारी से निर्वहन करें दिखावापन से बचे। दिखावेपन की उम्र लंबी नहीं होती 77 साल पहले किए गए कार्य की एक झलक हमारे सामने आज गणतंत्र दिवस के रूप में प्रस्तुत की गई कुलपति जी ने प्रोफेसर मैच में विश्वविद्यालय के विजई होने तथा ओपनर बल्लेबाज के मैन ऑफ मैच होने में बधाई दी। उन्होंने कहा कि आज विश्व में तमाम उथल-पुथल होने के बावजूद भी इतना बड़ा देश और इतनी बड़ी संख्या वाला हमारा प्यारा देश बिना किंतु परंतु के बहुत ही तेजी आगे बढ़ रहा है इसमें एक-एक व्यक्ति की सहभागिता आवश्यक है अभी हाल ही में जर्मनी से समझौता हुआ जिससे विश्व बिरादरी में यह खलबली मच गई की कुछ नया होने वाला है। हुआ भी वही आज विश्व फलक पर बड़ी से बड़ी समस्याओं को सुलझाने के लिए लोग भारत की तरफ टकटकी लगाए बैठे है, आज हमारा देश तीसरी अर्थव्यवस्था बनने की तरफ अग्रसर है इसे हर नागरिक का जीवन स्तर बढ़ेगा आज हर गांव में पक्की सड़क बिजली, शुद्ध पानी, ट्रेन और एयरफोर्स की सुविधा उपलब्ध है। विकास का इससे बड़ा पैमाना कुछ नहीं हो सकता। देश के यशस्वी प्रधानमंत्री के विजन को यदि हम आगे बढ़ाएं तो आने वाला कल हिंदुस्तान का होगा इसके लिए सभी को मिलकर प्रयास करना होगा आप कल से नहीं आज से ही यह निर्णय ले ले कि हम विश्वविद्यालय परिसर में गंदगी नहीं फैलाएंगे तो आने वाला कल प्रधानमंत्री जी के सपनों का भारत होगा यदि हम विश्वविद्यालय कैंपस को स्वच्छ रखेंगे तो उसमें कहीं न कहीं से हमारे सानो शौकत में कमी नहीं होगी। हमें अपने व्यवहार में परिवर्तन लाना होगा मित्रों दुनिया बहुत बड़ी है विश्व छोड़िए भारत को पूरा जान ले यही बहुत बड़ी उपलब्धि होगी सुहेलदेव स्थापित विश्वविद्यालय को स्वच्छ रखने के लिए हमें आज से ही यह प्रण लेना होगा कि हम गंदगी नहीं करेंगे फिर आने वाला कल महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय का होगा, और हमारा विश्वविद्यालय दुनिया के लिए नजीर बनेग। जहां तक विश्वविद्यालय का कम समय में उपलब्धि का प्रश्न है तो इस उपलब्धि के पीछे विश्वविद्यालय परिवार का सामूहिक परिश्रम, समर्पण और निष्ठा निहित है।
कुलपति ने कहा कि आज विश्वविद्यालय के विद्यार्थी केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे राष्ट्र के प्रति जागरूक, जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिक के रूप में आगे बढ़ रहे हैं। यही किसी भी शिक्षण संस्थान की सबसे बड़ी सफलता और उसकी सच्ची पूँजी होती है। उन्होंने कहा कि जब भारत आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है, ऐसे समय में शिक्षण संस्थानों की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है। हमारा विश्वविद्यालय ज्ञान, संस्कार, नैतिकता और राष्ट्रसेवा के मूल्यों के साथ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य कर रहा है यही हमारे भविष्य की सुदृढ़ नींव है। कार्यक्रम के अंत में कुलसचिव डॉ अंजनी कुमार मिश्र जी ने माखनलाल चतुर्वेदी तुम्हारा पुष्प की इच्छा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि चाह नहीं मैं सुरबाला के गहनों में गूंथा जाऊं गाकर माहौल को सुगंधित बना दिया तथा इस खूबसूरत आयोजन के लिए सहज एवं सरल व्यक्तित्व के धनी कुलपति जी तथा आयोजन समिति को धन्यवाद प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर परीक्षा नियंत्रक श्री आनंद कुमार, सहायक कुलसचिव डॉ महेश कुमार ,डॉ। पंकज सिंह ,
डॉ. प्रवेश कुमार सिंह डॉ. जयप्रकाश डॉ. निलेश डॉ. वैशाली, डॉ.प्रियंका कुलपति जी के सहायक भूपेंद्र पांडे एवं विपिन शर्मा प्रांशु सिंह आदि उपस्थित थे कार्यक्रम का संचालन प्राध्यापिका निधि सिंह ने किया।
डॉ.प्रवेश सिंह मीडिया प्रभारी महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय आजमगढ़ मो.न. 9452 44 5878

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
plz call me jitendra patel