श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय में धूमधाम से मना वसंत उत्सव

विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों से समां बांधा, फूलों एवं कृषि उत्पादों पर आधारित प्रदर्शनी का आयोजन किया।
पलवल, (प्रमोद कौशिक) 22 जनवरी : श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय के कृषि फ़ार्म पर बृहस्पतिवार को वसंत पंचमी उत्सव धूमधाम से मनाया गया। विद्यार्थियों ने वसंत ऋतु के स्वागत में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया और फूलों तथा कृषि उत्पादों पर आधारित प्रदर्शनी भी लगाई। विश्वविद्यालय की कुलसचिव प्रोफ़ेसर ज्योति राणा ने मुख्य अतिथि के रूप में समारोह का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि वसंत पंचमी के दिन ही माता सरस्वती का अवतरण हुआ था। माता सरस्वती विद्या की देवी हैं। उनसे कामना है कि सभी को विद्या और कलाओं से निपुण करें। प्रोफ़ेसर ज्योति राणा ने विद्यार्थियों को वसंत ऋतु के महत्व और कृषि के साथ उसके जुड़ाव के बारे में भी बताया। उन्होंने विद्यार्थियों को कृषि क्षेत्र में अपना करियर बनाने और उद्यमिता को अपनाने का भी आह्वान किया। कृषि संकाय के डीन प्रोफ़ेसर डीवी पाठक ने अतिथियों का स्वागत किया और कृषि संकाय की गतिविधियों तथा उपलब्धियों के बारे में जानकारी दी। इस अवसर पर विशिष्ट रूप में उपस्थित रहे ग्रीन टेक्नोलॉजी डिपार्टमेंट के चेयरपर्सन डॉ. सुनील गर्ग और कुलगुरु के विशिष्ट कार्य अधिकारी संजीव तायल ने भी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। विद्यार्थियों ने इस अवसर पर विदेशी फूलों की प्रदर्शनी भी लगाई और साथ ही विश्वविद्यालय के केन्द्र में उत्पादित शहद, सब्जियों व अन्य उत्पादों को प्रदर्शनी में शामिल किया और साथ ही छात्राओं ने खाद्य पदार्थों के स्टॉल लगाकर अपनी पाक कला का नमूना पेश किया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों ने ख़ूब वाहवाही बटोरी। मुख्यातिथि प्रोफेसर ज्योति राणा ने मेधावी विद्यार्थियों को पुरस्कृत भी किया। इस अवसर पर सहायक प्रोफ़ेसर डॉ. हरीश कुमार, डॉ. तेजेन्द्र सिंह, डॉ. गुरप्रीत, डॉ. स्मिता श्रीवास्तव, डॉ. खुशबू, डॉ. गीता, पुष्पेंद्र, चंद्रशेखर और ब्रह्मजीत सहित काफी स्टाफ और कृषि संकाय के विद्यार्थी उपस्थित थे।
वसंत उत्सव में पुष्प प्रदर्शनी का अवलोकन करती कुलसचिव प्रोफेसर ज्योति राणा।
मेधावी छात्रा को पुरस्कृत करती कुलसचिव प्रोफेसर ज्योति राणा।
वसंत उत्सव में विद्यार्थियों को सम्बोधित करती कुलसचिव प्रोफेसर ज्योति राणा।




